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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में नहीं सजेगीं झांकियां
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जन्माष्टमी पर मंदिरों में नहीं सजेंगी झांकियां
चांदपुर। कोरोना महामारी के चलते इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर तो सजाए जाएंगे लेकिन मंदिरों में झांकियां नहीं सजाई जाएंगी। श्रद्धालु घरों में रहकर ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाएंगे।
हर साल की तरह इस वर्ष भी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी चल रहीं हैं। मंदिरों में रंगाई पुताई व सजावट का कार्य चल रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते हर वर्ष तरह मंदिरों में धूमधाम देखने को नहीं मिलेगा। इस बार कोविड-19 का असर जन्माष्टमी पर भी रहेगा। हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नगर के मंदिरों को सजाया जाता था। देवी देवताओं की प्रतिमाओं का श्रंगार कर सुंदर वस्त्र आभूषण आदि पहनाए जाते थे। मंदिरों को पेपर डेकोरेशन, बिजली की झालरों, फूलों आदि से सजाया जाता था। इस बार मंदिर की रंगाई पुताई, सजावट, देवी देवताओं का श्रंगार तो होगा लेकिन मंदिर में झांकियां नहीं सजाई जाएगी।
पंडित उमा शंकर झा ने बताया कि 11 अगस्त को सुबह 8.57 बजे से 12 अगस्त में 11.20 तक अष्टमी रहेगी। इसलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 11 को ही मनाई जाएगी।
मोहल्ला साहुवान स्थित पंडित गुरू नेतराम मंदिर के पुजारी अजय कौशिक ने बताया कि 11 अगस्त को रात्रि में 12 बजे अष्टमी तिथि होने के कारण मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 11 अगस्त को ही मनाने का निर्णय लिया गया है। जन्माष्टमी का उपवास भी 11 अगस्त को ही रहेगा।
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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के नगर अध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा उर्फ नन्नी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। इस वर्ष मंदिरों में सजावट होगी लेकिन झांकियां नहीं सजाई जाएगी। रात्रि को मंदिरों में आरती होगी।
नहीं निकलेगा राम डोल का जुलूस
नगीना। कोरोना महामारी के कारण श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन अर्थात 12 अगस्त को नगीना में निकलने वाला सुप्रसिद्ध राम डोल का जुलूस इस बार नहीं निकल पाएगा। शनिवार की रात्रि थाना प्रांगण में रामडोल जुलूस के आयोजकों, विभिन्न अखाड़ों के उस्ताद व खलीफाओं तथा गणमान्य व्यक्तियों की बैठक में एसडीएम घनश्याम वर्मा व सीओ अर्चना सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस पर शासन की गाइडलाइंस का सभी को अनुपालन करना है। एसडीएम व सीओ ने कहा कि श्री कृष्ण की जन्माष्टमी पर लोग अपने घरों को सजाएं व अपने घरों में ही पूजा अर्चना करें। मंदिरों को सजाएं लेकिन मंदिरों में पांच श्रद्धालु से ज्यादा एकत्र न हो। मास्क लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना महामारी के चलते कोई भी सार्वजनिक आयोजन, जुलूस आदि नहीं निकाल सकता। थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर ने कहा कि शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में बर्फानी सेवा समिति के अध्यक्ष शीतांशु अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सभासद गोपाल शर्मा, मुकेश अग्रवाल, साहू कपिल अग्रवाल तथा सभी अखाड़ों के उस्ताद व खलीफाओं ने हिस्सा लिया।
12 अगस्त को मनाया जाएगा त्योहार
स्योहारा। नगर क्षेत्र में 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सरकार के निर्देश अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाया जाएगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीमित संख्या प्रवेश मिलेगा। श्रद्धालु श्रीकृष्ण की झांकियों के दर्शन दूर से ही करेंगे। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी पंडित भास्कर शास्त्री का कहना है कि मथुरावासी श्रीकृष्ण का जन्म जेल में होने के कारण जन्म अष्टमी के रूप में मनाते हैं। जबकि गोकुलवासी श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाते हैं। वृंदावन स्थित श्रीबांके बिहारी जी के मंदिर में 12 अगस्त को उदया तिथि अष्टमी बुधवार का योग हैं। नगर में जन्मोत्सव का व्रत सूर्य उदय के साथ प्रारंभ होकर रात्रि 12 बजे तक रहेगा। सभी व्रत करने वाले श्रद्धालु दिन में पूजन आदि के बाद फलाहार का सेवन कर सकते हैं। मंदिर प्रबंधक मुकेश कुमार रस्तोगी का कहना है कि मंदिरों को भव्य रूप से सजाने के लिए सजावट एवं लाइटिंग कार्य शुरू हो चुके हैं। इस बार मंदिरों में सैनिटाइजिंग की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए ये आवश्यक होगा कि वे अनिवार्य रूप से मास्क लगाकर ही मंदिरों में आएं।
