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आउटसोर्सिंग कर्मी ने की भद्रता, भड़के पालिककर्मी

Fri, 25 Jun 2021 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:27 PM IST
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Outsourcing worker committed indecency, furious municipal workers
आउटसोर्सिंग कर्मी ने की अभद्रता, भड़के पालिककर्मी
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धामपुर। नगर विकास कर्मचारी महासंघ के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पालिका के कार्यालयों में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात पालिका में जलकल विभाग में आउट सोर्सिंग कर्मी ने पालिका के संपत्ति बाबू से फोन पर अभद्रता की। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। शुक्रवार को कार्यालय खुलते ही पहले नगर विकास कर्मचारी महासंघ के कार्यकर्ताओं ने सभा की और आउटसोर्सिंग कर्मी को नौकरी से हटाने की मांग की। पालिकाध्यक्ष राजू और ईओ सुभाष कुमार ने आरोपी कर्मी से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई, लेकिन इसके बाद भी महासंघ ने तालाबंदी वापस नहीं ली।
नगरपालिका की ओर से तीन दिन पहले सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया था। इस अभियान में आउटसोर्सिंग कर्मी अमरीश कुमार अग्रवाल को नहीं ले जाया गया। संपत्ति बाबू विशाल अग्रवाल का कहना है कि अमरीश ने बृहस्पतिवार रात उन्हें फोन कर उनके ऊपर अभियान से रोके जाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ अभद्रता की। कहा कि यदि वह अभियान में शामिल हो जाता तो कम से कम 50 लाख रुपये उसे प्राप्त हो जाते। पहले भी आरोपी कर्मी पालिका के कई सदस्यों और कर्मियों के साथ अभद्रता कर चुका है। हालांकि अमरीश कुमार अग्रवाल ने लगे आरोपों को गलत बताया है।
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शुक्रवार को कार्यालय पहुंचने पर संपत्ति बाबू ने मामले को यूनियन के समक्ष रखा। जिससे अन्य कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। कर्मचारियों ने पहले कार्यालय में ही सभा की जिसमें आरोपी को नौकरी से हटवाने, महासंघ के समक्ष माफी मांगने, पालिका आने पर पूरी तरह से रोक लगाने और पुलिस में रिपोर्ट कायम कराकर कार्रवाई करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन ईओ और पालिकाध्यक्ष को सौंपा। इसके बाद सभी कार्यालयों की तालाबंदी कर चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वे कार्य नहीं करेंगे।
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पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता और ईओ सुभाष कुमार ने दोनों पक्षों की बात को सुनने के बाद आरोपी कर्मी से माफी भी मंगवा दी और तीन माह तक उसके पालिका आने पर भी रोक लगा दी। लेकिन फिर भी महासंघ ने विवाद को खत्म नहीं किया। ईओ ने यहां तक कह दिया कि यदि संपत्ति बाबू आरोपी के खिलाफ थाने में तहरीर देना चाहते हैं तो वह स्वतंत्र हैं। तालाबंदी में सफाई निरीक्षक इंद्रपाल सिंह, जेई सिविल नेपाल सिंह, जेई जलकल हेमंत कुमार, पुष्पेंद्र सक्सेना, अमित गुप्ता, विकास अग्रवाल, सुनील कुमार, नितिन कुमार, जीत सिंह, विशाखा, चेतन आदि शामिल रहे।
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