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गन्ने की तरह अब धान का भुगतान भी अटका
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गन्ने की तरह अब धान का भुगतान भी अटका
बिजनौर। जिले में धान खरीद का समय से पहले लक्ष्य पूरा हो गया है। लेकिन गन्ने के भुगतान की तरह अब धान का भुगतान भी अटका हुआ है। किसान अब भी खरीद केंद्रों पर धान लेकर जा रहे हैं। रात में किसी को खरीद केंद्रों पर नहीं रुकना पड़ रहा है। जिले में 1868-1888 रुपये क्विंटल की दर से अब तक करीब 81 करोड़ रुपये के 43 हजार 589 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। जिसमें अब तक केवल 59 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है। भुगतान सही नहीं करने पर सात खरीद केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
जिले में धान खरीद को लेकर शुरूआती दिनों में बहुत हल्ला मचा। खरीदारी को लेकर मारामारी मची रही। शुरू में लग रहा था कि धान की खरीदारी का लक्ष्य पूरा होगा या नहीं। 36 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदारी का लक्ष्य रखा गया है। 31 जनवरी तक धान की खरीदारी होनी है। अब तक 43 हजार 589 मिट्रीक टन की खरीदारी हो चुकी है। जिले में धान खरीद के 30 केंद्र अभी संचालित हैं। इन पर ही खरीदारी हो रही है। भुगतान सही नहीं करने पर नैक्फेड के छह व एग्रो का एक खरीद केंद्र बंद कर दिया गया है। इन्होंने 40 प्रतिशत ही भुगतान किया है। भुगतान में यह खरीद केेंद्र आनाकानी कर रहे थे।
अब तक धान खरीद केंद्रों पर 81 करोड़ का धान खरीदा गया है। इसमें से 59 करोड़ का भुगतान ही हो पाया है। 22 करोड़ अभी बकाया है। किसान सबसे ज्यादा भुगतान को लेकर परेशान हैं। धान खरीद का भुगतान न होने पर उन्हें आए दिन अधिकारियों के पास चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों के पास जो पैसा आ रहा है उसका भुगतान किया जा रहा है। पैसा नहीं मिलने के कारण किसानों का भुगतान अटका हुआ है। खरीद केंद्रों पर इक्का दुक्का किसान अभी भी धान बेचने के लिए आ रहे हैं। जिले में करीब 55 हजार हेक्टेयर जमीन में धान बोया गया था। क्रय केंद्रों पर मोटा धान बेचा जाता है। इसका रकबा आठ हजार हेक्टेयर से अधिक था।
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बिचौलिए धान बेचने के लिए परेशान
धान खरीद केंद्रों पर धान बेचने के लिए ऑन लाइन पंजीकरण कराना होता है। सरकारी मूल्य के मुकाबले धान के दाम बाजार में बहुत कम हैं। कुछ किसानों ने बिचौलियों को खेत से धान बेच दिया। अब बिचौलिए क्रय केंद्रों पर धान बेचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ऐसे बिचौलियो का धान नहीं खरीदा जा रहा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के मुताबिक धान खरीद को लेकर कोई परेशानी नहीं है। रात में कोई किसान नहीं आ रहा है। दिन में जो किसान आ रहे हैं उनका धान खरीदा जा रहा है। 31 जनवरी तक धान की खरीदारी चलती रहेगी।
15 को ही बंद हो गया धान खरीद केंद्र
नहटौर। शासन के आदेश के बाद नहटौर में धान क्रय केंद्र को बंद कर दिया गया है। धान क्रय केंद्र बंद होने से किसानों को लौटना पड़ रहा है। नहटौर में एसएफसी की ओर से धान क्रय केंद्र बनाया गया था। केंद्र प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि शासन द्वारा खरीद कार्य बंद कर दिया गया है। करीब 10 हजार क्विंटल धान क्रय केंद्र पर तोला गया है। शासन के आदेश के बाद 15 दिसंबर को धान क्रय केंद्र बंद कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि बाजार में काफी कम दामों पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने दोबारा से क्रय केंद्र पर तौल करवाने की मांग की है।
हरेवली के धान क्रय केंद्र पर लटका ताला
हरेवली। हरेवली के धान क्रय केंद्र पर पिछले 15 दिनों से ताला लटका हुआ। धान की तौल न होने से किसान परेशान हैं। केंद्र से अधिकारी और कर्मचारी नदारद हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस केंद्र को पांच हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन अभी तक 500 से 600 क्विंटल धान ही यहां पर खरीदा गया है। एसडीएम धामपुर धीरेंद्र कुमार का कहना है कि धान की तौल बंद करने का शासन से कोई आदेश नहीं है। अगर धान की तौल नहीं की जा रही है तो इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। वहीं, पीसीएफ के जिला प्रबंधक शिवचरण सिंह का कहना है कि तीन दिन पहले जिले का लक्ष्य पूरा हो गया है। पीसीएफ के उच्च अधिकारियों की बैठक में यह आदेश दिया गया है कि जिले का लक्ष्य पूरा होने के कारण अब क्रय केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जाएगा।
