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लाखों की कीमत के पेड़ काट ले गए माफिया
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लाखों की कीमत के पेड़ काट ले गए माफिया
अफजलगढ़। लकड़ी माफिया ने नगीना वन रेंज के अफजलगढ़ ब्लॉक के अफजलगढ़ वन सेक्शन व सुआवाला वन सेक्शन की रामगंगा नदी के किनारे खड़े वन विभाग के लाखों रुपये के पेड़ों पर आरा चला दिया। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
रामगंगा नदी में पानी के चलते किसान तो खेतों पर नहीं जा पा रहे। दूसरी ओर लकड़ी माफिया पापुलर के करीब 50 पेड़ काट डाले और वन विभाग को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। वर्ष 2013 में वन विभाग की ओर से गांव आलमपुर गांवड़ी व माननगर के रामगंगा घाट के पास सिंचाई विभाग की पांच हेक्टेयर भूमि पर प्लांटेशन किया गया था। जिसमें शीशम, अर्जुन, बांस, कंजी, पापुलर सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब साढ़े पांच हजार पौधे लगाए गए थे। आठ साल बीत जाने के बाद पेड़ो का साइज काफी बड़ा हो गया है। कुछ किसानों ने बताया कि दो दिन पूर्व वन विभाग के पेड़ों को लकड़ी माफियाओं ने चोरी कर लिया है। इस संबंध में नगीना रेंजर वीरेंद्र सिंह वोहरा ने बताया कि पेड़ कटने की जानकारी नहीं है। यदि पेड़ काटे गए है तो वन विभाग की टीम को भेजकर इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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अफजलगढ़। लकड़ी माफिया ने नगीना वन रेंज के अफजलगढ़ ब्लॉक के अफजलगढ़ वन सेक्शन व सुआवाला वन सेक्शन की रामगंगा नदी के किनारे खड़े वन विभाग के लाखों रुपये के पेड़ों पर आरा चला दिया। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
रामगंगा नदी में पानी के चलते किसान तो खेतों पर नहीं जा पा रहे। दूसरी ओर लकड़ी माफिया पापुलर के करीब 50 पेड़ काट डाले और वन विभाग को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। वर्ष 2013 में वन विभाग की ओर से गांव आलमपुर गांवड़ी व माननगर के रामगंगा घाट के पास सिंचाई विभाग की पांच हेक्टेयर भूमि पर प्लांटेशन किया गया था। जिसमें शीशम, अर्जुन, बांस, कंजी, पापुलर सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब साढ़े पांच हजार पौधे लगाए गए थे। आठ साल बीत जाने के बाद पेड़ो का साइज काफी बड़ा हो गया है। कुछ किसानों ने बताया कि दो दिन पूर्व वन विभाग के पेड़ों को लकड़ी माफियाओं ने चोरी कर लिया है। इस संबंध में नगीना रेंजर वीरेंद्र सिंह वोहरा ने बताया कि पेड़ कटने की जानकारी नहीं है। यदि पेड़ काटे गए है तो वन विभाग की टीम को भेजकर इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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