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Bijnor News: खेतों में गुलदार, विशेषज्ञ करेंगे व्यवहार पर सर्वे
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बिजनौर। पिछले दो साल से जिले में तांडव मचा रहे गुलदार के व्यवहार पर अब विशेषज्ञ सर्वे करेंगे। इस सर्वे के पीछे गुलदार के हिंसक होने और खेतों में रहने का कारण जाना जाएगा। साथ ही इस समस्या के समाधान भी तलाशे जाएंगे। वन विभाग ने भारतीय वन्य जीव संस्थान समेत कई संस्थाओं के विशेषज्ञों को इसके लिए आमंत्रित किया है।
इस समय पूरा जिला गुलदार प्रभावित हो चुका है। रोजाना कहीं न कहीं पालतू पशुओं, इंसानों पर हमले की खबरें आती रहती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वह बहुत डरावने हैं। पिछले डेढ़ साल में ही जिले में करीब 65 गुलदार पकड़े गए या दुर्घटना में मारे गए। वहीं इंसानों पर इनके हमलों की बात करें तो 22 लोग अब तक गुलदार के हमलों में जान गवां चुके हैं। जिले ही नहीं प्रदेशभर की टीम जिले में डेरा डाल चुकी है, पर अभी तक गुलदार की समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है। अब वन विभाग गुलदार के बदलते व्यवहार, हिंसक होने और आरक्षित वन क्षेत्र छोड़ खेतों में रहने के पीछे के कारण जानने को सर्वे करा रहा है।
बजट मिलते ही सर्वे होगा शुरू
वन विभाग ने शासन से इसके लिए बजट भी मांगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि शासन से अगले माह तक बजट मिल जाएगा। इस बजट से जिले में गुलदार के व्यवहार पर आने वाले विशेषज्ञों के ठहरने, उपकरण और सर्वे करने में खर्च का वहन होगा। भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ-साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम भी सर्वे में साथ देगी। इसके अलावा भी अन्य विशेषज्ञ भी आएंगे।
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हमने विशेषज्ञों को पत्र लिखे हैं। वह आने को तैयार है। शासन से सर्वे कराने के लिए बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही सर्वे शुरू करा दिया जाएगा। इसका मकसद गुलदार की समस्या का समाधान निकालना है। सर्वे में गुलदार के व्यवहार, हिंसक होने समेत इस पर नियंत्रण, घटनाओं को रोकने आदि जैसे तथ्य भी सामने आएंगे।
अरुण कुमार सिंह, डीएफओ, बिजनौर
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इस समय पूरा जिला गुलदार प्रभावित हो चुका है। रोजाना कहीं न कहीं पालतू पशुओं, इंसानों पर हमले की खबरें आती रहती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वह बहुत डरावने हैं। पिछले डेढ़ साल में ही जिले में करीब 65 गुलदार पकड़े गए या दुर्घटना में मारे गए। वहीं इंसानों पर इनके हमलों की बात करें तो 22 लोग अब तक गुलदार के हमलों में जान गवां चुके हैं। जिले ही नहीं प्रदेशभर की टीम जिले में डेरा डाल चुकी है, पर अभी तक गुलदार की समस्या का समाधान किसी के पास नहीं है। अब वन विभाग गुलदार के बदलते व्यवहार, हिंसक होने और आरक्षित वन क्षेत्र छोड़ खेतों में रहने के पीछे के कारण जानने को सर्वे करा रहा है।
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बजट मिलते ही सर्वे होगा शुरू
वन विभाग ने शासन से इसके लिए बजट भी मांगा है। उम्मीद जताई जा रही है कि शासन से अगले माह तक बजट मिल जाएगा। इस बजट से जिले में गुलदार के व्यवहार पर आने वाले विशेषज्ञों के ठहरने, उपकरण और सर्वे करने में खर्च का वहन होगा। भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ-साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम भी सर्वे में साथ देगी। इसके अलावा भी अन्य विशेषज्ञ भी आएंगे।
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हमने विशेषज्ञों को पत्र लिखे हैं। वह आने को तैयार है। शासन से सर्वे कराने के लिए बजट मांगा गया है। बजट मिलते ही सर्वे शुरू करा दिया जाएगा। इसका मकसद गुलदार की समस्या का समाधान निकालना है। सर्वे में गुलदार के व्यवहार, हिंसक होने समेत इस पर नियंत्रण, घटनाओं को रोकने आदि जैसे तथ्य भी सामने आएंगे।
अरुण कुमार सिंह, डीएफओ, बिजनौर