{"_id":"609586118ebc3e6acc1d563e","slug":"oxygen-will-be-made-for-sugar-mills-in-bijnor-district-bijnor-news-mrt5374461109","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर जिले की चीनी मिल बनाएंगी ऑक्सीजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर जिले की चीनी मिल बनाएंगी ऑक्सीजन
विज्ञापन
बिजनौर जिले की चीनी मिल बनाएंगी ऑक्सीजन
बिजनौर। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जिला प्रशासन एक बार फिर चीनी मिलों की मदद ले रहा है। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में भारी मात्रा में सैनिटाइजर बनाया गया था। जिले की चीनी मिलों में बनाया गया सैनिटाइजर पूरे देश में भेजा गया था। इस बार प्रशासन ने चीनी मिलों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने को कहा है। जिले की चार चीनी मिल एथनॉल बनाती हैं। इन मिलों में ऑक्सीजन प्लांट लग सकता है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पिछले साल तक कोई टीका नहीं था। तब सावधानी, मास्क, सैनिटाइजर और साबुन ही इसके खिलाफ सबसे बड़े हथियार थे। जिले की धामपुर, बरकातपुर, अफजलगढ़ और स्योहारा चीनी मिलों ने पिछले साल पहली बार सैनिटाइजर बनाया था। जनहित में चीनी मिलों ने सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजर का छिड़काव भी कराया था। इस बार कोरोना संक्रमित लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की पड़ रही है। जिले में ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन उनसे मांग के बराबर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए जिले के कुछ उद्यमियों ने आवेदन भी किया है।
अब प्रशासन ने चीनी मिल के अफसरों को जनहित में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए कहा है। डीएम ने मिल अफसरों के साथ बैठक में कहा है कि अफजलगढ़, स्योहारा, बरकातपुर व धामपुर चीनी मिलों में एथनॉल बनाया जाता है। इन मिलों में आराम से ऑॅक्सीजन प्लांट लगाया जा सकता है। मिलों के पास तकनीकी व अन्य स्टाफ पहले से ही रहता है। मिलों में प्लांट लगाने के काम को बहुत तेजी से अंजाम दिया जा सकता है। ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू होने पर ऑक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी। डीसीओ यशपाल सिंह ने जिला प्रशासन और चीनी मिल अफसरों की इस संबंध में बैठक की पुष्टि की है।
विज्ञापन
मिलें करा रहीं सैनिटाइजेशन
जिले की चीनी मिलों ने पिछले साथ सैनिटाइजर बनाया था लेकिन इस बार सैनिटाइजर का बाजार एकदम गिरा हुआ है। संक्रमण की विस्फोटक स्थिति होने के बाद भी जनता सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं कर रही है। चीनी मिलें पिछले साल के बचे सैनिटाइजर से अब भी सार्वजनिक स्थानों का सैनिटाइजेशन करा रही हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जिला प्रशासन एक बार फिर चीनी मिलों की मदद ले रहा है। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में भारी मात्रा में सैनिटाइजर बनाया गया था। जिले की चीनी मिलों में बनाया गया सैनिटाइजर पूरे देश में भेजा गया था। इस बार प्रशासन ने चीनी मिलों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने को कहा है। जिले की चार चीनी मिल एथनॉल बनाती हैं। इन मिलों में ऑक्सीजन प्लांट लग सकता है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पिछले साल तक कोई टीका नहीं था। तब सावधानी, मास्क, सैनिटाइजर और साबुन ही इसके खिलाफ सबसे बड़े हथियार थे। जिले की धामपुर, बरकातपुर, अफजलगढ़ और स्योहारा चीनी मिलों ने पिछले साल पहली बार सैनिटाइजर बनाया था। जनहित में चीनी मिलों ने सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजर का छिड़काव भी कराया था। इस बार कोरोना संक्रमित लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की पड़ रही है। जिले में ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन उनसे मांग के बराबर आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए जिले के कुछ उद्यमियों ने आवेदन भी किया है।
विज्ञापन
अब प्रशासन ने चीनी मिल के अफसरों को जनहित में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए कहा है। डीएम ने मिल अफसरों के साथ बैठक में कहा है कि अफजलगढ़, स्योहारा, बरकातपुर व धामपुर चीनी मिलों में एथनॉल बनाया जाता है। इन मिलों में आराम से ऑॅक्सीजन प्लांट लगाया जा सकता है। मिलों के पास तकनीकी व अन्य स्टाफ पहले से ही रहता है। मिलों में प्लांट लगाने के काम को बहुत तेजी से अंजाम दिया जा सकता है। ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू होने पर ऑक्सीजन की किल्लत दूर हो जाएगी। डीसीओ यशपाल सिंह ने जिला प्रशासन और चीनी मिल अफसरों की इस संबंध में बैठक की पुष्टि की है।
विज्ञापन
मिलें करा रहीं सैनिटाइजेशन
जिले की चीनी मिलों ने पिछले साथ सैनिटाइजर बनाया था लेकिन इस बार सैनिटाइजर का बाजार एकदम गिरा हुआ है। संक्रमण की विस्फोटक स्थिति होने के बाद भी जनता सैनिटाइजर का प्रयोग नहीं कर रही है। चीनी मिलें पिछले साल के बचे सैनिटाइजर से अब भी सार्वजनिक स्थानों का सैनिटाइजेशन करा रही हैं।