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बिजनौर। जिले में धान खरीद का समय से पहले लक्ष्य पूरा हो गया है। लेकिन गन्ने के भुगतान की तरह अब धान का भुगतान भी अटका हुआ है। किसान अब भी खरीद केंद्रों पर धान लेकर जा रहे हैं। रात में किसी को खरीद केंद्रों पर नहीं रुकना पड़ रहा है। जिले में 1868-1888 रुपये क्विंटल की दर से अब तक करीब 81 करोड़ रुपये के 43 हजार 589 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। जिसमें अब तक केवल 59 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ है। भुगतान सही नहीं करने पर सात खरीद केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
जिले में धान खरीद को लेकर शुरूआती दिनों में बहुत हल्ला मचा। खरीदारी को लेकर मारामारी मची रही। शुरू में लग रहा था कि धान की खरीदारी का लक्ष्य पूरा होगा या नहीं। 36 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदारी का लक्ष्य रखा गया है। 31 जनवरी तक धान की खरीदारी होनी है। अब तक 43 हजार 589 मिट्रीक टन की खरीदारी हो चुकी है। जिले में धान खरीद के 30 केंद्र अभी संचालित हैं। इन पर ही खरीदारी हो रही है। भुगतान सही नहीं करने पर नैक्फेड के छह व एग्रो का एक खरीद केंद्र बंद कर दिया गया है। इन्होंने 40 प्रतिशत ही भुगतान किया है। भुगतान में यह खरीद केेंद्र आनाकानी कर रहे थे।
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अब तक धान खरीद केंद्रों पर 81 करोड़ का धान खरीदा गया है। इसमें से 59 करोड़ का भुगतान ही हो पाया है। 22 करोड़ अभी बकाया है। किसान सबसे ज्यादा भुगतान को लेकर परेशान हैं। धान खरीद का भुगतान न होने पर उन्हें आए दिन अधिकारियों के पास चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों के पास जो पैसा आ रहा है उसका भुगतान किया जा रहा है। पैसा नहीं मिलने के कारण किसानों का भुगतान अटका हुआ है। खरीद केंद्रों पर इक्का दुक्का किसान अभी भी धान बेचने के लिए आ रहे हैं। जिले में करीब 55 हजार हेक्टेयर जमीन में धान बोया गया था। क्रय केंद्रों पर मोटा धान बेचा जाता है। इसका रकबा आठ हजार हेक्टेयर से अधिक था।
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बिचौलिए धान बेचने के लिए परेशान
धान खरीद केंद्रों पर धान बेचने के लिए ऑन लाइन पंजीकरण कराना होता है। सरकारी मूल्य के मुकाबले धान के दाम बाजार में बहुत कम हैं। कुछ किसानों ने बिचौलियों को खेत से धान बेच दिया। अब बिचौलिए क्रय केंद्रों पर धान बेचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन ऐसे बिचौलियो का धान नहीं खरीदा जा रहा है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के मुताबिक धान खरीद को लेकर कोई परेशानी नहीं है। रात में कोई किसान नहीं आ रहा है। दिन में जो किसान आ रहे हैं उनका धान खरीदा जा रहा है। 31 जनवरी तक धान की खरीदारी चलती रहेगी।
15 को ही बंद हो गया धान खरीद केंद्र
नहटौर। शासन के आदेश के बाद नहटौर में धान क्रय केंद्र को बंद कर दिया गया है। धान क्रय केंद्र बंद होने से किसानों को लौटना पड़ रहा है। नहटौर में एसएफसी की ओर से धान क्रय केंद्र बनाया गया था। केंद्र प्रभारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि शासन द्वारा खरीद कार्य बंद कर दिया गया है। करीब 10 हजार क्विंटल धान क्रय केंद्र पर तोला गया है। शासन के आदेश के बाद 15 दिसंबर को धान क्रय केंद्र बंद कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि बाजार में काफी कम दामों पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने दोबारा से क्रय केंद्र पर तौल करवाने की मांग की है।
हरेवली के धान क्रय केंद्र पर लटका ताला
हरेवली। हरेवली के धान क्रय केंद्र पर पिछले 15 दिनों से ताला लटका हुआ। धान की तौल न होने से किसान परेशान हैं। केंद्र से अधिकारी और कर्मचारी नदारद हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इस केंद्र को पांच हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन अभी तक 500 से 600 क्विंटल धान ही यहां पर खरीदा गया है। एसडीएम धामपुर धीरेंद्र कुमार का कहना है कि धान की तौल बंद करने का शासन से कोई आदेश नहीं है। अगर धान की तौल नहीं की जा रही है तो इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। वहीं, पीसीएफ के जिला प्रबंधक शिवचरण सिंह का कहना है कि तीन दिन पहले जिले का लक्ष्य पूरा हो गया है। पीसीएफ के उच्च अधिकारियों की बैठक में यह आदेश दिया गया है कि जिले का लक्ष्य पूरा होने के कारण अब क्रय केंद्रों पर धान नहीं खरीदा जाएगा।