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12 गांवों में तालाब और चारागाह की जमीन पर कब्जे चिह्नित
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12 गांवों में तालाब और चारागाह की जमीन पर कब्जे चिह्नित
धामपुर। राजस्व विभाग ने एक दर्जन से अधिक गांवों में तालाब व चारागाह की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए चिह्नित कर लिया है। चेताया है कि एक सप्ताह में कब्जा नहीं हटाया तो प्रशासन जेसीबी चला कर जमीन को कब्जा मुक्त कराएगा।
मीमला हल्के के लेखपाल राहुल देव ने बताया कि क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में राजस्व अभिलेखों के अनुसार सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को चिह्नित कर लिया गया है। गांव भटियाना खुशहालपुर में एक तालाब पर लोगों के अवैध मकान बने हैं। गांव कश्मीरी में 1520 वर्ग मीटर के तालाब पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। नूरुल्लहपुर और कोडीपुरा में करीब 24 बीघे के तालाब में से 15 बीघा से अधिक पर अवैध कब्जा है। कुछ लोग इस जमीन पर खेती भी कर रहे हैं। कनखेड़ी गांव में भी तालाब पर लोगों का अवैध कब्जा है। डूंडाखेड़ी गांव में तालाब की जमीन पर विशेष समुदाय के लोगों का धार्मिक स्थल बना है। शेरकोट, ढक्का करमचंद, मटौरा दरगाह गांव में भी तालाब और चारागाह की जमीन लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। लेखपाल ने बताया कि लोगों को एक सप्ताह में स्वयं कब्जा हटाने का समय दिया गया है।
राजस्व विभाग ने रविवार को गांव में मीमला में 24 बीघा चारागाह की जमीन को ग्रामीणों के अवैध कब्जे से कब्जा मुक्त कराया है। लोगों ने इस जमीन में गन्ने, चारे की फसल बो रखी थी। स्योहारा के अमानतपुर गांव में चरागाह की सौ बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराई। इस जमीन में विकास विभाग की ओर से गौशाला का निर्माण शुरू हो गया है। हामा नंगली गांव में झील की जमीन को भी कब्जामुक्त कराया गया।
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धामपुर। राजस्व विभाग ने एक दर्जन से अधिक गांवों में तालाब व चारागाह की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए चिह्नित कर लिया है। चेताया है कि एक सप्ताह में कब्जा नहीं हटाया तो प्रशासन जेसीबी चला कर जमीन को कब्जा मुक्त कराएगा।
मीमला हल्के के लेखपाल राहुल देव ने बताया कि क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में राजस्व अभिलेखों के अनुसार सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को चिह्नित कर लिया गया है। गांव भटियाना खुशहालपुर में एक तालाब पर लोगों के अवैध मकान बने हैं। गांव कश्मीरी में 1520 वर्ग मीटर के तालाब पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। नूरुल्लहपुर और कोडीपुरा में करीब 24 बीघे के तालाब में से 15 बीघा से अधिक पर अवैध कब्जा है। कुछ लोग इस जमीन पर खेती भी कर रहे हैं। कनखेड़ी गांव में भी तालाब पर लोगों का अवैध कब्जा है। डूंडाखेड़ी गांव में तालाब की जमीन पर विशेष समुदाय के लोगों का धार्मिक स्थल बना है। शेरकोट, ढक्का करमचंद, मटौरा दरगाह गांव में भी तालाब और चारागाह की जमीन लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। लेखपाल ने बताया कि लोगों को एक सप्ताह में स्वयं कब्जा हटाने का समय दिया गया है।
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राजस्व विभाग ने रविवार को गांव में मीमला में 24 बीघा चारागाह की जमीन को ग्रामीणों के अवैध कब्जे से कब्जा मुक्त कराया है। लोगों ने इस जमीन में गन्ने, चारे की फसल बो रखी थी। स्योहारा के अमानतपुर गांव में चरागाह की सौ बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराई। इस जमीन में विकास विभाग की ओर से गौशाला का निर्माण शुरू हो गया है। हामा नंगली गांव में झील की जमीन को भी कब्जामुक्त कराया गया।
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