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बारदाना की कमी व लेबर के न मिलने से धान खरीद लटकी
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बारदाने की कमी से रुकी धान की खरीद
धामपुर। बारदाना की कमी के चलते क्रय केंद्रों पर अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। अधिकांश क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। केंद्रों पर मजदूर न मिलने की वजह से भी धान की तौल करना मुश्किल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों से बारिश से भीगे धान का सैंपल फेल कर उन्हें लौटा कर परेशान किया जा रहा है। ऐसे में व्यापारी सरकारी रेट से आधे दामों पर धान खरीद कर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
धामपुर तहसील क्षेत्र में धान के नौ क्रय केंद्र हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ क्रय केंद्र अफजलगढ़ में हैं। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र बारदाना के अभाव में सुनसान पड़े हैं। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि बारिश की वजह से बारदाना नहीं मिल पाया है। क्रय केंद्रों पर बारदाना न होने की वजह से खरीद करना मुश्किल हो रहा है। लेबर धान कटाई में व्यस्त होने खरीद केंद्राें के लिए नहीं मिल पा रही है।
किसान दिनेश, महावीर सिंह, विक्रम सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि ऐसे हालात से केंद्र प्रभारी बारिश से भीगे धान को खराब बताकर किसानों को वापस कर रहे हैं। अधिकांश किसानों का धान खराब हो चुका है। खेतों में कटा धान पूरी तरह से काला पड़ चुका है। व्यापारी भी खराब धान को सरकारी रेट से आधे दामों में लेकर 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल में खरीद रहे हैं। चेताया कि धान की खरीद में मनमानी की तो अधिकारियों का घेराव होगा।
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शासन को अधोमानक धान खरीद का प्रस्ताव
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अमित द्विवेदी का कहना है कि शासन को बारिश की स्थिति से अवगत करा दिया गया है। ऐसे में अधोमानक धान खरीद कर लक्ष्य पूरा करने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से प्रस्ताव पास होते ही मानकानुसार धान की खरीद की जाएगी।
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धामपुर। बारदाना की कमी के चलते क्रय केंद्रों पर अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। अधिकांश क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। केंद्रों पर मजदूर न मिलने की वजह से भी धान की तौल करना मुश्किल हो रहा है। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्रों से बारिश से भीगे धान का सैंपल फेल कर उन्हें लौटा कर परेशान किया जा रहा है। ऐसे में व्यापारी सरकारी रेट से आधे दामों पर धान खरीद कर किसानों का शोषण कर रहे हैं।
धामपुर तहसील क्षेत्र में धान के नौ क्रय केंद्र हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ क्रय केंद्र अफजलगढ़ में हैं। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र बारदाना के अभाव में सुनसान पड़े हैं। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि बारिश की वजह से बारदाना नहीं मिल पाया है। क्रय केंद्रों पर बारदाना न होने की वजह से खरीद करना मुश्किल हो रहा है। लेबर धान कटाई में व्यस्त होने खरीद केंद्राें के लिए नहीं मिल पा रही है।
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किसान दिनेश, महावीर सिंह, विक्रम सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि ऐसे हालात से केंद्र प्रभारी बारिश से भीगे धान को खराब बताकर किसानों को वापस कर रहे हैं। अधिकांश किसानों का धान खराब हो चुका है। खेतों में कटा धान पूरी तरह से काला पड़ चुका है। व्यापारी भी खराब धान को सरकारी रेट से आधे दामों में लेकर 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल में खरीद रहे हैं। चेताया कि धान की खरीद में मनमानी की तो अधिकारियों का घेराव होगा।
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शासन को अधोमानक धान खरीद का प्रस्ताव
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अमित द्विवेदी का कहना है कि शासन को बारिश की स्थिति से अवगत करा दिया गया है। ऐसे में अधोमानक धान खरीद कर लक्ष्य पूरा करने का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से प्रस्ताव पास होते ही मानकानुसार धान की खरीद की जाएगी।