आईटीआई में 47 प्रतिशत ही पहुंचे छात्र
बिजनौर। जिले के आईटीआई में सात माह बाद चहल पहल लौटी। प्रशिक्षणार्थी की कक्षाओं में उपस्थिति अच्छी रही। प्रशिक्षणार्थियों ने संस्थान को खोलने के निर्णय को छात्रहित में बताया। जिले पांच राजकीय तथा 17 निजी आईटीआई हैं। कोरोना के कारण संस्थान करीब सात माह से बंद थे।
लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई से थ्योरी का पाठ्यक्रम पूरे कर दिया गया था। छात्र प्रयोगात्मक कार्य को लेकर चिंतित थे। राजकीय आईटीआई बिजनौर में पहले चरण में बुलाए गए दो वर्षीय फाइनल के 318 में से 135 प्रशिक्षणार्थी तथा एक वर्षीय पाठ्यक्रम के 184 में से 100 प्रशिक्षणार्थी पहले दिन उपस्थित हुए। बताया गया कि संस्थान में किरतपुर मौजमपुर, नजीबाबाद, चांदपुर, हल्दौर क्षेत्र के छात्र पढ़ने आते हैं। रेल संचालन बंद होने से उपस्थिति पर असर है। राकेश कुमार वरिष्ठ सहायक ने बताया कि छात्रों की प्रवेश द्वार पर एक एक कर थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी। प्रयोगशालाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हुआ। जल्द ही छात्रों की उपस्थिति सामान्य हो जाएगी। फिटर फाइनल की छात्रा वासु का कहना है कि कोरोना से बचकर आगे बढ़ना है। संस्थान का खोलना सही है। पिंकी का कहना है कि घर पढ़ने से परेशानियों का निदान नहीं हो रहा था। मंडावर के गांव हुसैनपुर निवासी अरविंद का कहना है कि स्कूल खुल गए ठीक हुआ। पढ़ाई का नुकसान हो रहा था।

बिजनौर में सात महीने बाद आईटीआई खुलने पर कक्षा में पढ़ती छात्राएं।- फोटो : BIJNOR