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लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया
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लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया
स्योहारा। दिव्यांगजन के विकास हेतु समर्पित राष्ट्रीय संगठन समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल मेरठ द्वारा आयोजित बैठक में विशेष रूप से मुस्लिम समाज को नेत्रदान हेतु प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने मुस्लिम समाज के लोगों को भी नेत्रदान करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कुरी हाउस में चौधरी फहीम उर रहमान के निवास पर आयोजित बैठक में मुख्य प्रवक्ता सरदार गुरविंदर सिंह ने कहा कि आंखें न सिर्फ हमें रोशनी दे सकती हैं, बल्कि हमारे मरने के बाद वह किसी और की जिंदगी से भी अंधेरा हटा सकती हैं। जबकि मुस्लिम लोग इस दलील के साथ पीछे हट जाते हैं कि इस्लाम में नेत्रदान हराम है। इसी प्रकार के अंधविश्वासों की वजह से दुनिया के लाखों नेत्रहीन लोगों को जिंदगी भर अंधेरे में ही रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्म विशेष के लोग सबसे अधिक नेत्र लेने वालों में होते हैं, जबकि नेत्रदान में इनमें से किसी एक नए भी नेत्रदान नहीं किया है। अब जब ये नेत्र लगवाने आएंगे तो इनसे नेत्र लेना जायज है का फतवा मांगा जाएगा। चौधरी उवैदुर्रहमान, चौधरी जुनैदउर्रहमान, चौधरी फहीम उर्रहमान, शमीम अहमद आदि ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही नेत्रदान पर उलेमा द्वारा सकारात्मक विचार व्यक्त करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान चौधरी रजिउर्रहमान, नासिर चौधरी, हाफिज अहमद अली, इस्लामुद्दीन कस्सार, बब्लू जैदी, राजपाल प्रजापति, नेपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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स्योहारा। दिव्यांगजन के विकास हेतु समर्पित राष्ट्रीय संगठन समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल मेरठ द्वारा आयोजित बैठक में विशेष रूप से मुस्लिम समाज को नेत्रदान हेतु प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने मुस्लिम समाज के लोगों को भी नेत्रदान करने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कुरी हाउस में चौधरी फहीम उर रहमान के निवास पर आयोजित बैठक में मुख्य प्रवक्ता सरदार गुरविंदर सिंह ने कहा कि आंखें न सिर्फ हमें रोशनी दे सकती हैं, बल्कि हमारे मरने के बाद वह किसी और की जिंदगी से भी अंधेरा हटा सकती हैं। जबकि मुस्लिम लोग इस दलील के साथ पीछे हट जाते हैं कि इस्लाम में नेत्रदान हराम है। इसी प्रकार के अंधविश्वासों की वजह से दुनिया के लाखों नेत्रहीन लोगों को जिंदगी भर अंधेरे में ही रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धर्म विशेष के लोग सबसे अधिक नेत्र लेने वालों में होते हैं, जबकि नेत्रदान में इनमें से किसी एक नए भी नेत्रदान नहीं किया है। अब जब ये नेत्र लगवाने आएंगे तो इनसे नेत्र लेना जायज है का फतवा मांगा जाएगा। चौधरी उवैदुर्रहमान, चौधरी जुनैदउर्रहमान, चौधरी फहीम उर्रहमान, शमीम अहमद आदि ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही नेत्रदान पर उलेमा द्वारा सकारात्मक विचार व्यक्त करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान चौधरी रजिउर्रहमान, नासिर चौधरी, हाफिज अहमद अली, इस्लामुद्दीन कस्सार, बब्लू जैदी, राजपाल प्रजापति, नेपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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