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नहीं दिखाई गई फिल्म पद्मावत
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 26 Jan 2018 12:12 AM IST
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बिजनौर के शास्त्री चौक पर संजय लीला भंसाली का पुतला फूंकते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में विरोध को देखते हुए आखिरकार फिल्म पद्मावत जिले में प्रदर्शित नहीं की गई। सुरक्षा की दृष्टि से शॉपर्स प्राइड मॉल में बने एसआरएस सिनेमाघर के बाहर पुलिस तैनात रही। फिल्म 26 जनवरी को भी जिले के किसी सिनेमा में प्रदर्शित नहीं होगी।
जिले में सात सिनेमा हॉल में से केवल एसआरएस सिनेमाघर ने ही फिल्म का प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल मांगा गया था। हालांकि शॉपर्स प्राइड मॉल के मैनेजर केडी सिंह ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म का प्रदर्शन न कराने के लिए हैड ऑफिस को पत्र लिख दिया। सभी परिस्थितियों को देखते हुए बृहस्पतिवार को फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया गया। फिल्म का प्रदर्शन न होने के बाद भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। जिला मनोरंजन कर अधिकारी एसबी सिंह के अनुसार जिले में बृहस्पतिवार को कहीं भी फिल्म पद्मावत का प्रदर्शन नहीं किया गया है। फिल्म चलाना या न चलाना सिनेमा हॉल मालिक पर निर्भर है।
वहीं चांदपुर में युवाओं ने फिल्म पद्मावत के विरोध में संजय लीला भंसाली का पुतला फूंककर अपना गुस्सा व्यक्त किया। गांव सैंदवार में चांदपुर-जलीलपुर रोड पर विकास शर्मा के नेतृत्व में युवा एकत्र हुए तथा फिल्म पद्मावत व संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद संजय लीला भंसाली के पुतले में आग लगा दी। इसमें पुष्पराज, शलभ चौहान, चर्चित राजपूत, गब्बर, भोला, निक्की, कुंज प्रताप, राजन, रजत राणा, अनुराग, गौरव राजपूत, तेज राजपूत, पंकज, कुणाल जाटव आदि मौजूद रहे।
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उधर, धामपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को रिलीज हुई पद्मावत फिल्म क्षत्रिय महासंघ के विरोध के कारण धामपुर में भी नहीं चली। वहीं वरिष्ठ नागरिक समिति ने रानीबाग कॉलोनी में एक सभा की और चेताया कि यदि जिले में फिल्म दिखाई गई तो आंदोलन किया जाएगा। महासंघ के अध्यक्ष जगदीश सिंह चौहान ने कहा कि यह फिल्म क्षत्रियों की शान के खिलाफ है। महारानी पद्मावती क्षत्रिय समाज की ही नहीं बल्कि समूचे हिंदू समाज की महिलाओं के सम्मान का प्रतीक हैं। अलाउद्दीन खिलजी विदेशी आक्रमणकारी था। बैठक में हरिराज सिंह, लवली, रामकुमार सिंह, राजपाल सिंह, महीपाल सिंह आदि रहे। उधर, सिनेमाहाल मालिकों का कहना है कि जब देश में विरोध हो रहा है, तब तक फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
वहीं नजीबाबाद में भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ की ओर से भाजपाइयों ने तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग प्रकोष्ठ के संयोजक विक्रम सिंह खोबे, चौधरी ईशम सिंह, ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह, निखिल शर्मा, पंकज शर्मा, संदीप तायल, सचिन शर्मा, शुभम कश्यप, रुस्तम यादव के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ की ओर से एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें संजय लीला भंसाली की ओर से निर्देशित फिल्म में पद्मावत चरित्र को तोड़ मरोड़कर पेश कर क्षत्रिय समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। तहसील पहुंचे प्रदर्शनकारियों में कुनाल यादव, मोहित शर्मा, अवनीश चौहान, अभिषेेक यादव, हेमेंद्र, अरविंद शर्मा शामिल थे।
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जिले में सात सिनेमा हॉल में से केवल एसआरएस सिनेमाघर ने ही फिल्म का प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल मांगा गया था। हालांकि शॉपर्स प्राइड मॉल के मैनेजर केडी सिंह ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिल्म का प्रदर्शन न कराने के लिए हैड ऑफिस को पत्र लिख दिया। सभी परिस्थितियों को देखते हुए बृहस्पतिवार को फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया गया। फिल्म का प्रदर्शन न होने के बाद भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। जिला मनोरंजन कर अधिकारी एसबी सिंह के अनुसार जिले में बृहस्पतिवार को कहीं भी फिल्म पद्मावत का प्रदर्शन नहीं किया गया है। फिल्म चलाना या न चलाना सिनेमा हॉल मालिक पर निर्भर है।
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वहीं चांदपुर में युवाओं ने फिल्म पद्मावत के विरोध में संजय लीला भंसाली का पुतला फूंककर अपना गुस्सा व्यक्त किया। गांव सैंदवार में चांदपुर-जलीलपुर रोड पर विकास शर्मा के नेतृत्व में युवा एकत्र हुए तथा फिल्म पद्मावत व संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद संजय लीला भंसाली के पुतले में आग लगा दी। इसमें पुष्पराज, शलभ चौहान, चर्चित राजपूत, गब्बर, भोला, निक्की, कुंज प्रताप, राजन, रजत राणा, अनुराग, गौरव राजपूत, तेज राजपूत, पंकज, कुणाल जाटव आदि मौजूद रहे।
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उधर, धामपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को रिलीज हुई पद्मावत फिल्म क्षत्रिय महासंघ के विरोध के कारण धामपुर में भी नहीं चली। वहीं वरिष्ठ नागरिक समिति ने रानीबाग कॉलोनी में एक सभा की और चेताया कि यदि जिले में फिल्म दिखाई गई तो आंदोलन किया जाएगा। महासंघ के अध्यक्ष जगदीश सिंह चौहान ने कहा कि यह फिल्म क्षत्रियों की शान के खिलाफ है। महारानी पद्मावती क्षत्रिय समाज की ही नहीं बल्कि समूचे हिंदू समाज की महिलाओं के सम्मान का प्रतीक हैं। अलाउद्दीन खिलजी विदेशी आक्रमणकारी था। बैठक में हरिराज सिंह, लवली, रामकुमार सिंह, राजपाल सिंह, महीपाल सिंह आदि रहे। उधर, सिनेमाहाल मालिकों का कहना है कि जब देश में विरोध हो रहा है, तब तक फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा।
वहीं नजीबाबाद में भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ की ओर से भाजपाइयों ने तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की।
भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग प्रकोष्ठ के संयोजक विक्रम सिंह खोबे, चौधरी ईशम सिंह, ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह, निखिल शर्मा, पंकज शर्मा, संदीप तायल, सचिन शर्मा, शुभम कश्यप, रुस्तम यादव के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ की ओर से एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें संजय लीला भंसाली की ओर से निर्देशित फिल्म में पद्मावत चरित्र को तोड़ मरोड़कर पेश कर क्षत्रिय समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। तहसील पहुंचे प्रदर्शनकारियों में कुनाल यादव, मोहित शर्मा, अवनीश चौहान, अभिषेेक यादव, हेमेंद्र, अरविंद शर्मा शामिल थे।