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गजराज को नहीं कोई गम
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:57 PM IST
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कालागढ़ एलीफेंट पार्क में कनार्टक का नर हाथी बच्चे से दुलार करता हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़ में कर्नाटक से आए हाथियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। हालांकि ऐलीफेंट कैंप में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि ऐलीफेंट कैंप में नर हाथी ने बच्चे को जो स्नेह दिया, वह किसी को भी भावविभोर कर सकता है। कैंप में हाथी जमकर मौजमस्ती कर रहे हैं। देखने से लगता है कि उन्हें कोई वर्क नहीं पड़ रहा कि वह दक्षिण भारत से उत्तर प्रदेश में आए हैं।
दक्षिण भारत की आबोहवा को अलविदा कर आए हाथियों का यह दल कालागढ़ में आकर प्रकृति के आंचल में अपने आप को समायोजित करने लग गया है। हालांकि कैंप में अभी अन्य कोई जानवर नहीं है। कैंप में दो साल की उम्र के दो बच्चे हैं।
नर हाथी ने बच्चे को दिल खोलकर प्यार दिया। कैंप में हाथियों के लिए सबसे अधिक सुरक्षा बाघ से बचाने के लिए की गई है। इस कैंप के आसपास बाघ और गुलदार का बसेरा है। पहले इस कैंप में भी यह जीव मौजूद थे। हाथी कैंप बन जाने के बाद यह जीव आस पास के वनों में उपस्थिति बनाए हैं। हाथियों के कैंप को इन हिंसक जीवों से बचाने के लिए चारदीवारी पर सोलर करंट की व्यवस्था की दी गई है। साथ ही यहां बाहरी प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। कैंप में वन विभाग के अधिकारी, कर्मी व चिकित्सक ही आ जा सकते हैं। हालांकि कालागढ़ ऐलीफेंट कैंप में कर्नाटक से आए एक महावत को हाथी ने चोटिल कर दिया है। महावत के पैर की उंगली में चोट आई है। उसे उपचार के लिए कालागढ़ पीएचसी लाया गया। भाषा की समस्या वहां भी आई। रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि महावत का उपचार कराया जा रहा है।
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दक्षिण भारत की आबोहवा को अलविदा कर आए हाथियों का यह दल कालागढ़ में आकर प्रकृति के आंचल में अपने आप को समायोजित करने लग गया है। हालांकि कैंप में अभी अन्य कोई जानवर नहीं है। कैंप में दो साल की उम्र के दो बच्चे हैं।
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नर हाथी ने बच्चे को दिल खोलकर प्यार दिया। कैंप में हाथियों के लिए सबसे अधिक सुरक्षा बाघ से बचाने के लिए की गई है। इस कैंप के आसपास बाघ और गुलदार का बसेरा है। पहले इस कैंप में भी यह जीव मौजूद थे। हाथी कैंप बन जाने के बाद यह जीव आस पास के वनों में उपस्थिति बनाए हैं। हाथियों के कैंप को इन हिंसक जीवों से बचाने के लिए चारदीवारी पर सोलर करंट की व्यवस्था की दी गई है। साथ ही यहां बाहरी प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। कैंप में वन विभाग के अधिकारी, कर्मी व चिकित्सक ही आ जा सकते हैं। हालांकि कालागढ़ ऐलीफेंट कैंप में कर्नाटक से आए एक महावत को हाथी ने चोटिल कर दिया है। महावत के पैर की उंगली में चोट आई है। उसे उपचार के लिए कालागढ़ पीएचसी लाया गया। भाषा की समस्या वहां भी आई। रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि महावत का उपचार कराया जा रहा है।
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