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नौ माह से गोवंश के चारे के लिए नहीं मिला धन

Fri, 04 Dec 2020 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2020 11:58 PM IST
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Money not received for cow's fodder for nine months
हीमपुरदीपा स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र में बंधा गौवंश। - फोटो : BIJNOR
नौ माह से गोवंश के चारे के लिए नहीं मिला धन
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बिजनौर। जिले की गोशालाओं में गोवंश के चारे के लिए शासन की ओर से पिछले नौ माह से धन जारी नहीं किया गया है। नगर पालिका व नगर पंचायतें उधारी से गोवंश का पेट भर रही हैं। एक गोवंश के चारे आदि के के लिए शासन से 30 रुपये की व्यवस्था है लेकिन शासन से धन नहीं मिलने से पशुओं का पेट भरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिए थे कि प्रदेश में कहीं भी गोवंश निराश्रित नहीं घूमें। इसके लिए गोशाला का इंतजमा कर शहर में बेसहारा गोवंश को नगर पालिका व गांव में बेसहारा घूमने वाले गोवंश की जिम्मेदारी ब्लाक की टीम सौंपी गई। नगर पालिका बिजनौर, चांदपुर, किरतपुर , नहटौर, अफजलगढ़ , नजीबाबाद, नूरपुर, शेरकोट व नगीना, नगर पंचायत झालू, बढापुर,साहनपुर, जलालाबाद, मंडावर में गोशालाओं में 936 गोवंश हैं। इनकी देखभाल के साथ चारे आदि की जिम्मेदारी नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों की है। एक गोवंश के चारे आदि के लिए 30 रुपये निर्धारित किए गए। नौ माह पहले जिले की नगर पालिका व नगर पंचायत के लिए मार्च माह में शासन से दस लाख रुपये मिले। इसके बाद शासन स्तर से गोवंश के लिए एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई। नगर पालिका व नगर पंचायत उधार पर गोवंश के लिए चारे का इंतजाम कर रही हैं। सुबह शाम चारा लाने की जिम्मेदारी गोशाला के कर्मचारियों की होती हैं। नगर पालिका व नगर पंचायत के अफसर कहते हैं कि कब तक ऐसे काम चलता रहेगा। ये बोझ बिना पैसे के कब तक नगर पालिका व नगर पंचायत उठाएगी।
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गोवंश के लिए धन नहीं तो उन्हें बताए: डीएम
डीएम रमाकांत पांडेय ने बताया कि नगर पालिका व नगर पंचायतों के पास गोवंश को चारा खिलाने ठंड से बचाने व तिरपाल लगाने के लिए तमाम संसाधन हैं। ये काम उन्हें करना ही होगा। अगर उनके पास धन नहीं है तो उन्हें बताएं। ये कहना गलत हैं कि शासन से धन नहीं मिला। वे अपने स्तर से वे गोवंश का पेट भर सकती हैं।
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