{"_id":"6347037ca3a1582d0d6aba3d","slug":"khandsari-units-will-run-along-with-sugar-mills-bijnor-news-mrt6093019143","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी मिलों के साथ ही चलेंगी खांडसारी इकाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीनी मिलों के साथ ही चलेंगी खांडसारी इकाइयां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीनी मिलों के साथ ही चलेंगी खांडसारी इकाइयां
बिजनौर। शासन से खांडसारी इकाइयों को जोर का झटका धीरे से लगा। खांडसारी इकाइयों के संचालन की समय सीमा तय कर दी गई है। इस साल इकाइयां अक्तूबर माह में गन्ना पेराई शुरू नहीं करेंगी। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार खांडसारी इकाई चीनी मिलों के साथ ही चलेंगी।
खांडसारी इकाई अक्तूबर में शुरू होकर चीनी मिलों के संचालन से पहले बड़ी मात्रा में गन्ना पेराई कर लेती हैं, लेकिन इस बार शासन ने खांडसारी इकाइयों के लिए इकाई संचालन के नियम सख्त कर दिए हैं। खांडसारी इकाइयों के संचालन को लेकर 10 अक्तूबर को लखनऊ में विभागीय उच्च स्तरीय बैठक थी। जिसमें सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने प्रतिभाग किया। सहायक चीनी ने बताया कि खांडसारी इकाइयों की गन्ना पेराई की मनमानी पर अंकुश लगा। बताया कि वर्तमान मौसम की स्थिति तथा गन्ने में चीनी का परता को दृष्टिगत रखते हुए पेराई सत्र 2022-23 में प्रदेश की समस्त चीनी मिलों व खांडसारी इकाइयों को एक साथ चलने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 100 से अधिक खांडसारी इकाई संचालित हैं। इकाई बिजनौर चीनी मिल की पेराई क्षमता से करीब दोगुना गन्ना पेराई करती है।
गुड़ उत्पादन पर पड़ेगा असर
जिले की खांडसारी इकाई बड़े पैमाने पर गुड़ तैयार करती है। गुड़ गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों को सप्लाई होता है। कुछ इकाई जैविक गुड़ तैयार करती हैं, जो विदेश में भेजा जाता है। माना जा रहा है खांडसारी इकाइयों के देरी से चलने पर गुड़ उत्पाद पर असर पड़ेगा। राजस्व प्रभावित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। शासन से खांडसारी इकाइयों को जोर का झटका धीरे से लगा। खांडसारी इकाइयों के संचालन की समय सीमा तय कर दी गई है। इस साल इकाइयां अक्तूबर माह में गन्ना पेराई शुरू नहीं करेंगी। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य के अनुसार खांडसारी इकाई चीनी मिलों के साथ ही चलेंगी।
खांडसारी इकाई अक्तूबर में शुरू होकर चीनी मिलों के संचालन से पहले बड़ी मात्रा में गन्ना पेराई कर लेती हैं, लेकिन इस बार शासन ने खांडसारी इकाइयों के लिए इकाई संचालन के नियम सख्त कर दिए हैं। खांडसारी इकाइयों के संचालन को लेकर 10 अक्तूबर को लखनऊ में विभागीय उच्च स्तरीय बैठक थी। जिसमें सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने प्रतिभाग किया। सहायक चीनी ने बताया कि खांडसारी इकाइयों की गन्ना पेराई की मनमानी पर अंकुश लगा। बताया कि वर्तमान मौसम की स्थिति तथा गन्ने में चीनी का परता को दृष्टिगत रखते हुए पेराई सत्र 2022-23 में प्रदेश की समस्त चीनी मिलों व खांडसारी इकाइयों को एक साथ चलने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में 100 से अधिक खांडसारी इकाई संचालित हैं। इकाई बिजनौर चीनी मिल की पेराई क्षमता से करीब दोगुना गन्ना पेराई करती है।
विज्ञापन
गुड़ उत्पादन पर पड़ेगा असर
जिले की खांडसारी इकाई बड़े पैमाने पर गुड़ तैयार करती है। गुड़ गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों को सप्लाई होता है। कुछ इकाई जैविक गुड़ तैयार करती हैं, जो विदेश में भेजा जाता है। माना जा रहा है खांडसारी इकाइयों के देरी से चलने पर गुड़ उत्पाद पर असर पड़ेगा। राजस्व प्रभावित होगा।
विज्ञापन