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साइकिल को छोड़ हाथी पर सवार हुए मूलचंद चौहान
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साइकिल को छोड़ हाथी पर सवार हुए मूलचंद चौहान
बिजनौर। धामपुर सीट पर राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। इस सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है। सपा के नेता रहे मूलचंद चौहान ने बसपा का दामन थाम लिया है। सपा से टिकट नहीं मिला तो बसपा के चुनाव चिह्न पर चुनावी मैदान में कूद गए हैं, जिसे लेकर चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान को दरकिनार करते हुए नूरपुर विधायक नईमुल हसन को धामपुर से टिकट दिया है। यह उपेक्षा पूर्व मंत्री नहीं सहन कर पाए। दरअसल सपा के टिकट पर मूलचंद चौहान साल 2012 में विधायक चुने गए और सपा सरकार में मंत्री बने। इससे पहले साल 2002 में सपा के विधायक रहे। साल 1996 में भी सपा के टिकट पर विधायक बने थे। अब उनका सपा से टिकट पक्का माना जा रहा था लेकिन आखिरी वक्त पर सपा ने टिकट नहीं दिया। जिस पर ठाकुर मूलचंद चौहान ने बसपा का दामन थामते हुए टिकट हासिल कर लिया। इतना ही नहीं बृहस्पतिवार को उन्होंने बसपा के टिकट पर अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया। हालांकि बसपा ने पहले धामपुर सीट पर हाजी कमाल को टिकट दिया था। हाजी कमाल का टिकट काटकर मूलचंद चौहान को थमा दिया गया। बता दें कि धामपुर सीट पर ठाकुर मूलचंद चौहान का काफी दबदबा रहा है।
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बिजनौर। धामपुर सीट पर राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। इस सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ है। सपा के नेता रहे मूलचंद चौहान ने बसपा का दामन थाम लिया है। सपा से टिकट नहीं मिला तो बसपा के चुनाव चिह्न पर चुनावी मैदान में कूद गए हैं, जिसे लेकर चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं।
समाजवादी पार्टी ने पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान को दरकिनार करते हुए नूरपुर विधायक नईमुल हसन को धामपुर से टिकट दिया है। यह उपेक्षा पूर्व मंत्री नहीं सहन कर पाए। दरअसल सपा के टिकट पर मूलचंद चौहान साल 2012 में विधायक चुने गए और सपा सरकार में मंत्री बने। इससे पहले साल 2002 में सपा के विधायक रहे। साल 1996 में भी सपा के टिकट पर विधायक बने थे। अब उनका सपा से टिकट पक्का माना जा रहा था लेकिन आखिरी वक्त पर सपा ने टिकट नहीं दिया। जिस पर ठाकुर मूलचंद चौहान ने बसपा का दामन थामते हुए टिकट हासिल कर लिया। इतना ही नहीं बृहस्पतिवार को उन्होंने बसपा के टिकट पर अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया। हालांकि बसपा ने पहले धामपुर सीट पर हाजी कमाल को टिकट दिया था। हाजी कमाल का टिकट काटकर मूलचंद चौहान को थमा दिया गया। बता दें कि धामपुर सीट पर ठाकुर मूलचंद चौहान का काफी दबदबा रहा है।
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