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अब एंबुलेंस के फायदे बताएंगे ‘मित्र’
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बिजनौर। एंबुलेंस का लाभ लेने के लिए मरीजों को अस्पतालों में जागरूक किया जाएगा। इसके लिए एक अस्पताल में एक एंबुलेंस मित्र रखा जाएगा, जो मरीजों को एंबुलेंस के फायदे बताएगा।
जिले में पांच सरकारी अस्पतालों ला अस्पताल, किरतपुर, नजीबाबाद, अफजलगढ़, चंदक, कोतवाली देहात में एंबुलेंस मित्र योजना के तहत एक बेंच बनाई जाएगी। जिस पर एक एंबुलेंस मित्र रहेगा। जो अस्पताल आने वाले मरीजों को एंबुलेंस के फायदे बताएगा। साथ ही उन्हें एंबुलेंस का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेगा। अगर देखा जाए तो जिले में इस समय 64 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं। जिसमें 102 की 31 एंबुलेंस और 108 की 33 एंबुलेंस संचालित हैं।
बड़ा सवाल, समय पर एंबुलेंस के पहुंचने का है
एक तरफ तो लोगों को एंबुलेंस के फायदे बताने के लिए एक बेंच बनाई जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल समय पर एंबुलेंस की उपलब्धता और उसके समय पर पहुंचने का है। आए दिन एंबुलेंस देरी से पहुंचने की शिकायतें होती रहती है। इसके फायदों से भी कोई अनभिज्ञ नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस में ही नवजात को जन्म दे देती है। इसका एक कारण एंबुलेंस का देरी से पहुंचना भी माना जाता है। तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस को फोन किया जाता है। एंबुलेंस अधिक दूरी पर होने की वजह से समय से नहीं पहुंच पाती हैं।
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मरीजों को एंबुलेंस का अधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलेभर में एंबुलेंस के हॉटस्पॉट बनाए हुए हैं, जहां एंबुलेंस खड़ी रहती है। मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है।.....गिरीश पुरोहित, जिला कार्यक्रम प्रबंधक
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जिले में पांच सरकारी अस्पतालों ला अस्पताल, किरतपुर, नजीबाबाद, अफजलगढ़, चंदक, कोतवाली देहात में एंबुलेंस मित्र योजना के तहत एक बेंच बनाई जाएगी। जिस पर एक एंबुलेंस मित्र रहेगा। जो अस्पताल आने वाले मरीजों को एंबुलेंस के फायदे बताएगा। साथ ही उन्हें एंबुलेंस का लाभ लेने के लिए प्रेरित करेगा। अगर देखा जाए तो जिले में इस समय 64 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं। जिसमें 102 की 31 एंबुलेंस और 108 की 33 एंबुलेंस संचालित हैं।
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बड़ा सवाल, समय पर एंबुलेंस के पहुंचने का है
एक तरफ तो लोगों को एंबुलेंस के फायदे बताने के लिए एक बेंच बनाई जा रही है, लेकिन बड़ा सवाल समय पर एंबुलेंस की उपलब्धता और उसके समय पर पहुंचने का है। आए दिन एंबुलेंस देरी से पहुंचने की शिकायतें होती रहती है। इसके फायदों से भी कोई अनभिज्ञ नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि गर्भवती महिलाएं एंबुलेंस में ही नवजात को जन्म दे देती है। इसका एक कारण एंबुलेंस का देरी से पहुंचना भी माना जाता है। तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस को फोन किया जाता है। एंबुलेंस अधिक दूरी पर होने की वजह से समय से नहीं पहुंच पाती हैं।
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मरीजों को एंबुलेंस का अधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिलेभर में एंबुलेंस के हॉटस्पॉट बनाए हुए हैं, जहां एंबुलेंस खड़ी रहती है। मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है।.....गिरीश पुरोहित, जिला कार्यक्रम प्रबंधक