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मुस्लिम बहनों ने हिंदू भाइयों को बांधा रक्षा सूत्र
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:33 AM IST
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रंजन को राखी बांधती रजिया।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद में भाई और बहन का रिश्ता किसी परंपरा का मोहताज नहीं होता। वह सभी बंधनों से मुक्त होता है। धार्मिक रीति-रिवाजों से ऊपर उठकर 15 वर्षों से मुस्लिम बहनें हिंदू-भाई को राखी बांधती आ रही हैं।
नगर के मोहल्ला रम्पुरा निवासी मो.शकूर की पुत्री रजिया बीते 15 वर्षों से गांव पदारथपुर निवासी स्वर्गीय मास्टर शिवराज सिंह के पुत्र भूपेंद्र रंजन को राखी बांधती आ रही है।
रजिया और भूपेंद्र को इसकी प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। भूपेंद्र बताते हैं कि उनके पिता मास्टर शिवराज सिंह और रजिया के मामा अब्दुल रशीद दोनों एमजीएम इंटर कॉलेज नजीबाबाद में शिक्षक और घनिष्ठ मित्र थे। उनके बीच पारिवारिक माहौल था। रजिया की मां हमीदा भाई अब्दुल रशीद और शिवराज सिंह को साथ साथ राखी बांधने लगी।
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दोनों भाइयों के इंतकाल के बाद अब इस परंपरा को हमीदा की पुत्री रजिया और मौसेरी बहन नाहिद परवान चढ़ा रही हैं। रक्षाबंधन पर्व पर रजिया अपनी मां हमीदा के साथ गांव पदारथपुर में भूपेंद्र रंजन के घर पहुंची और अपनी व नाहिद की ओर से राखी बांधी। भूपेंद्र ने भी बहन को उपहार और जीवन सुख-शांति का आशीर्वाद दिया। भूपेंद्र व रजिया का कहना है कि इस परंपरा को वे हमेशा जीवंत बनाए रखेंगे।
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नगर के मोहल्ला रम्पुरा निवासी मो.शकूर की पुत्री रजिया बीते 15 वर्षों से गांव पदारथपुर निवासी स्वर्गीय मास्टर शिवराज सिंह के पुत्र भूपेंद्र रंजन को राखी बांधती आ रही है।
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रजिया और भूपेंद्र को इसकी प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। भूपेंद्र बताते हैं कि उनके पिता मास्टर शिवराज सिंह और रजिया के मामा अब्दुल रशीद दोनों एमजीएम इंटर कॉलेज नजीबाबाद में शिक्षक और घनिष्ठ मित्र थे। उनके बीच पारिवारिक माहौल था। रजिया की मां हमीदा भाई अब्दुल रशीद और शिवराज सिंह को साथ साथ राखी बांधने लगी।
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दोनों भाइयों के इंतकाल के बाद अब इस परंपरा को हमीदा की पुत्री रजिया और मौसेरी बहन नाहिद परवान चढ़ा रही हैं। रक्षाबंधन पर्व पर रजिया अपनी मां हमीदा के साथ गांव पदारथपुर में भूपेंद्र रंजन के घर पहुंची और अपनी व नाहिद की ओर से राखी बांधी। भूपेंद्र ने भी बहन को उपहार और जीवन सुख-शांति का आशीर्वाद दिया। भूपेंद्र व रजिया का कहना है कि इस परंपरा को वे हमेशा जीवंत बनाए रखेंगे।