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चांदपुर। कोरोना महामारी के चलते इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिर तो सजाए जाएंगे लेकिन मंदिरों में झांकियां नहीं सजाई जाएंगी। श्रद्धालु घरों में रहकर ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाएंगे।
हर साल की तरह इस वर्ष भी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी चल रहीं हैं। मंदिरों में रंगाई पुताई व सजावट का कार्य चल रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते हर वर्ष तरह मंदिरों में धूमधाम देखने को नहीं मिलेगा। इस बार कोविड-19 का असर जन्माष्टमी पर भी रहेगा। हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नगर के मंदिरों को सजाया जाता था। देवी देवताओं की प्रतिमाओं का श्रंगार कर सुंदर वस्त्र आभूषण आदि पहनाए जाते थे। मंदिरों को पेपर डेकोरेशन, बिजली की झालरों, फूलों आदि से सजाया जाता था। इस बार मंदिर की रंगाई पुताई, सजावट, देवी देवताओं का श्रंगार तो होगा लेकिन मंदिर में झांकियां नहीं सजाई जाएगी।
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पंडित उमा शंकर झा ने बताया कि 11 अगस्त को सुबह 8.57 बजे से 12 अगस्त में 11.20 तक अष्टमी रहेगी। इसलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 11 को ही मनाई जाएगी।
मोहल्ला साहुवान स्थित पंडित गुरू नेतराम मंदिर के पुजारी अजय कौशिक ने बताया कि 11 अगस्त को रात्रि में 12 बजे अष्टमी तिथि होने के कारण मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 11 अगस्त को ही मनाने का निर्णय लिया गया है। जन्माष्टमी का उपवास भी 11 अगस्त को ही रहेगा।
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अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के नगर अध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा उर्फ नन्नी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। इस वर्ष मंदिरों में सजावट होगी लेकिन झांकियां नहीं सजाई जाएगी। रात्रि को मंदिरों में आरती होगी।
नहीं निकलेगा राम डोल का जुलूस
नगीना। कोरोना महामारी के कारण श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन अर्थात 12 अगस्त को नगीना में निकलने वाला सुप्रसिद्ध राम डोल का जुलूस इस बार नहीं निकल पाएगा। शनिवार की रात्रि थाना प्रांगण में रामडोल जुलूस के आयोजकों, विभिन्न अखाड़ों के उस्ताद व खलीफाओं तथा गणमान्य व्यक्तियों की बैठक में एसडीएम घनश्याम वर्मा व सीओ अर्चना सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस पर शासन की गाइडलाइंस का सभी को अनुपालन करना है। एसडीएम व सीओ ने कहा कि श्री कृष्ण की जन्माष्टमी पर लोग अपने घरों को सजाएं व अपने घरों में ही पूजा अर्चना करें। मंदिरों को सजाएं लेकिन मंदिरों में पांच श्रद्धालु से ज्यादा एकत्र न हो। मास्क लगाएं व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। कोरोना महामारी के चलते कोई भी सार्वजनिक आयोजन, जुलूस आदि नहीं निकाल सकता। थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर ने कहा कि शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। बैठक में बर्फानी सेवा समिति के अध्यक्ष शीतांशु अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सभासद गोपाल शर्मा, मुकेश अग्रवाल, साहू कपिल अग्रवाल तथा सभी अखाड़ों के उस्ताद व खलीफाओं ने हिस्सा लिया।
12 अगस्त को मनाया जाएगा त्योहार
स्योहारा। नगर क्षेत्र में 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सरकार के निर्देश अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मनाया जाएगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं को सीमित संख्या प्रवेश मिलेगा। श्रद्धालु श्रीकृष्ण की झांकियों के दर्शन दूर से ही करेंगे। श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी पंडित भास्कर शास्त्री का कहना है कि मथुरावासी श्रीकृष्ण का जन्म जेल में होने के कारण जन्म अष्टमी के रूप में मनाते हैं। जबकि गोकुलवासी श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाते हैं। वृंदावन स्थित श्रीबांके बिहारी जी के मंदिर में 12 अगस्त को उदया तिथि अष्टमी बुधवार का योग हैं। नगर में जन्मोत्सव का व्रत सूर्य उदय के साथ प्रारंभ होकर रात्रि 12 बजे तक रहेगा। सभी व्रत करने वाले श्रद्धालु दिन में पूजन आदि के बाद फलाहार का सेवन कर सकते हैं। मंदिर प्रबंधक मुकेश कुमार रस्तोगी का कहना है कि मंदिरों को भव्य रूप से सजाने के लिए सजावट एवं लाइटिंग कार्य शुरू हो चुके हैं। इस बार मंदिरों में सैनिटाइजिंग की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए ये आवश्यक होगा कि वे अनिवार्य रूप से मास्क लगाकर ही मंदिरों में आएं।