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मोबाइल मॉनेटरिंग सिस्टम से मनरेगा मजदूरी पर रखी जाएगी निगाह
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एमएमएस सिस्टम रोकेगा मनरेगा का फर्जीवाड़ा
नजीबाबाद। मनरेगा मजदूरी का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने एक अप्रैल से मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। मनरेगा मजदूरी के जॉब कार्ड धारकों को दिन में दो बार काम करते हुए एप के माध्यम से दर्शाया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर तकनीकि सहायक, रोजगार सेवकों और मनरेगा मेड को तत्काल एप डाउनलोड कर सिस्टम से जुड़ने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक स्तर पर विभिन्न कार्यों से जुड़ी मनरेगा मजदूरी के लिए विभाग ऑफलाइन मस्टरोल प्रक्रिया के स्थान पर अब ऑनलाइन मस्टरोल प्रक्रिया लागू करेगा। शासन ने मनरेगा मजदूरी के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एमएमएस को एक अप्रैल से प्रभावी बनाने का फैसला लिया है। सिस्टम के अंतर्गत मनरेगा मजदूरी के लिए तकनीकि सहायकों, रोजगार सेवकों और मनरेगा मेड को अपने मोबाइल पर एमएमएस सिस्टम के लिए एप डाउनलोड करना होगा। एमएमएस एप के माध्यम से मनरेगा कार्य से संबंधित विस्तृत जानकारी के साथ मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दिन में दो बार दर्शानी होगी। सुबह आठ बजे से 10 बजे तक और दोपहर दो बजे के बाद मनरेगा मजदूर एप के माध्यम से कार्य स्थल पर कार्य करते हुए दिखाए जाएंगे।
इस सिस्टम से फर्जी मस्टरोल तैयार करने और फर्जी मनरेगा मजदूरों के काम पर दर्शाने पर अंकुश लगेगा। बीडीओ विजयपाल सिंह ने ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह की उपस्थिति में एमएमएस सिस्टम के संबंध में विभागीय कर्मचारियों को जानकारी दी। बीडीओ ने एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरते जाने को कहा। संबंधित ब्लॉक कर्मचारियों को एमएमएस के संबंध में विधिवत प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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बैठक में मनरेगा तकनीकी सहायक हरीश कुमार, सुशील कुमार, ओमप्रकाश, विनोद कुमार, रवि चंद्रा, रोजगार सेवकों की ओर से सुशील कुमार, गुलजार सिंह, रूपल गिरीराज, मोहित और मनरेगा मेठ शामिल हुए।
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नजीबाबाद। मनरेगा मजदूरी का फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने एक अप्रैल से मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। मनरेगा मजदूरी के जॉब कार्ड धारकों को दिन में दो बार काम करते हुए एप के माध्यम से दर्शाया जाएगा। ब्लॉक स्तर पर तकनीकि सहायक, रोजगार सेवकों और मनरेगा मेड को तत्काल एप डाउनलोड कर सिस्टम से जुड़ने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक स्तर पर विभिन्न कार्यों से जुड़ी मनरेगा मजदूरी के लिए विभाग ऑफलाइन मस्टरोल प्रक्रिया के स्थान पर अब ऑनलाइन मस्टरोल प्रक्रिया लागू करेगा। शासन ने मनरेगा मजदूरी के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम एमएमएस को एक अप्रैल से प्रभावी बनाने का फैसला लिया है। सिस्टम के अंतर्गत मनरेगा मजदूरी के लिए तकनीकि सहायकों, रोजगार सेवकों और मनरेगा मेड को अपने मोबाइल पर एमएमएस सिस्टम के लिए एप डाउनलोड करना होगा। एमएमएस एप के माध्यम से मनरेगा कार्य से संबंधित विस्तृत जानकारी के साथ मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दिन में दो बार दर्शानी होगी। सुबह आठ बजे से 10 बजे तक और दोपहर दो बजे के बाद मनरेगा मजदूर एप के माध्यम से कार्य स्थल पर कार्य करते हुए दिखाए जाएंगे।
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इस सिस्टम से फर्जी मस्टरोल तैयार करने और फर्जी मनरेगा मजदूरों के काम पर दर्शाने पर अंकुश लगेगा। बीडीओ विजयपाल सिंह ने ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह की उपस्थिति में एमएमएस सिस्टम के संबंध में विभागीय कर्मचारियों को जानकारी दी। बीडीओ ने एप के माध्यम से मनरेगा मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरते जाने को कहा। संबंधित ब्लॉक कर्मचारियों को एमएमएस के संबंध में विधिवत प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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बैठक में मनरेगा तकनीकी सहायक हरीश कुमार, सुशील कुमार, ओमप्रकाश, विनोद कुमार, रवि चंद्रा, रोजगार सेवकों की ओर से सुशील कुमार, गुलजार सिंह, रूपल गिरीराज, मोहित और मनरेगा मेठ शामिल हुए।