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Bijnor News: लोकसभा की पिच पर कटारिया की गुगली, दावेदारों में बढ़ी बेचैनी
Sat, 27 May 2023 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 27 May 2023 12:17 AM IST
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- 50 से ज्यादा वीआईपी पहुंचे थे एमएलसी अशोक कटारिया के गांव
- लंबे समय बाद अशोक कटारिया ने दिखाई संगठन में ताकत
- अगले साल होने वाले लोकसभा की तैयारी में जुटे हैं कई दावेदार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। पूर्व राज्यमंत्री एवं एमएलसी अशोक कटारियां के गांव में यूं तो मौका सत्संग और भंडारे का था। यूपी के डिप्ट सीएम से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इनके अलावा कई मंत्री, विधायक और संगठन के बड़े नेता भी सत्संग में पहुंचे। ऐसे में जहां अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं, वहीं बिजनौर लोकसभा सीट से दावेदार पहले ही तैयारी में जुटे हैं, इस कार्यक्रम से उनकी बेचैनी भी बढ़ गई है। इस कार्यक्रम के बाद राजनीतिक गलियारे में एमएलसी अशोक कटारिया का नाम भी बिजनौर लोकसभा में टिकट के दावेदारों में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अगले साल होने वाले बिजनौर लोकसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए इस बार भाजपा में खींचतान होने की संभावना अभी से नजर आने लगी है। कुछ समय पहले तक कुछ भाजपा के दिग्गज नेता और संगठन में बड़े पद पर आसीन नेताओं के नाम की चर्चा दावेदारों के रूप में होनी शुरू हो गई थी। संगठन में बदलाव के साथ कुछ नाम घट गए तो नए नाम भी जुड़े। जिले से बात करें तो पूर्व में चुनाव लड़ चुके कुछ नेता और वर्तमान में सक्रिय राजनीति कर रहे कुछ नाम दावेदारी में माने जा रहे हैं। अब बात एमएलसी अशोक कटारिया के संबंध में की जाए तो यह पहली सरकार में परिवहन मंत्री रह चुके हैं। दूसरी बार सरकार बनी तो इनका नाम मंत्रीपद के लिए नहीं चुना गया, हालांकि इसके पीछे इनके बीमार होने का तर्क भी चर्चाओं में रहा।
अब बीमारी से ठीक होने के बाद अशोक कटारिया ने सत्संग के बहाने ताकत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 25 मई को एमएलसी अशोक कटारिया के गांव हीमपुर प्रथ्या में सत्संग हुआ तो वहां उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी पहुंचे। उत्तर प्रदेश की बात करें तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा समेत 50 से ज्यादा वीआईपी पहुंचे। धार्मिक कार्यक्रम में वीआईपी की लंबी सूची बनी तो राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी तेज हो गई। अब राजनीति के जानकार इसका अर्थ निकालने में लगे हुए हैं। बिजनौर लोकसभा से टिकट के दावेदारों में अब अशोक कटारिया का नाम भी शामिल हो चुका है। (संवाद)
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संगठन और सरकार में शक्ति का प्रदर्शन
राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस कार्यक्रम के बाद जिले की राजनीति में एमएलसी अशोक कटारिया का कद बढ़ा है। संगठन की राजनीति में दोबारा से अपनी शक्ति का ऐहसास भी कराया गया है। अब यह कितना कारगर साबित होगा, यह तो समय के साथ ही सबके सामने होगा। लेकिन यह कार्यक्रम ने इनके लिए संगठन और सरकार में उनके कद की ऊंचाई मापने का काम भी किया है।
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- लंबे समय बाद अशोक कटारिया ने दिखाई संगठन में ताकत
- अगले साल होने वाले लोकसभा की तैयारी में जुटे हैं कई दावेदार
रजनीश त्यागी
बिजनौर। पूर्व राज्यमंत्री एवं एमएलसी अशोक कटारियां के गांव में यूं तो मौका सत्संग और भंडारे का था। यूपी के डिप्ट सीएम से लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इनके अलावा कई मंत्री, विधायक और संगठन के बड़े नेता भी सत्संग में पहुंचे। ऐसे में जहां अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं, वहीं बिजनौर लोकसभा सीट से दावेदार पहले ही तैयारी में जुटे हैं, इस कार्यक्रम से उनकी बेचैनी भी बढ़ गई है। इस कार्यक्रम के बाद राजनीतिक गलियारे में एमएलसी अशोक कटारिया का नाम भी बिजनौर लोकसभा में टिकट के दावेदारों में शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अगले साल होने वाले बिजनौर लोकसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए इस बार भाजपा में खींचतान होने की संभावना अभी से नजर आने लगी है। कुछ समय पहले तक कुछ भाजपा के दिग्गज नेता और संगठन में बड़े पद पर आसीन नेताओं के नाम की चर्चा दावेदारों के रूप में होनी शुरू हो गई थी। संगठन में बदलाव के साथ कुछ नाम घट गए तो नए नाम भी जुड़े। जिले से बात करें तो पूर्व में चुनाव लड़ चुके कुछ नेता और वर्तमान में सक्रिय राजनीति कर रहे कुछ नाम दावेदारी में माने जा रहे हैं। अब बात एमएलसी अशोक कटारिया के संबंध में की जाए तो यह पहली सरकार में परिवहन मंत्री रह चुके हैं। दूसरी बार सरकार बनी तो इनका नाम मंत्रीपद के लिए नहीं चुना गया, हालांकि इसके पीछे इनके बीमार होने का तर्क भी चर्चाओं में रहा।
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अब बीमारी से ठीक होने के बाद अशोक कटारिया ने सत्संग के बहाने ताकत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 25 मई को एमएलसी अशोक कटारिया के गांव हीमपुर प्रथ्या में सत्संग हुआ तो वहां उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी पहुंचे। उत्तर प्रदेश की बात करें तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल सिंह गुर्जर, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा समेत 50 से ज्यादा वीआईपी पहुंचे। धार्मिक कार्यक्रम में वीआईपी की लंबी सूची बनी तो राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी तेज हो गई। अब राजनीति के जानकार इसका अर्थ निकालने में लगे हुए हैं। बिजनौर लोकसभा से टिकट के दावेदारों में अब अशोक कटारिया का नाम भी शामिल हो चुका है। (संवाद)
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संगठन और सरकार में शक्ति का प्रदर्शन
राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस कार्यक्रम के बाद जिले की राजनीति में एमएलसी अशोक कटारिया का कद बढ़ा है। संगठन की राजनीति में दोबारा से अपनी शक्ति का ऐहसास भी कराया गया है। अब यह कितना कारगर साबित होगा, यह तो समय के साथ ही सबके सामने होगा। लेकिन यह कार्यक्रम ने इनके लिए संगठन और सरकार में उनके कद की ऊंचाई मापने का काम भी किया है।