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रतनपुर से पदमपुर संपर्क मार्ग हुआ खस्ताहाल
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बिजनौर। मंडावर क्षेत्र के गांव रतनपुर रियाया से गांव पदमपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग टूटा पड़ा है। सड़क के बीच में कई जगहों पर चौड़े और गहरे गड्ढे हैं। तेज बारिश होने पर इनमें दो फीट तक पानी भर जाता है और सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है।
गांव रतनपुर रियाया और पदमपुर करीब डेढ़ किमी लंबे संपर्क मार्ग से जुड़े हैं। यह मार्ग पदमपुर के साथ-साथ करीब छह अन्य गांवों को भी मुख्य मार्ग से जोड़ता है। पिछले तीन साल से यह संपर्क कई जगह से टूटा है। सड़क में छोटे-बड़े गड्डे बन गए हैं। कुछ तो तीन से चार मीटर तक चौड़े हैं। तेज बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। कीचड़ और फिसलन के कारण वाहन फिसलकर गिर जाते हैं। राहगीरों, किसानों और खासकर साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
खेतों को सड़क से ऊंचा होना भी जलभराव की मुख्य वजह है। कुछ जगहों पर खेत सड़क से तीन से चार फीट ऊंचे हैं। बरसात और सिंचाई का पानी अधिक भरने पर वह खेतों से बाहर निकल जाता है और सड़क पर एकत्र हो जाता है। सड़क से पानी को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ साल पहले जल निकासी के लिए सड़क किनारे कच्ची नाली बनवाई गई थी। लेकिन अब ये नालियां पूरी तरह से बंद हो चुकी है। सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से सड़क टूटती जा रही है।
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पदमपुर के ग्राम शिव कुुमार ने बताया कि वे दो बार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता के पास मार्ग की मरम्मत कार्य के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। पदमपुर और अन्य गांवों के ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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गांव रतनपुर रियाया और पदमपुर करीब डेढ़ किमी लंबे संपर्क मार्ग से जुड़े हैं। यह मार्ग पदमपुर के साथ-साथ करीब छह अन्य गांवों को भी मुख्य मार्ग से जोड़ता है। पिछले तीन साल से यह संपर्क कई जगह से टूटा है। सड़क में छोटे-बड़े गड्डे बन गए हैं। कुछ तो तीन से चार मीटर तक चौड़े हैं। तेज बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। कीचड़ और फिसलन के कारण वाहन फिसलकर गिर जाते हैं। राहगीरों, किसानों और खासकर साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
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खेतों को सड़क से ऊंचा होना भी जलभराव की मुख्य वजह है। कुछ जगहों पर खेत सड़क से तीन से चार फीट ऊंचे हैं। बरसात और सिंचाई का पानी अधिक भरने पर वह खेतों से बाहर निकल जाता है और सड़क पर एकत्र हो जाता है। सड़क से पानी को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ साल पहले जल निकासी के लिए सड़क किनारे कच्ची नाली बनवाई गई थी। लेकिन अब ये नालियां पूरी तरह से बंद हो चुकी है। सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से सड़क टूटती जा रही है।
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पदमपुर के ग्राम शिव कुुमार ने बताया कि वे दो बार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता के पास मार्ग की मरम्मत कार्य के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। पदमपुर और अन्य गांवों के ग्रामीणों ने मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।