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फरीदपुर काजी स्कूल में मिशन कायाकल्प हो रहा फ्लॉप
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फरीदपुर काजी स्कूल में मिशन कायाकल्प हो रहा फ्लॉप
बिजनौर। शासन भले ही परिषदीय स्कूलों की कायाकल्प करने के दावे कर रहा हो पर संविलयन विद्यालय फरीदपुर काजी में सारे दावे फ्लाप साबित हो रहे हैं। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर तो है ही नहीं, फर्श भी जर्जर है। इस स्कूल के मैदान में गहरे गड्ढे हैं। हैंडपंप तक की चौकी टूटी पड़ी है। स्कूल की भूमि पर कुछ लोगों का कब्जा होने से स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं हुई है। विद्यालय में 437 बच्चों का नामांकन है।
संविलियन विद्यालय फरीदपुर काजी का लाख कोशिश के बावजूद भी कायाकल्प नहीं हुआ है। एक कैंपस के प्राइमरी-जूनियर दोनों स्कूल को मिलाकर एक किया गया है,। उन्हें विद्यालय कहा जाता है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन कायाकल्प के तहत स्कूल की रसोई घर में तो टाइल्स लगवा दी गईं। पर कक्षों की हालत बेहद खस्ता है। स्कूल में दो हैंडपंप हैं। दोनों पर मोटर रखवा दी गई, लेकिन उनका संचालन नहीं हुआ है। बालक शौचालय की स्थिति और भी खराब है। स्कूल के एक मैदान में ग्रामीणों ने कब्जा किया हुआ है, इसमेें कूड़े के ढेर पड़े हैं। एक हिस्से में किसान ट्रैक्टर बुग्गी आदि खड़ा करते हैं। मिशन कायाकल्प की प्रगति में दिव्यांग बच्चों की शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है, परंतु बच्चों के लिए उनके खेल का मैदान भी खराब है।
शो पीस न बन जाए स्मार्ट क्लास
पूर्व माध्यमिक विद्यालय फरीदपुर काजी में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से स्मार्ट क्लास संचालन के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि 4.30 लाख की लागत से स्कूल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से दो-दो कंप्यूटर, दो दो प्रोजेक्टर दिए गए हैं। परंतु इस स्कूल में बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था न होने से स्मार्ट क्लास शुरू नहीं हो सकी हैं। मोहम्मदपुर देवमल विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि जिन स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है, उन स्कूलों की सूची न्याय पंचायत के एडीओ पंचायत को सौंप दी गई है। फरीदपुर काजी के स्कूल में भी कई काम होने अभी शेष है।
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जल्दी होगी फर्श की मरम्मत
ग्राम पंचायत के सचिव लाल गोपाल सिंह बताते हैं कि फरीदपुर काजी के स्कूल में रसोई घर में टाइल्स लगवा दी गई हैं। नल में सबमर्सिबल लगवाया गया है। बच्चों के लिए नया शौचालय बनवाया जा रहा है। जल्दी ही स्कूल के टूटे हुए फर्श की मरम्मत की जाएगी। उन्होंने बताया कि चहारदीवारी का बजट नहीं होने के कारण कार्य पूरा नहीं हुआ है। जबकि इस स्कूल की जमीन के कुछ हिस्से पर न्यायालय में विवाद भी चल रहा है।
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बिजनौर। शासन भले ही परिषदीय स्कूलों की कायाकल्प करने के दावे कर रहा हो पर संविलयन विद्यालय फरीदपुर काजी में सारे दावे फ्लाप साबित हो रहे हैं। स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर तो है ही नहीं, फर्श भी जर्जर है। इस स्कूल के मैदान में गहरे गड्ढे हैं। हैंडपंप तक की चौकी टूटी पड़ी है। स्कूल की भूमि पर कुछ लोगों का कब्जा होने से स्कूल की चहारदीवारी भी नहीं हुई है। विद्यालय में 437 बच्चों का नामांकन है।
संविलियन विद्यालय फरीदपुर काजी का लाख कोशिश के बावजूद भी कायाकल्प नहीं हुआ है। एक कैंपस के प्राइमरी-जूनियर दोनों स्कूल को मिलाकर एक किया गया है,। उन्हें विद्यालय कहा जाता है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे मिशन कायाकल्प के तहत स्कूल की रसोई घर में तो टाइल्स लगवा दी गईं। पर कक्षों की हालत बेहद खस्ता है। स्कूल में दो हैंडपंप हैं। दोनों पर मोटर रखवा दी गई, लेकिन उनका संचालन नहीं हुआ है। बालक शौचालय की स्थिति और भी खराब है। स्कूल के एक मैदान में ग्रामीणों ने कब्जा किया हुआ है, इसमेें कूड़े के ढेर पड़े हैं। एक हिस्से में किसान ट्रैक्टर बुग्गी आदि खड़ा करते हैं। मिशन कायाकल्प की प्रगति में दिव्यांग बच्चों की शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है, परंतु बच्चों के लिए उनके खेल का मैदान भी खराब है।
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शो पीस न बन जाए स्मार्ट क्लास
पूर्व माध्यमिक विद्यालय फरीदपुर काजी में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से स्मार्ट क्लास संचालन के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि 4.30 लाख की लागत से स्कूल को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से दो-दो कंप्यूटर, दो दो प्रोजेक्टर दिए गए हैं। परंतु इस स्कूल में बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था न होने से स्मार्ट क्लास शुरू नहीं हो सकी हैं। मोहम्मदपुर देवमल विकास क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि जिन स्कूलों में मिशन कायाकल्प के तहत अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है, उन स्कूलों की सूची न्याय पंचायत के एडीओ पंचायत को सौंप दी गई है। फरीदपुर काजी के स्कूल में भी कई काम होने अभी शेष है।
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जल्दी होगी फर्श की मरम्मत
ग्राम पंचायत के सचिव लाल गोपाल सिंह बताते हैं कि फरीदपुर काजी के स्कूल में रसोई घर में टाइल्स लगवा दी गई हैं। नल में सबमर्सिबल लगवाया गया है। बच्चों के लिए नया शौचालय बनवाया जा रहा है। जल्दी ही स्कूल के टूटे हुए फर्श की मरम्मत की जाएगी। उन्होंने बताया कि चहारदीवारी का बजट नहीं होने के कारण कार्य पूरा नहीं हुआ है। जबकि इस स्कूल की जमीन के कुछ हिस्से पर न्यायालय में विवाद भी चल रहा है।