{"_id":"6193fe64c5e9ac4c5c50286c","slug":"karthik-fair-started-by-flowing-milk-in-mokshadayini-bijnor-news-mrt5651210191","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोक्षदायिनी में दूध प्रवाहित कर कार्तिक मेले का किया शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोक्षदायिनी में दूध प्रवाहित कर कार्तिक मेले का किया शुभारंभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोक्षदायिनी में दूध प्रवाहित कर कार्तिक मेले का किया शुभारंभ
गंज दारानगर/बिजनौर। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मोक्षदायिनी में दुग्ध प्रवाहित कर आस्था के मेले का आगाज हुआ। पूजन और गंगा आरती मेले का माहौल भक्तिमय हो गया। पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने मेले का उद्घाटन किया। शाम ढलते ही गंगा स्नान मेला रंग बिरंगी रोशनी से सराबोर हो गया।
मंगलवार शाम विदुरकुटी के पास भागीरथी के तट पर लग रहे गंगा स्नान मेले का पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक ओम कुमार, मौसम चौधरी, विधायक कमलेश सैनी ने संयुक्त रूप से मेले के मुख्य द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। पंडित शिवकुमार शास्त्री ने मंत्रोच्चारण करते हुए पूजन कराया। मंत्रोच्चार के साथ दुग्ध अभिषेक और पूजा अर्चना के साथ गंगा मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि गंगा देश की संस्कृति का प्रतीक है। इसे स्वच्छ रखना सभी का दायित्व है। जिले वासियों का सौभाग्य है कि गंगा की धारा यहां से होकर जाती है। यहां पर महात्मा विदुर ने भी अपनी कुटिया बनाई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि औषधियों से ऊपर गंगाजल है, जोकि पूजनीय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गंगा को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने की अपील की है।
सीडीओ केपी सिंह ने कहा कि मेले से आपसी भाईचारा व सद्भभाव बना रहता है। एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि मेला भारतीय संस्कृति का प्रतीक हैं। यह आपसी आस्था के साथ साथ आपसी मेलजोल को दर्शाता है। डीएम उमेश मिश्रा, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, सीओ कुलदीप गुप्ता, डीपीआरओ, विनय राणा, एएमए श्याम बहादुर शर्मा, एडीएम प्रशासन जनार्दन प्रसाद, महिला क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, अवर अभियंता कपिल देव, तहसीलदार प्रीति देशवाल, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रोबिंन चौधरी, सीएमओ शरद मित्तल, विनोद राठी, ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
टूटते से बचा पूजन मंच
गंगा तट पर पूजन के लिए मंच बनाया गया था। पंचायती राज मंत्री समेत अन्य नेता और अधिकारी मंच पर मौजूद थे। तभी मंच के टूटने की आवाज आई। जिस पर सभी पीछे हट गए। अगर थोड़ा वजन और बढ़ जाता तो शायद मंच टूट ही जाता।
विज्ञापन
गंज दारानगर/बिजनौर। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मोक्षदायिनी में दुग्ध प्रवाहित कर आस्था के मेले का आगाज हुआ। पूजन और गंगा आरती मेले का माहौल भक्तिमय हो गया। पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने मेले का उद्घाटन किया। शाम ढलते ही गंगा स्नान मेला रंग बिरंगी रोशनी से सराबोर हो गया।
मंगलवार शाम विदुरकुटी के पास भागीरथी के तट पर लग रहे गंगा स्नान मेले का पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक ओम कुमार, मौसम चौधरी, विधायक कमलेश सैनी ने संयुक्त रूप से मेले के मुख्य द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। पंडित शिवकुमार शास्त्री ने मंत्रोच्चारण करते हुए पूजन कराया। मंत्रोच्चार के साथ दुग्ध अभिषेक और पूजा अर्चना के साथ गंगा मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि गंगा देश की संस्कृति का प्रतीक है। इसे स्वच्छ रखना सभी का दायित्व है। जिले वासियों का सौभाग्य है कि गंगा की धारा यहां से होकर जाती है। यहां पर महात्मा विदुर ने भी अपनी कुटिया बनाई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने कहा कि औषधियों से ऊपर गंगाजल है, जोकि पूजनीय है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गंगा को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने की अपील की है।
विज्ञापन
सीडीओ केपी सिंह ने कहा कि मेले से आपसी भाईचारा व सद्भभाव बना रहता है। एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि मेला भारतीय संस्कृति का प्रतीक हैं। यह आपसी आस्था के साथ साथ आपसी मेलजोल को दर्शाता है। डीएम उमेश मिश्रा, एएसपी सिटी डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, सीओ कुलदीप गुप्ता, डीपीआरओ, विनय राणा, एएमए श्याम बहादुर शर्मा, एडीएम प्रशासन जनार्दन प्रसाद, महिला क्षेत्रीय मंत्री हरजिंदर कौर, अवर अभियंता कपिल देव, तहसीलदार प्रीति देशवाल, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष रोबिंन चौधरी, सीएमओ शरद मित्तल, विनोद राठी, ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
टूटते से बचा पूजन मंच
गंगा तट पर पूजन के लिए मंच बनाया गया था। पंचायती राज मंत्री समेत अन्य नेता और अधिकारी मंच पर मौजूद थे। तभी मंच के टूटने की आवाज आई। जिस पर सभी पीछे हट गए। अगर थोड़ा वजन और बढ़ जाता तो शायद मंच टूट ही जाता।