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बुढ़ापे का नहीं इंतजार, युवा हो रहे कमर दर्द के शिकार
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बिजनौर जिला अस्पताल में मरीज देखते आर्थोपेडिक सर्जन डॉ याघवेंद्र सिंह।
- फोटो : BIJNOR
बुढ़ापे का नहीं इंतजार, युवा हो रहे कमर दर्द के शिकार
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। उम्र के साथ-साथ बीमारियां बढ़ने लगती हैं, ये बात तो सही है। मगर युवा भी कमर दर्द जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं। घंटों बैठकर काम करना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। ज्यादा देर एक ही स्थिति में बैठने से मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है। जिससे शरीर में जगह-जगह दर्द का अहसास होता है। जिला अस्पताल में महीने में 30 से 40 युवा कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या के आ रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर ऑफिस में बैठकर काम करने वाले हैं।
बढ़ते काम का बोझ और बिगड़ी दिनचर्या युवाओं को परेशानी में डाल रही है। जो लोग घंटो-घंटो कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार एक जगह ज्यादा बैठने से मांसपेशियां तनाव में आ जाती हैं। जिससे युवाओं में कमर दर्द जैसी स्थिति पैदा हो रही है। इसके साथ ही विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से भी युवाओं में यह समस्या ज्यादा बढ़ रही है। इसलिए युवाओं को कमर दर्द से बचने के लिए समय-समय पर काम से बीच से उठकर टहल लेना चाहिए। इससे मांसपेशियां खुलती रहेंगी। जिससे कमर दर्द होने की आशंका घट जाएगी। जिला अस्पताल में ज्यादातर युवा ऐसे आ रहे हैं जो ऑफिस में बैठकर काम करते हैं। इसके साथ ही सही अवस्था में न सोने से भी यह समस्या दिखाई देती हैं।
ऐसे करें बचाव
लगातार कुर्सी पर बैठकर काम न करें
सुबह उठकर व्यायाम जरूर करें
विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन करते रहें
सुबह-सुबह धूप जरूर लें
मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा होने से बढ़ रही परेशानी: डॉ. आशु आत्रेय
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आशु आत्रेय ने बताया कि घंटो-घंटों एक स्थिति में बैठकर काम करने से मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है। जिससे कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या बढ़ रही हैं। लॉकडाउन के बाद युवाओं में यह समस्या ज्यादा बढ़ी है। इसके साथ ही एसी में ज्यादा देर तक बैठने से और सन लाइट न मिलने से मांसपेशियों का संतुलन बिगड़ रहा है। जिसकी वजह से समस्याएं बढ़ रही हैं।
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ज्यादा देर बैठने से तनाव में आ रही मांसपेशियां: डॉ. याघवेंद्र सिंह
जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. याघवेंद्र सिंह कहना है कि ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में बैठने से मांसपेशियां तनाव में आ जाती हैं। जिसकी वजह से युुवा कमर दर्द और गर्दन दर्द का शिकार हो रहे हैं। बैठकर काम करने वाले युवा इसका शिकार हो रहे हैं।
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अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। उम्र के साथ-साथ बीमारियां बढ़ने लगती हैं, ये बात तो सही है। मगर युवा भी कमर दर्द जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं। घंटों बैठकर काम करना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। ज्यादा देर एक ही स्थिति में बैठने से मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है। जिससे शरीर में जगह-जगह दर्द का अहसास होता है। जिला अस्पताल में महीने में 30 से 40 युवा कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या के आ रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर ऑफिस में बैठकर काम करने वाले हैं।
बढ़ते काम का बोझ और बिगड़ी दिनचर्या युवाओं को परेशानी में डाल रही है। जो लोग घंटो-घंटो कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं, उनमें कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार एक जगह ज्यादा बैठने से मांसपेशियां तनाव में आ जाती हैं। जिससे युवाओं में कमर दर्द जैसी स्थिति पैदा हो रही है। इसके साथ ही विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से भी युवाओं में यह समस्या ज्यादा बढ़ रही है। इसलिए युवाओं को कमर दर्द से बचने के लिए समय-समय पर काम से बीच से उठकर टहल लेना चाहिए। इससे मांसपेशियां खुलती रहेंगी। जिससे कमर दर्द होने की आशंका घट जाएगी। जिला अस्पताल में ज्यादातर युवा ऐसे आ रहे हैं जो ऑफिस में बैठकर काम करते हैं। इसके साथ ही सही अवस्था में न सोने से भी यह समस्या दिखाई देती हैं।
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ऐसे करें बचाव
लगातार कुर्सी पर बैठकर काम न करें
सुबह उठकर व्यायाम जरूर करें
विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन करते रहें
सुबह-सुबह धूप जरूर लें
मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा होने से बढ़ रही परेशानी: डॉ. आशु आत्रेय
आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आशु आत्रेय ने बताया कि घंटो-घंटों एक स्थिति में बैठकर काम करने से मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है। जिससे कमर दर्द और गर्दन दर्द की समस्या बढ़ रही हैं। लॉकडाउन के बाद युवाओं में यह समस्या ज्यादा बढ़ी है। इसके साथ ही एसी में ज्यादा देर तक बैठने से और सन लाइट न मिलने से मांसपेशियों का संतुलन बिगड़ रहा है। जिसकी वजह से समस्याएं बढ़ रही हैं।
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ज्यादा देर बैठने से तनाव में आ रही मांसपेशियां: डॉ. याघवेंद्र सिंह
जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. याघवेंद्र सिंह कहना है कि ज्यादा देर तक एक ही स्थिति में बैठने से मांसपेशियां तनाव में आ जाती हैं। जिसकी वजह से युुवा कमर दर्द और गर्दन दर्द का शिकार हो रहे हैं। बैठकर काम करने वाले युवा इसका शिकार हो रहे हैं।