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भारत की भूमि और वेदों से दुनियाभर में बांटा गया ज्ञान: देवेंद्र पाल आर्य
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बिजनौर के आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित आर्य सम्मेलन में अतिथि को सम्मानित करते कार्य
- आर्य समाज के महासम्मेलन में संतान को संस्कारवान बनाने पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भारतवर्ष की भूमि से ही विश्व भर में ज्ञान का प्रचार प्रसार किया गया। विश्व की सबसे प्राचीन पुस्तक वेद हैं। इनसे ही दुनिया भर में ज्ञान को बांटा गया। भारत पहले से ही विश्व गुरु था और आज भी है। यह बात उत्तर प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा ने कहीं।
शनिवार को महासम्मेलन के दूसरे दिन स्वामी सूर्य वेश ने विधि विधान से यज्ञ कराया। यज्ञ में मुख्य यज्ञमान डॉक्टर दीपेंद्र सिंह सपत्नीक डॉक्टर रेनू सिंह तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट मांगेराम चौहान रहे। यज्ञ के बाद प्रथम सत्र में आयोजित राष्ट्र रक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व जिला प्रधान चंद्रपाल आर्य एवं संचालन डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस ने किया। मुख्य अतिथि स्वामी सूर्य वेश एवं मुख्य वक्ता हरि प्रकाश शास्त्री रहे। छवि आर्या ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी।
द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा आर्य ने महिलाओं को गायत्री मंत्र एवं अन्य वेद मंत्रों का ज्ञान अर्जित कर अपनी संतानों को संस्कारवान बनाने के लिए भी जागरूक किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि धारीवाल ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने राष्ट्र उत्थान, महिला उत्थान एवं युवाओं को राष्ट्र के प्रति जागरूक करने का काम किया। अध्यक्षता रावेंद्र पाल वर्मा आर्य द्वारा की गई।
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इस सत्र में आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य मीरा रानी, बाल विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य ब्रजेश्वरी देवी, छवि आर्या एवं सुषमा शर्मा आर्य को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। भक्ति संगीत कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए महाशय तेजपाल आर्य, राजवीर सिंह, जयप्रकाश, बृजपाल शर्मा, देवेंद्र सत्यार्थी आदि को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्मपाल सिंह, राजेश विश्नोई, अशोक त्यागी, भानु प्रताप सिंह, दलजीत सिंह, मास्टर गिरिराज सिंह, अशोक कुमार, अमन सिंह, सुरेंद्र सिंह आर्य, बाबू टेकचंद, योगेश कुमार, जितेंद्र, डॉ विनीत कुमार एवं पवन चौधरी आदि शामिल रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भारतवर्ष की भूमि से ही विश्व भर में ज्ञान का प्रचार प्रसार किया गया। विश्व की सबसे प्राचीन पुस्तक वेद हैं। इनसे ही दुनिया भर में ज्ञान को बांटा गया। भारत पहले से ही विश्व गुरु था और आज भी है। यह बात उत्तर प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा ने कहीं।
शनिवार को महासम्मेलन के दूसरे दिन स्वामी सूर्य वेश ने विधि विधान से यज्ञ कराया। यज्ञ में मुख्य यज्ञमान डॉक्टर दीपेंद्र सिंह सपत्नीक डॉक्टर रेनू सिंह तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट मांगेराम चौहान रहे। यज्ञ के बाद प्रथम सत्र में आयोजित राष्ट्र रक्षा सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व जिला प्रधान चंद्रपाल आर्य एवं संचालन डॉ सत्येंद्र शर्मा अंगिरस ने किया। मुख्य अतिथि स्वामी सूर्य वेश एवं मुख्य वक्ता हरि प्रकाश शास्त्री रहे। छवि आर्या ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी।
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द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान देवेंद्र पाल वर्मा आर्य ने महिलाओं को गायत्री मंत्र एवं अन्य वेद मंत्रों का ज्ञान अर्जित कर अपनी संतानों को संस्कारवान बनाने के लिए भी जागरूक किया। विशिष्ट अतिथि पूर्व ब्लाक प्रमुख रवि धारीवाल ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद ने राष्ट्र उत्थान, महिला उत्थान एवं युवाओं को राष्ट्र के प्रति जागरूक करने का काम किया। अध्यक्षता रावेंद्र पाल वर्मा आर्य द्वारा की गई।
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इस सत्र में आर्य वैदिक कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य मीरा रानी, बाल विद्या मंदिर की प्रधानाचार्य ब्रजेश्वरी देवी, छवि आर्या एवं सुषमा शर्मा आर्य को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। भक्ति संगीत कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए महाशय तेजपाल आर्य, राजवीर सिंह, जयप्रकाश, बृजपाल शर्मा, देवेंद्र सत्यार्थी आदि को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्मपाल सिंह, राजेश विश्नोई, अशोक त्यागी, भानु प्रताप सिंह, दलजीत सिंह, मास्टर गिरिराज सिंह, अशोक कुमार, अमन सिंह, सुरेंद्र सिंह आर्य, बाबू टेकचंद, योगेश कुमार, जितेंद्र, डॉ विनीत कुमार एवं पवन चौधरी आदि शामिल रहे।