मां का साथ छूटा पर मनीषा का हौंसला नहीं टूटा
बिजनौर। पंजाब के पटियाला से पैदल अपनी मां के साथ निकली छह साल की मासूम मनीषा की मां बीमार हो गई। उसे ई-रिक्शा से उपचार के लिए मुरादाबाद पहुंचाया गया। इसके बाद भी मनीषा ने हिम्मत नहीं हारी और अन्य मजदूरों के साथ पैदल ही बहराइच के लिए रवाना हो गई।
बहराइच जिले के तमाम मजदूर पंजाब के पटियाला शहर में रहकर मजदूरी करते हैं। कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन लगने पर तमाम मजदूरों को फैक्ट्रियों से निकाल दिया गया है। अपने घर जाने की चाहत में ये सभी मजदूर कई दिन पहले पैदल ही पंजाब से बहराइच जाने के लिए निकल गए। इन मजदूरों में छह साल की मनीषा भी अपनी मां के साथ पैदल चली थी। शनिवार को ये मजदूर पैदल बिजनौर में चक्कर रोड पर पहुंचे। वहां रेलवे क्रॉसिंग के पास एक खेत में समाजसेवी विकास सेतिया ने इन्हें भोजन कराया। मनीषा की मां बहराइच में एक फैक्टरी में मजदूरी करती है। फैक्टरी बंद होने पर वे सब लोग अपने घरों के लिए रवाना हुए हैं। मजदूूरों के मुताबिक वह मनीषा को अपने साथ ही रखेंगे और उसे अपने से एक पल के लिए भी अलग नहीं होने देंगे। उसकी हर संभव मदद कर रहे हैं।

पटियाला से पैदल चलकर बहराइज जा रहे इन मजदूरों को बिजनौर पहुंचने पर खाना मिला तो मजदूरों की आंखों ?- फोटो : BIJNOR