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Bijnor News: भाजपा विधायक के पुत्र का जारी नहीं हो सका गैर जमानती वारंट
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आगजनी-फायरिंग प्रकरण
- विवेचना का संभल पुलिस को ट्रांसफर होने पर बिजनौर पुलिस के विवेचक ने वापस लिया प्रार्थना पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सड़क निर्माण कंपनी के प्लांट में आगजनी और फायरिंग के मामले में भाजपा विधायक के आरोपी बेटे प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट जारी नहीं हो सके हैं। दरअसल, इस केस की विवेचना संभल ट्रांसफर होने की वजह से बिजनौर पुलिस के विवेचक ने अपना प्रार्थना पत्र कोर्ट से वापस ले लिया है। अब अगली कार्रवाई संभल पुलिस की ओर से ही कराई जाएगी।
शुक्रवार को भाजपा विधायक अशोक राणा के बेटे प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट होने की पूरी संभावना थी, मगर ऐसा हो नहीं पाया। बता दें कि बृहस्पतिवार को इस केस में बिजनौर पुलिस के विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी। साथ ही सरेंडर करने वाले तीन आरोपियों के बयान भी जेल में पहुंचकर दर्ज किए गए थे।
इसी बीच बृहस्पतिवार की शाम को विवेचना ट्रांसफर होने के आदेश बिजनौर पुलिस के पास पहुंचे। डीआईजी की आदेश पर विवेचना संभल के लिए ट्रांसफर की गई है। अब इस केस में संभल पुलिस ही जांच करेगी।
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ये था मामला
29 अप्रैल की रात में करीब दो बजे थाना शिवालाकलां थाना क्षेत्र में स्थित सड़क बनाने वाली कंपनी के मिक्सर प्लांट पर आगजनी कर दी गई थी। साथ ही फायरिंग की गई। चौकीदार को छर्रे लगे थे। इस मामले में भाजपा विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी जबकि तीन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद ही सरेंडर कर गए थे। अब तक इस केस में छह लोग जेल जा चुके हैं जबकि पांच आरोपियों के गैर जमानती वारंट हैं, जिन्हें पुलिस ढूंढ रही थी। मगर अब संभल पुलिस इस मामले में विवेचना करेगी।
दो खेमों में बंटी नजर आए भाजपा नेता
भाजपा विधायक अशोक राणा के खिलाफ दर्ज हुए केस में पार्टी भी दो खेमों में बंटी नजर आई। एक खेमा विधायक के संग लखनऊ तक दौड़ लगाता रहा जबकि दूसरा खेमा इस पूरे मामले पर नजर बनाए रहा। हालांकि खुलकर विरोध में कोई भी नजर नहीं आया।
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इस मामले में जांच संभल ट्रांसफर करने के आदेश हो चुके हैं। केस डायरी भेज दी जाएगी। इस मामले में आगे जो भी जांच होगी, संभल पुलिस करेगी। - नीरज जादौन, एसपी बिजनौर
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- विवेचना का संभल पुलिस को ट्रांसफर होने पर बिजनौर पुलिस के विवेचक ने वापस लिया प्रार्थना पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सड़क निर्माण कंपनी के प्लांट में आगजनी और फायरिंग के मामले में भाजपा विधायक के आरोपी बेटे प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट जारी नहीं हो सके हैं। दरअसल, इस केस की विवेचना संभल ट्रांसफर होने की वजह से बिजनौर पुलिस के विवेचक ने अपना प्रार्थना पत्र कोर्ट से वापस ले लिया है। अब अगली कार्रवाई संभल पुलिस की ओर से ही कराई जाएगी।
शुक्रवार को भाजपा विधायक अशोक राणा के बेटे प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट होने की पूरी संभावना थी, मगर ऐसा हो नहीं पाया। बता दें कि बृहस्पतिवार को इस केस में बिजनौर पुलिस के विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर प्रियंकर राणा के गैर जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी। साथ ही सरेंडर करने वाले तीन आरोपियों के बयान भी जेल में पहुंचकर दर्ज किए गए थे।
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इसी बीच बृहस्पतिवार की शाम को विवेचना ट्रांसफर होने के आदेश बिजनौर पुलिस के पास पहुंचे। डीआईजी की आदेश पर विवेचना संभल के लिए ट्रांसफर की गई है। अब इस केस में संभल पुलिस ही जांच करेगी।
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ये था मामला
29 अप्रैल की रात में करीब दो बजे थाना शिवालाकलां थाना क्षेत्र में स्थित सड़क बनाने वाली कंपनी के मिक्सर प्लांट पर आगजनी कर दी गई थी। साथ ही फायरिंग की गई। चौकीदार को छर्रे लगे थे। इस मामले में भाजपा विधायक अशोक राणा और उनके बेटे प्रियंकर राणा को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी जबकि तीन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद ही सरेंडर कर गए थे। अब तक इस केस में छह लोग जेल जा चुके हैं जबकि पांच आरोपियों के गैर जमानती वारंट हैं, जिन्हें पुलिस ढूंढ रही थी। मगर अब संभल पुलिस इस मामले में विवेचना करेगी।
दो खेमों में बंटी नजर आए भाजपा नेता
भाजपा विधायक अशोक राणा के खिलाफ दर्ज हुए केस में पार्टी भी दो खेमों में बंटी नजर आई। एक खेमा विधायक के संग लखनऊ तक दौड़ लगाता रहा जबकि दूसरा खेमा इस पूरे मामले पर नजर बनाए रहा। हालांकि खुलकर विरोध में कोई भी नजर नहीं आया।
इस मामले में जांच संभल ट्रांसफर करने के आदेश हो चुके हैं। केस डायरी भेज दी जाएगी। इस मामले में आगे जो भी जांच होगी, संभल पुलिस करेगी। - नीरज जादौन, एसपी बिजनौर