फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   NBC unit becomes lifeline for newborns at health centers

Bijnor News: स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजातों के लिए संजीवनी बनी एनबीसी यूनिट

Sun, 09 Jun 2024 03:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
NBC unit becomes lifeline for newborns at health centers
- बीते सत्र में पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर शुरू हुई एनबीसी यूनिट
विज्ञापन

- नवजात शिशु देखभाल यूनिट में होती है नवजातों की देखभाल
- 06 बच्चों को एक यूनिट पर एक समय में किया जा सकता है भर्ती
- 10 से 12 लाख रुपये का खर्च एक यूनिट तैयार होने में आया

अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। स्वास्थ्य केंद्रों पर बनी नवजात शिशु देखभाल यूनिट (एनबीसीयू) नवजातों के लिए संजीवनी बन रही हैं। जी हां, नवजातों को इस यूनिट में भर्ती कर गंभीर बीमारी से बचाया जा रहा है। जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों पर यह यूनिट शुरू की गई है। इससे नवजातों का क्षेत्र में ही बेहतर इलाज मिल रहा है।

नवजात शिशु देखभाल यूनिट अभी तक मेडिकल अस्पताल में ही बनी हुई थी। सत्र 2023-24 में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह यूनिट शुरू हुई। धामपुर, नूरपुर, नजीबाबाद, नगीना, स्याऊ सीएचसी पर यूनिट शुरू करने की पहल की गई है। इससे काफी फायदा मिल रहा है।
विज्ञापन

इस यूनिट में छह नवजातों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है। एक यूनिट में चार रेडिएंट वार्मर मशीन और दो फोटो थैरेपी मशीन हैं। एक यूनिट में एक बाल रोग विशेषज्ञ और तीन स्टॉफ नर्स की तैनाती की गई है। इससे वह नवजात की देखभाल कर सकें। नवजात का इलाज यूनिट में निशुल्क किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन बीमारियों में करते हैं भर्ती
नवजात शिशु देखभाल यूनिट में हाइपोथर्मिया, पीलिया, सांस लेने में परेशानी के नवजात को भर्ती किया जाता है। इसके अलावा नवजात के गंदा पानी पीने पर नली डालकर यहीं निकाला जाता है। यह यूनिट प्रसव कक्ष के बिल्कुल बराबर में है। ताकी जरूरत पड़ने पर 10 सेकेंड के अंदर नवजात को यूनिट में भर्ती किया जा सके।

धामपुर यूनिट में बढ़ेंगे चार बेड
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता मोहम्मद शमीम ने बताया कि धामपुर सामुदायिक केंद्र पर बनी नवजात शिशु देखभाल यूनिट में फिलहाल छह बेड हैं। इसे बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इस यूनिट में चार और बेड बढ़ाएंगे। इसके चलते यहां एक बार में 10 नवजात को भर्ती किया जा सकता है।


निजी अस्पतालों में जन्मे नवजात को भी कर सकते हैं भर्ती
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि नवजात शिशु देखभाल यूनिट में निजी अस्पतालों में जन्में नवजात को भी भर्ती किया जा रहा है। इसके लिए कोई फीस भी नहीं ली जा रही है।


स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजात शिशु देखभाल यूनिट शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा मिला है। अब क्षेत्र से लोग नवजात को भर्ती कराने के लिए मेडिकल अस्पताल तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। निजी अस्पताल में पैदा हुए नवजात को भी इस यूनिट में सुविधा दी जा रही है। - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed