फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Organic fertilizers will be promoted to improve soil health.

Bijnor News: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए जैविक खाद को दिया जाएगा बढ़ावा

Tue, 10 Oct 2023 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 10 Oct 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
Organic fertilizers will be promoted to improve soil health.
- डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा हो रही यूरिया की खपत
विज्ञापन

- जनपद में जैविक खेती को लगातार दिया जा रहा बढ़ावा
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। यदि सब कुछ योजना के तहत हुआ, तो आने वाले तीन वर्षों में रसायनिक उर्वरकों की खपत कम की जाएगी। इसके स्थान पर वैकल्पिक उर्वरक आर्गेनिक, वर्मी कम्पोस्ट, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, सिटी कंपोस्ट आदि के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। जिले में डेढ़ लाख मीट्रिक टन से ज्यादा अकेले यूरिया की खपत है। इसके लिए कृषि विभाग पीएम प्रणाम योजना के तहत आगामी तीन वर्षों में रासायनिक उर्वरकों को कम करने की कार्ययोजना बनाएगा।
अधिक उत्पादन के लालच में किसान असंतुलित मात्रा में रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। रसायनिक उर्वरकों के ज्यादा प्रयोग से धरती का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। अंधाधुंध रसायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल होने से वायु, पानी एवं मनुष्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार ने तीन वर्षों में रसायनिक उर्वरकों के वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने और रसायनिक उर्वरकों की खपत कम करने पर जोर दे रही है। इस संबंध में जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। कि आगामी 3 वर्षो में रसायनिक उर्वरकों के वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग को बढ़ावा देने और संतुलित उर्वरकों के प्रयोग के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए है।
विज्ञापन



गंगा किनारे क्षेत्र में हो रही जैविक खेती
नमामि गंगे योजना के तहत जनपद के खाद क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है। कृषि विभाग संबंधित अन्य विभागों के माध्यम से जैविक खेती के दायरें को लगातार बढ़ा रहे हैं। कृषि विभाग के अफसरों के अनुसार गंगा किनारे 46 गांवों में जैविक खेती की जा रही है। खादर में गन्ना, गेहूं , सब्जियों की खेती हो रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



तीन साल में रासायनिक उर्वरक हुए इस्तेमाल
वर्ष 2020-2021 - वर्ष 2021-2022 - वर्ष 2022-23
यूरिया - 153641.00 - 157956.00 - 152132.00
डीएपी - 35250.00 - 20210.00 - 28563.00
एनपीके - 10875.00 - 15426.00 - 5067.00
-नोट - उवर्रकों की मात्र मीट्रिक टन में है और आंकड़े कृषि विभाग से लिए हुए हैं। वर्ष 2022-23 में अभी तक के आंकड़े है।
---
- गोष्ठी, किसान मेलों के माध्यम से किसानों को फसलों के उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों की जगह वैकल्पिक उर्वरकों के प्रयोग करने को जागरूक किया जा रहा है। जैविक खेती के लिए लगातार किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कई गांवों में काफी किसान जैविक खेती करने लगे हैं।
-जसवीर तेवतिया, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed