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Bijnor News: अप्रशिक्षित चिकित्सकों के हाथों जा रही जान, कहां है निजाम ?
Fri, 25 Jul 2025 11:34 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:34 PM IST
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बिजनौर। जिले में अप्रशिक्षित चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में चार नोडल अधिकारी हैं। इसके बाद भी अप्रशिक्षित चिकित्सकों के हाथों मरीजों की जान जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार, जिम्मेदार कहां हैं। किसकी शह पर अप्रशिक्षित चिकित्सकों को बढ़ावा मिल रहा है।
कोतवाली देहात क्षेत्र में एक कांवड़िये को सीने में दर्द होने के चलते एक चिकित्सक को दिखाया। जहां, उसने इंजेक्शन लगाया। जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। साथ कांवड़ियों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। यह कोई पहला मामला नहीं है। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी क्षेत्रों धामपुर, नजीबाबाद, शरकोट, स्योहारा, नगीना, कोतवाली, बिजनौर आदि जगह चिकित्सक की लापरवाही से मौत हो रही हैं। इस महीने में जच्चा-बच्चा सहित सात मौत हो गई है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और स्वास्थ्य के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
पहले भी नोडल अधिकारियों पर लगते रहे हैं वसूली के आरोप
अप्रशिक्षित चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों पर वसूली के आरोप लगते रहे हैं। डेढ़ माह पहले एक नोडल अधिकारी के ड्राइवर की पैसे मांगने की ऑडियो वायरल हो रही थी। जिसके बाद चालक पर कार्रवाई की गई थी।
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बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिक, अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सभी नोडल अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम विरूद्ध क्लीनिक चलाने वालो को छोड़ा नहीं जाएगा।
डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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कोतवाली देहात क्षेत्र में एक कांवड़िये को सीने में दर्द होने के चलते एक चिकित्सक को दिखाया। जहां, उसने इंजेक्शन लगाया। जिसके कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। साथ कांवड़ियों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। यह कोई पहला मामला नहीं है। लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। सभी क्षेत्रों धामपुर, नजीबाबाद, शरकोट, स्योहारा, नगीना, कोतवाली, बिजनौर आदि जगह चिकित्सक की लापरवाही से मौत हो रही हैं। इस महीने में जच्चा-बच्चा सहित सात मौत हो गई है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है और स्वास्थ्य के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
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पहले भी नोडल अधिकारियों पर लगते रहे हैं वसूली के आरोप
अप्रशिक्षित चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों पर वसूली के आरोप लगते रहे हैं। डेढ़ माह पहले एक नोडल अधिकारी के ड्राइवर की पैसे मांगने की ऑडियो वायरल हो रही थी। जिसके बाद चालक पर कार्रवाई की गई थी।
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बिना पंजीकरण चल रहे क्लीनिक, अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सभी नोडल अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नियम विरूद्ध क्लीनिक चलाने वालो को छोड़ा नहीं जाएगा।
डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर