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दो तौल लिपिक के लाइसेंस सस्पेंड
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दो तौल लिपिक के लाइसेंस सस्पेंड
बिजनौर। गन्ना खरीद केंद्रों के दो तौल लिपिकों के लाइसेंस घटतौली तथा अन्य अनियमितताओं के आरोप में सस्पेंड कर दिए गए हैं।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार आरोपी तौल लिपिकों के खिलाफ वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सहायक चीनी आयुक्त ने बताया कि गन्ना खरीद केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगे हैं। हर सेंटर पर बाट रखने के भी निर्देश हैं। इससे इलेक्ट्रानिक कांटे पर तौले गए गन्ने के वजन का मिलान होता है। आरोप है कि बजाज हिंदुस्थान की बिलाई शुगर यूनिट के गन्ना खरीद केंद्र बाकपुर बी पर निरीक्षण के लिए गई टीम को लिपिक ने बाट नहीं दिए। इससे टीम कांटे के सही या गलत होने का आकलन किए बगैर वापस लौट गई। डीपी मौर्य ने बताया कि आरोपी लिपिक ने निरीक्षण पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था। इस आरोप मे लिपिक का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरा मामला बिलाई चीनी मिल के खैराबाद सेंटर का है। वहां टीम ने 40 किलो की घटतौली पकड़ी थी। तौल लिपिक ने निरीक्षण पर हस्ताक्षर नहीं किए। लिपिक का लाइसेंस सस्पेंड हुआ है। आरोपियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जांच आख्या डीएम को भेज दी गई है।
एसडीएम की टीमों ने नहीं किए गन्ना सेंटरों के निरीक्षण
डीएम रमाकांत पांडेय ने 18 दिसंबर की बैठक में गन्ना सेंटरों के निरीक्षण के लिए बनी टीमों को हर माह कम से कम चार सेंटरों का निरीक्षण करने को कहा था। डीएम का कहना है कि किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं है। तहसीलों के एसडीएम की अध्यक्षता में निरीक्षण के लिए टीम बनी है। टीम में गन्ना विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। डीएम के निर्देश हैं कि दूरस्थ क्षेत्रों, कच्चे रास्तों पर स्थित गन्ना सेंटरों की जांच को प्राथमिकता दी जाए। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि पेराई सीजन शुरू होने के बाद बिजनौर सर्किल में 681 तथा धामपुर सर्किल में 581 निरीक्षण हुए हैं। डीएम की बैठक के बाद एसडीएम की अध्यक्षता वाली टीमों की कोई जांच रिपोर्ट कार्यालय को नहीं मिली है। रिपोर्ट माह की आखिरी तारीख तक भेजने के निर्देश हैं।
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बिजनौर। गन्ना खरीद केंद्रों के दो तौल लिपिकों के लाइसेंस घटतौली तथा अन्य अनियमितताओं के आरोप में सस्पेंड कर दिए गए हैं।
सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार आरोपी तौल लिपिकों के खिलाफ वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सहायक चीनी आयुक्त ने बताया कि गन्ना खरीद केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगे हैं। हर सेंटर पर बाट रखने के भी निर्देश हैं। इससे इलेक्ट्रानिक कांटे पर तौले गए गन्ने के वजन का मिलान होता है। आरोप है कि बजाज हिंदुस्थान की बिलाई शुगर यूनिट के गन्ना खरीद केंद्र बाकपुर बी पर निरीक्षण के लिए गई टीम को लिपिक ने बाट नहीं दिए। इससे टीम कांटे के सही या गलत होने का आकलन किए बगैर वापस लौट गई। डीपी मौर्य ने बताया कि आरोपी लिपिक ने निरीक्षण पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था। इस आरोप मे लिपिक का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरा मामला बिलाई चीनी मिल के खैराबाद सेंटर का है। वहां टीम ने 40 किलो की घटतौली पकड़ी थी। तौल लिपिक ने निरीक्षण पर हस्ताक्षर नहीं किए। लिपिक का लाइसेंस सस्पेंड हुआ है। आरोपियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जांच आख्या डीएम को भेज दी गई है।
एसडीएम की टीमों ने नहीं किए गन्ना सेंटरों के निरीक्षण
डीएम रमाकांत पांडेय ने 18 दिसंबर की बैठक में गन्ना सेंटरों के निरीक्षण के लिए बनी टीमों को हर माह कम से कम चार सेंटरों का निरीक्षण करने को कहा था। डीएम का कहना है कि किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं है। तहसीलों के एसडीएम की अध्यक्षता में निरीक्षण के लिए टीम बनी है। टीम में गन्ना विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। डीएम के निर्देश हैं कि दूरस्थ क्षेत्रों, कच्चे रास्तों पर स्थित गन्ना सेंटरों की जांच को प्राथमिकता दी जाए। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि पेराई सीजन शुरू होने के बाद बिजनौर सर्किल में 681 तथा धामपुर सर्किल में 581 निरीक्षण हुए हैं। डीएम की बैठक के बाद एसडीएम की अध्यक्षता वाली टीमों की कोई जांच रिपोर्ट कार्यालय को नहीं मिली है। रिपोर्ट माह की आखिरी तारीख तक भेजने के निर्देश हैं।
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