{"_id":"64bec3c01e264071f10af606","slug":"mourning-ceremony-in-mirzapur-said-and-jogirampuri-on-the-fifth-muharram-bijnor-news-c-41-1-smrt1043-2376-2023-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नजीबाबाद - पांचवीं मुहर्रम पर मिर्जापुर सैद और जोगीरम्पुरी में मातमी आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नजीबाबाद - पांचवीं मुहर्रम पर मिर्जापुर सैद और जोगीरम्पुरी में मातमी आयोजन
Tue, 25 Jul 2023 12:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 25 Jul 2023 12:02 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद में पांचवीं मोहर्रम पर मातमी जुलूस निकालते सोगवार।
-जुलूस और मजलिसों में गूंजी करबला के शहीदों की सदाएं
-इस्लाम को जिंदा रखने के लिए कुर्बानियां देने का उलमा ने किया जिक्र
फोटो - 24एनजेडबी09ए, 09बी
नजीबाबाद। मुहर्रम की पांचवीं तिथि पर मिर्जापुर सैद और जोगीरम्पुरी में मातमी आयोजन किए गए। मजलिस में हजरत इमाम हुसैन और साथियों की शहादत नम आंखों से याद की गई।
मंडावली थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर सैद उर्फ नया गांव में पांचवीं मुहर्रम पर मातमी जुलूस निकाला गया। जुलजना और अलम जुलूस में क्षेत्रीय सोगवारों ने भाग लिया। क्षेत्र में आयोजित मातमी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली मेंहदी ने करबला की जंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करबला की जंग दीन और इस्लाम के नजरिए से एक ऐसी जंग रही जिसे सदियों नम आंखों से याद किया जाएगा। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी में वसीम अब्बास, राजा जाफरी, रईस हैदर आदि ने भाग लिया। जुलूस का नेतृत्व इंजीनियर शादाब हैदर, शकील जाफरी, फरमान, मो.जमा, शमशाद हुसैन ने किया।
उधर जोगीरम्पुरी में करबला के शहीदों की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। मजलिस के दौरान क्रूर बादशाह यजीद के जुल्म के आगे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा घुटने न टेकने और इस्लाम को जिंदा रखने के लिए कुर्बानियां देने का उलमा ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करबला के शहीदों की कुर्बानियों की बदौलत आज दीन और इस्लाम दुनिया में फैला है। मातमी जुलूस में अब्बास नकवी, मौलाना सालिम हसनैन नकवी, खुर्रम अली, वसी हैदर, जब्बार हुसैन, अली अब्बास, अमीर हैदर, मुर्सरत हुसैन, जुल्फकार हैदर, अमान अब्बास, सिराज आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
-इस्लाम को जिंदा रखने के लिए कुर्बानियां देने का उलमा ने किया जिक्र
फोटो - 24एनजेडबी09ए, 09बी
नजीबाबाद। मुहर्रम की पांचवीं तिथि पर मिर्जापुर सैद और जोगीरम्पुरी में मातमी आयोजन किए गए। मजलिस में हजरत इमाम हुसैन और साथियों की शहादत नम आंखों से याद की गई।
मंडावली थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर सैद उर्फ नया गांव में पांचवीं मुहर्रम पर मातमी जुलूस निकाला गया। जुलजना और अलम जुलूस में क्षेत्रीय सोगवारों ने भाग लिया। क्षेत्र में आयोजित मातमी मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना अली मेंहदी ने करबला की जंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करबला की जंग दीन और इस्लाम के नजरिए से एक ऐसी जंग रही जिसे सदियों नम आंखों से याद किया जाएगा। नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी में वसीम अब्बास, राजा जाफरी, रईस हैदर आदि ने भाग लिया। जुलूस का नेतृत्व इंजीनियर शादाब हैदर, शकील जाफरी, फरमान, मो.जमा, शमशाद हुसैन ने किया।
विज्ञापन
उधर जोगीरम्पुरी में करबला के शहीदों की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। मजलिस के दौरान क्रूर बादशाह यजीद के जुल्म के आगे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों द्वारा घुटने न टेकने और इस्लाम को जिंदा रखने के लिए कुर्बानियां देने का उलमा ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करबला के शहीदों की कुर्बानियों की बदौलत आज दीन और इस्लाम दुनिया में फैला है। मातमी जुलूस में अब्बास नकवी, मौलाना सालिम हसनैन नकवी, खुर्रम अली, वसी हैदर, जब्बार हुसैन, अली अब्बास, अमीर हैदर, मुर्सरत हुसैन, जुल्फकार हैदर, अमान अब्बास, सिराज आदि शामिल रहे।
विज्ञापन