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‘ऋण देने में अधिकारी न बरतें लापरवाही’
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‘ऋण देने में अधिकारी न बरतें लापरवाही’
बिजनौर। सीडीओ कामता प्रसाद सिंह ने बैंकर्स को निर्देश दिए हैं कि शासन की ओर से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला सशक्तिकरण को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक गठित महिला समूहों को रोजगार उपलब्ध कराकर उचित मार्गदर्शन के साथ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने बैंकर्स को ये भी निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित एनआरएलएम योजना सहित सभी कार्यक्रमों एवं योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
सीडीओ कामता प्रसाद सिंह विकास भवन के सभागार में डीएलआरसी की बैठक लेकर अफसरों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि इस योजना में जून-2021 तक कुल 10 हजार 550 समूहों का गठन किया जा चुका है, जिसमें 6999 समूहों के खाते विभिन्न बैकों में खोले जा चुके हैं। 1928 खातों का केडिट लिकेज किया जा चुका है और 5724 समूहों को रिवाल्विंग का वितरण किया गया। उन्होंने समस्त बैंकर्स को निर्देश दिए कि जिन बैकों में महिला समूहों के खाते नहीं खोले जा रहे हैं, वे बैंक खाते खुलवाएं और जिन बैंकों में महिला समूहों के आवेदन ऋण के लिए लंबित हैं, उनका शीघ्रता से निस्तारण कराएं। उन्होंने ऋण जमा अनुपात की स्थिति 40 प्रतिशत से कम पाए जाने पर यस बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया तथा पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी स्थिति में तत्काल सुधार लाएं। बैंकों द्वारा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना में ऋण देने में लापरवाही बरती जा रही है। इस अवसर पर जिला अग्रणी बैक प्रबंधक, डीसी एनआरएलएम, प्रबंधक नाबार्ड, समस्त बैंकर्स सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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बिजनौर। सीडीओ कामता प्रसाद सिंह ने बैंकर्स को निर्देश दिए हैं कि शासन की ओर से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला सशक्तिकरण को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए अधिक से अधिक गठित महिला समूहों को रोजगार उपलब्ध कराकर उचित मार्गदर्शन के साथ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने बैंकर्स को ये भी निर्देश दिए कि शासन द्वारा संचालित एनआरएलएम योजना सहित सभी कार्यक्रमों एवं योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
सीडीओ कामता प्रसाद सिंह विकास भवन के सभागार में डीएलआरसी की बैठक लेकर अफसरों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना की समीक्षा करते हुए पाया कि इस योजना में जून-2021 तक कुल 10 हजार 550 समूहों का गठन किया जा चुका है, जिसमें 6999 समूहों के खाते विभिन्न बैकों में खोले जा चुके हैं। 1928 खातों का केडिट लिकेज किया जा चुका है और 5724 समूहों को रिवाल्विंग का वितरण किया गया। उन्होंने समस्त बैंकर्स को निर्देश दिए कि जिन बैकों में महिला समूहों के खाते नहीं खोले जा रहे हैं, वे बैंक खाते खुलवाएं और जिन बैंकों में महिला समूहों के आवेदन ऋण के लिए लंबित हैं, उनका शीघ्रता से निस्तारण कराएं। उन्होंने ऋण जमा अनुपात की स्थिति 40 प्रतिशत से कम पाए जाने पर यस बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया तथा पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपनी स्थिति में तत्काल सुधार लाएं। बैंकों द्वारा सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना में ऋण देने में लापरवाही बरती जा रही है। इस अवसर पर जिला अग्रणी बैक प्रबंधक, डीसी एनआरएलएम, प्रबंधक नाबार्ड, समस्त बैंकर्स सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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