{"_id":"69bae4414b62d979e405e107","slug":"leaders-are-in-election-mode-some-are-changing-parties-others-are-being-discussed-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-174879-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: चुनावी मोड में नेता, कोई बदल रहा दल तो किसी की हो रही चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: चुनावी मोड में नेता, कोई बदल रहा दल तो किसी की हो रही चर्चा
विज्ञापन
बिजनौर। विधानसभा चुनाव अगले साल होने हैं लेकिन टिकट की आस में नेता अभी से ही तैयारी में जुटते नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़कर राहुल चौधरी ने सपा का दामन थामा है। वहीं अनुज मलिक भी सपा में शामिल हो चुके हैं। वहीं भाजपा में पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह भी बिजनौर विधानसभा सीट पर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। टिकट के दावेदारों में कुछ ने पार्टी बदल दी और कुछ राजनीति गोटियां बिछाने में लगे हुए हैं। यही कारण है कि जनपद में कई मुद्दों को राजनीति रूप देकर उछाला जा रहा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब फरवरी में सपा सांसद रुचि वीरा की अगुवाई में पूर्व प्रत्याशी व पूर्व रालोद जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। दो माह पहले अनुज मलिक ने भी काफी समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम लिया था। दोनों नेता जाट समाज से हैं और दोनों ही बिजनौर विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल है।
तालिब बंधुओं पर कार्रवाई से चर्चाओं में भारतेंद्र सिंह
भाजपा नेता और पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पिछले काफी समय से बिजनौर विधानसभा में सक्रिय नजर आ रहे हैं। करीब पांच माह पहले भाजपा नेता रोबिन चौधरी और तालिब बंधु में विवाद हुआ था। शुरुआत में कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे, बाद में पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने शासन तक इस मुद्दे की आवाज उठाई। इसके बाद कार्रवाई हुई, लेकिन एक या दो बार नहीं, तीन बार लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाया। प्रशासन ने इसके बाद कार्रवाई भी की। अब इस मुद्दे के बहाने उनके बिजनौर विधानसभा से ही टिकट की दावेदारी की चर्चाओं ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
किसान नेता दिगंबर सिंह भी चर्चाओं में
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिगंबर सिंह भी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चाओं में हैं। पिछले दिनों तालिब बंधुओं पर कार्रवाई के मुद्दे पर दिगंबर सिंह ने पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह को सोशल मीडिया पर घेरा था तो आपस में दोनों के समर्थक भी भिड़ते नजर आए थे। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में दिगंबर सिंह के भी विधानसभा चुनाव 2027 में किसी पार्टी से चुनाव की तैयारियों की चर्चाएं भी तेज हुई। हालांकि दिगंबर सिंह ने अभी तक राजनीति में प्रवेश पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब फरवरी में सपा सांसद रुचि वीरा की अगुवाई में पूर्व प्रत्याशी व पूर्व रालोद जिलाध्यक्ष राहुल चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। दो माह पहले अनुज मलिक ने भी काफी समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम लिया था। दोनों नेता जाट समाज से हैं और दोनों ही बिजनौर विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल है।
विज्ञापन
तालिब बंधुओं पर कार्रवाई से चर्चाओं में भारतेंद्र सिंह
भाजपा नेता और पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पिछले काफी समय से बिजनौर विधानसभा में सक्रिय नजर आ रहे हैं। करीब पांच माह पहले भाजपा नेता रोबिन चौधरी और तालिब बंधु में विवाद हुआ था। शुरुआत में कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगे, बाद में पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने शासन तक इस मुद्दे की आवाज उठाई। इसके बाद कार्रवाई हुई, लेकिन एक या दो बार नहीं, तीन बार लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाया। प्रशासन ने इसके बाद कार्रवाई भी की। अब इस मुद्दे के बहाने उनके बिजनौर विधानसभा से ही टिकट की दावेदारी की चर्चाओं ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
किसान नेता दिगंबर सिंह भी चर्चाओं में
भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिगंबर सिंह भी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चाओं में हैं। पिछले दिनों तालिब बंधुओं पर कार्रवाई के मुद्दे पर दिगंबर सिंह ने पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह को सोशल मीडिया पर घेरा था तो आपस में दोनों के समर्थक भी भिड़ते नजर आए थे। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में दिगंबर सिंह के भी विधानसभा चुनाव 2027 में किसी पार्टी से चुनाव की तैयारियों की चर्चाएं भी तेज हुई। हालांकि दिगंबर सिंह ने अभी तक राजनीति में प्रवेश पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।