{"_id":"628d2a819c4b206c4518324b","slug":"market-of-organic-vegetables-being-decorated-on-social-media-bijnor-news-mrt5900209130","type":"story","status":"publish","title_hn":"ोशल मीडिया पर सज रही जैविक सब्जियों की मंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ोशल मीडिया पर सज रही जैविक सब्जियों की मंडी
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर सज रही जैविक सब्जियों की मंडी
बिजनौर। कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से जनपद में जैविक सब्जियां, दलहन, तिलहन आदि को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ जैविक उत्पाद करने वाले किसानों के सामान की बिक्री के लिए नए-नए कदम उठा रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप में जैविक सब्जियों का प्रचार-प्रसार एवं सब्जियां खरीदने की अलख जगाई जा रही है। साथ ही विकास भवन के गेट पर दुकान खुलवाकर बिक्री कराई जा रही है।
जनपद में नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे करीब 46 गांव में जैविक पद्धति से फसल उगाई जा रही हैं। कृषि विभाग, उद्यान विभाग और प्रशासन की ओर से जैविक खेती के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग व किसानों ने कई व्हाट्सएप ग्रुप उसने जैविक पदार्थों जैसे सब्जी, दाल, गन्ने का गुड़ आदि का प्रचार किया जा रहा है। विभाग व प्रगतिशील किसानों ने अन्य व्यक्तियों को जोड़ रखा है। सोशल मीडिया पर इस प्रचार का जैविक खेती करने वाले किसानों ूो लाभ मिल रहा है। उधर, किसान सतीश कुमार, राजेश ने बताया कि प्रारंभ में जैविक विधि से फसल उगाने व उसकी बिक्री करने में जरूर थोड़ी परेशानी हुई थी। विभाग व प्रशासन की प्रेरणा से जैविक उत्पादों की बिक्री सही हो रही है। उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है।
वर्जन
नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे 46 पंचायतों के क्षेत्र में जैविक फसल उगाई जा रही है। गंगा किनारे खेतों में जैविक विधि से मौसमी सब्जियां लौकी, तौरी, हरी मिर्च, पलेज आदि उत्पादित की जा रही है। इन उत्पादकों की बिक्री के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप पर इनका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर विकास भवन के गेट के पास जैविक स्टाल खुलवाया गया है। वहां से भी लोग जैविक सब्जी व अन्य पदार्थों की खरीद कर रहे हैं।
विज्ञापन
-डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
बिजनौर। कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से जनपद में जैविक सब्जियां, दलहन, तिलहन आदि को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ जैविक उत्पाद करने वाले किसानों के सामान की बिक्री के लिए नए-नए कदम उठा रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप में जैविक सब्जियों का प्रचार-प्रसार एवं सब्जियां खरीदने की अलख जगाई जा रही है। साथ ही विकास भवन के गेट पर दुकान खुलवाकर बिक्री कराई जा रही है।
जनपद में नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे करीब 46 गांव में जैविक पद्धति से फसल उगाई जा रही हैं। कृषि विभाग, उद्यान विभाग और प्रशासन की ओर से जैविक खेती के लिए किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग व किसानों ने कई व्हाट्सएप ग्रुप उसने जैविक पदार्थों जैसे सब्जी, दाल, गन्ने का गुड़ आदि का प्रचार किया जा रहा है। विभाग व प्रगतिशील किसानों ने अन्य व्यक्तियों को जोड़ रखा है। सोशल मीडिया पर इस प्रचार का जैविक खेती करने वाले किसानों ूो लाभ मिल रहा है। उधर, किसान सतीश कुमार, राजेश ने बताया कि प्रारंभ में जैविक विधि से फसल उगाने व उसकी बिक्री करने में जरूर थोड़ी परेशानी हुई थी। विभाग व प्रशासन की प्रेरणा से जैविक उत्पादों की बिक्री सही हो रही है। उनकी आय में भी इजाफा हो रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे 46 पंचायतों के क्षेत्र में जैविक फसल उगाई जा रही है। गंगा किनारे खेतों में जैविक विधि से मौसमी सब्जियां लौकी, तौरी, हरी मिर्च, पलेज आदि उत्पादित की जा रही है। इन उत्पादकों की बिक्री के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप पर इनका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर विकास भवन के गेट के पास जैविक स्टाल खुलवाया गया है। वहां से भी लोग जैविक सब्जी व अन्य पदार्थों की खरीद कर रहे हैं।
विज्ञापन
-डॉ. अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी।