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Bijnor News: नई पीढ़ी जानेगी औषधीय और सुगंधित पौधों के गुण, उपयोगिता

Tue, 12 Dec 2023 12:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Tue, 12 Dec 2023 12:09 PM IST
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New generation will know the properties of medicinal and aromatic plants
- कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में औषधीय, सुगंधित पौधों विकसित की जाएंगी नर्सरी
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- हर्बल गार्डन (नर्सरी) को पर्याप्त भूमि वाले इच्छुक कॉलेज कर सकते हैं आवेदन



संवाद न्यूज एजेंसी

बिजनौर। सब कुछ योजना के तहत हुआ, तो स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों में औषधीय और सुगंधित पौधों की नर्सरी विकसित होंगी। इन नर्सरी के औषधीय पौधे एवं सुगंधित पौधों की छात्रों को पहचान कराई जाएगी, बल्कि उनके महत्व और उपयोग को बताया जाएगा। इनकी स्थापना के लिए जिला उद्यान विभाग की ओर से वित्तीय सहायता की जाएगी।



जिला उद्यान विभाग की ओर से कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में औषधीय और सुगंधित पौधों की नर्सरी विकसित की जाएंगी। एक छोटी नर्सरी स्थापित करने के लिए कम से कम एक हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। शासन व उद्यान विभाग का उद्देश्य नई पीढ़ी, छात्र भी अपने देश की औषधीय पौधों की पहचान, उनके उपयोग के संबंध जागरूक करना है। नर्सरी में दुर्लभ प्रजातियों के महत्व वाले औषधीय पौधों के लगाया जाएगा। इनकी स्थापना के लिए शासन से वित्तीय सहायता के रूप में धनराशि मिलेगी।
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- एक हेक्टेयर की नर्सरी, मिलेगी 50 प्रतिशत की सहायता

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की एक हेक्टेयर तक की छोटी नर्सरी विकसित होगी। इस नर्सरी लगाने की लागत 6.25 लाख रुपये होगी, जिसका 50 प्रतिशत अधिकतम सीमा 3.125 लाख रुपये वित्तीय सहायता के लिए दिए जाने की व्यवस्था है।
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- इच्छुक कॉलेज, विश्वविद्यालय करें आवेदन

जिले के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में औषधीय और सुगंधित पौधों की नर्सरी विकसित की जाएंगी। ये नर्सरी कम से कम एक हेक्टेयर में विकसित होगी। इसकी लागत पर 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता दी जाएगी। पर्याप्त भूमि वाले कॉलेज, विश्व विद्यालय हर्बल गार्डन (नर्सरी) लगाने के आवेदन कर सकते हैं। - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
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