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जातिगत समीकरणों का तर्क, प्रत्याशियों को जिता रहे समर्थक
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नजीबाबाद विधानसभा : जातिगत समीकरणों का तर्क, प्रत्याशियों को जिता रहे समर्थक
नजीबाबाद। विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद का चुनाव संपन्न हुए कई दिन बीत चुके हैं। सपा-रालोद गठबंधन, भाजपा और बसपा प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं। समर्थक चुनावी समीकरणों के साथ तीनों प्रत्याशियों को जीत के प्रति आश्वस्त करने में जुटे हैं।
विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद का 14 फरवरी को मतदान होने के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के यहां समर्थकों की चौपाल जम रही है। चुनावी समीकरणों पर चर्चाओं के साथ समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी को जीत के समीकरण समझाने में जुटे हैं। सपा-रालोद गठबंधन से विधायक हाजी तसलीम अहमद नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भाजपा के साहनपुर निवासी पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह और बसपा के नगीना निवासी पूर्व चेयरमैन खलील अहमद के पुत्र शाहनवाज आलम पहली बार क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से 3,46,250 मतदाताओं में से लगभग 2,31,500 से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है। मुस्लिम मतदाताओं में से बसपा प्रत्याशी को भी वोट मिले हैं। बसपा प्रत्याशी के समर्थक अनुसूचित जाति के मतों के साथ मुस्लिम मतों के बसपा में आने का दावा कर जीत का प्रत्याशी को भरोसा दिला रहे हैं।
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भाजपा के कुंवर भारतेंद्र सिंह के समर्थक पार्टी के परंपरागत मतों के साथ उन्हें अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समाज से भी मत मिलने की बात कहकर जीत के प्रति आश्वस्त कर रहे हैं।
उधर विधायक हाजी तसलीम अहमद व उनके समर्थक गठबंधन के रूप में रालोद, किसान संगठनों और बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं से मिले समर्थन के साथ जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं।
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नजीबाबाद। विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद का चुनाव संपन्न हुए कई दिन बीत चुके हैं। सपा-रालोद गठबंधन, भाजपा और बसपा प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं। समर्थक चुनावी समीकरणों के साथ तीनों प्रत्याशियों को जीत के प्रति आश्वस्त करने में जुटे हैं।
विधानसभा क्षेत्र नजीबाबाद का 14 फरवरी को मतदान होने के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के यहां समर्थकों की चौपाल जम रही है। चुनावी समीकरणों पर चर्चाओं के साथ समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी को जीत के समीकरण समझाने में जुटे हैं। सपा-रालोद गठबंधन से विधायक हाजी तसलीम अहमद नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि भाजपा के साहनपुर निवासी पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह और बसपा के नगीना निवासी पूर्व चेयरमैन खलील अहमद के पुत्र शाहनवाज आलम पहली बार क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
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नजीबाबाद विधानसभा क्षेत्र से 3,46,250 मतदाताओं में से लगभग 2,31,500 से अधिक मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है। मुस्लिम मतदाताओं में से बसपा प्रत्याशी को भी वोट मिले हैं। बसपा प्रत्याशी के समर्थक अनुसूचित जाति के मतों के साथ मुस्लिम मतों के बसपा में आने का दावा कर जीत का प्रत्याशी को भरोसा दिला रहे हैं।
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भाजपा के कुंवर भारतेंद्र सिंह के समर्थक पार्टी के परंपरागत मतों के साथ उन्हें अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक समाज से भी मत मिलने की बात कहकर जीत के प्रति आश्वस्त कर रहे हैं।
उधर विधायक हाजी तसलीम अहमद व उनके समर्थक गठबंधन के रूप में रालोद, किसान संगठनों और बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं से मिले समर्थन के साथ जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं।