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रागिनी के माध्यम से हो रहा भाषा का प्रचार-प्रसार : राहुल बालियान
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बरुकी। रागिनी गायक राहुल बालियान जीवना तथा हरेंद्र नागर शुक्रवार को एक कार्यक्रम में बरुकी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रागिनी आज भी सामाजिक मुद्दों को उठाने का सशक्त माध्यम है।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए प्रसिद्ध रागिनी गायक राहुल बालियान जीवना ने कहा कि रागिनी के माध्यम से पश्चिमी यूपी की भाषा का प्रचार प्रसार हो रहा है। सोशल मीडिया आने के बाद रागिनी से युवा पीढ़ी भी जुड़ रही है। आज रागिनी एक बड़े वर्ग में लोकप्रिय हो रही है। राहुल बालियान का प्रसिद्ध गीत अलबेली तांगे वाले का सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड चला।
राहुल ने बताया कि उनका गाना अलबेले तांगे वाले को पूरी दुनिया में सुना गया। भारत के अतिरिक्त विदेश में भी इस गाने को जमकर सराहना मिली। उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शब्दावली से शब्द लेकर अपने गीत बनाते हैं।
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रागिनी गायक हरेंद्र नागर ने कहा कि कुछ साल पहले तक रागनी गायको को अपनी रागिनी रिकॉर्ड करने के लिए पैसे देने पड़ते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के समय में लोग घर में बैठकर रागिनी गाते हैं और वह रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है। रागिनी तथा देहाती गीतों का भविष्य उज्जवल है। कुछ कलाकारों द्वारा प्रोपगेंडा चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज भी रागनी के माध्यम से सामाजिक सरोकार वाले मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान अनमोल यादव, संजीव डबास, सुनील कुमार,धर्मेंद्र सिंह, विकास चौधरी, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला से बातचीत करते हुए प्रसिद्ध रागिनी गायक राहुल बालियान जीवना ने कहा कि रागिनी के माध्यम से पश्चिमी यूपी की भाषा का प्रचार प्रसार हो रहा है। सोशल मीडिया आने के बाद रागिनी से युवा पीढ़ी भी जुड़ रही है। आज रागिनी एक बड़े वर्ग में लोकप्रिय हो रही है। राहुल बालियान का प्रसिद्ध गीत अलबेली तांगे वाले का सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रेंड चला।
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राहुल ने बताया कि उनका गाना अलबेले तांगे वाले को पूरी दुनिया में सुना गया। भारत के अतिरिक्त विदेश में भी इस गाने को जमकर सराहना मिली। उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शब्दावली से शब्द लेकर अपने गीत बनाते हैं।
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रागिनी गायक हरेंद्र नागर ने कहा कि कुछ साल पहले तक रागनी गायको को अपनी रागिनी रिकॉर्ड करने के लिए पैसे देने पड़ते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के समय में लोग घर में बैठकर रागिनी गाते हैं और वह रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हो जाती है। रागिनी तथा देहाती गीतों का भविष्य उज्जवल है। कुछ कलाकारों द्वारा प्रोपगेंडा चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज भी रागनी के माध्यम से सामाजिक सरोकार वाले मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
इस दौरान अनमोल यादव, संजीव डबास, सुनील कुमार,धर्मेंद्र सिंह, विकास चौधरी, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।