फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Number of blood donors is increasing due to awareness

जागरूकता से बढ़ रही रक्तदाताओं की तादाद

Tue, 29 Sep 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
Number of blood donors is increasing due to awareness
अजय कुमार सिंह। - फोटो : BIJNOR
जागरूकता से बढ़ रही रक्तदाताओं की तादाद
विज्ञापन

बिजनौर। रक्तदान करने के प्रति भ्रांतियों को छोड़ अब बिना डरे ही रक्तदाता स्वेच्छा से रक्तदान करने चले आते हैं। हमें अपना रक्त देकर गर्भवती, महिलाओं, थैलेसीमिया और दुर्घटना में घायल आदि गंभीर रोगियों की जान बचाने से गुरेज नहीं करना चाहिए। सभी 18 से 60 साल तक स्वस्थ लोगों को इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है। अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविरों के आयोजन कराने का उद्देश्य सिर्फ लोगों को रक्तदान की महत्ता और इसके होने वाले फायदों के बारे में जागरूक करना है। चिकित्सकों के अनुसार एक रक्तदान से चार जान बचाई जा सकती हैं यानी एक आदमी का खून चार लोगों के काम आ सकता है। इसलिए हर तीन माह पर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
दिव्यांगता को नहीं आने दिया आड़े
वेब शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड बिजनौर के प्रशासनिक अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि वे सात साल से रक्तदान करते आ रहे हैं। अब तक अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बिजनौर में जितनी बार भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। उन्होंने रक्तदान करने का पुण्य कार्य किया। अजय बताते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। रक्तदान में उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कभी आड़े नहीं आने दिया, बल्कि ऐसे लोगों को सीख देने का काम किया है, जो पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर भी रक्तदान करने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारा खून की किसी जरूरतमंद के काम आए तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
विज्ञापन

मां की बीमारी से मिली प्रेरणा
राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा का कहना है कि वे अब तक चार बार रक्तदान कर चुके हैं। कूल्हे में परेशानी होने पर उन्होंने चिकित्सकों की सलाह पर मेरठ में अपनी माता जी का ऑपरेशन कराया। जब ब्लड की आवश्यकता पड़ी तो वे पूरी रात मेरठ के विभिन्न ब्लड बैंकों में ब्लड के लिए परेशान घूमते रहे। मगर समस्या का समाधान नहीं हुआ। फिर उन्होंने सीएमओ कार्यालय मेरठ में कार्यरत एक परिचित को फोन किया तो उन्होंने रक्त के बदले रक्त दिलाने की बात कही। तब से वे हर बार अमर उजाला के रक्तदान शिविर में रक्तदान करते हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खून देकर बचाई थी सहपाठी की जान
भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह का कहना है कि अब तक वे करीब 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। सबसे पहले उन्होंने बीएससी में पढ़ते समय अपने एक सहपाठी की खून देकर जान बचाई थी। तभी से उन्हें लगा कि उन्हें समय समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि खून एक ऐसी चीज है, जिसका निर्माण के केवल शरीर में ही होता है। इसलिए किसी को भी रक्तदान करने से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि सभी लोगों को पूरी दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ रक्तदान करना चाहिए।

राकेश शर्मा।

राकेश शर्मा।- फोटो : BIJNOR

दिगम्बर सिंह।

दिगम्बर सिंह।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed