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नजीबाबाद में आयोजित हुआ विशाल अमन-एकता सम्मेलन
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बिजनौर: नजीबाबाद में अमन-एकता सम्मेलन में प्यार, अमन और शांति बनाए रखने का संकल्प लेते विभिन्न धर?
- फोटो : NAZIBABAD
नजीबाबाद। जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से सर्वधर्म अमन-एकता सम्मेलन आयोजित किया गया, इसमें एकता, शांति और भाईचारा कायम रखने का धर्म गुरुओं ने संकल्प लिया। आचार्य आरएन केला इंटर कॉलेज में अमन-एकता सम्मेलन में एक मंच पर आकर विभिन्न धर्मों के धर्म गुरुओं ने कहा कि हम सब भारतीय हैं। देश की आजादी से लेकर आज तक हमने इंसानियत, अमन और भाईचारे से देश को सींचा है। हर कीमत पर अमन और शांति रखना हमारा फर्ज है।
मौलाना असलम कासमी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में कारी शम्सुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने कहा कि सभी धर्मों से इंसानियत और एकता का पैगाम मिलता है। हमें नफरत की जगह मोहब्बत के फूल बरसाने हैं। इसी से हिंदुस्तान की तरक्की और सर्वधर्म एकता का पैगाम मिलता है।
ईसाई धर्म प्रतिनिधि फादर शिबू थॉमस ने अमन और एकता के लिए असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश, मृत्यु से जीवन की ओर सकारात्मक सोच से बढ़ने का पैगाम दिया। ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा कि सभी धर्मों ने गंगा-जमुनी रिवायत बनाने, भाईचारे और एकता के सूत्र में बंधने का संदेश दिया। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना ईसा ने कहा कि इस्लाम ने इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम दिया है।
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सतपाल सिंह भगत ने कहा कि नफरत, घृणा और हिंसा देश और देशवासियों के लिए नुकसान देती है। उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ अनेकता में एकता की नीव मजबूत रखने की सलाह दी। सम्मेलन आयोजक जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना असलम कासमी ने कहा कि अमन एकता सम्मेलन के जरिए देशवासियों को यह पैगाम पहुंचाना है कि हम सब अपने-अपने मजहबों को मामने के बावजूद एक माला के मोती हैं। स्टेशन वाली मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती असरार और मुफ्ती मो. कलीम ने हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी रिवायत बनाने और देश को आजाद कराने में सभी धर्मों के लोगों की कुर्बानी का जिक्र करते हुए देश को तोड़ने वाली साजिशों से सतर्क रहने का आह्वान किया।
मुफ्ती असरार के संचालन में आयोजित सम्मेलन में प्रधानाचार्य डॉ.भूपेंद्र सिंह, कारी शुएब, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार बलवीर सिंह, सेक्रेट्री जितेंद्र कक्कड़, मुफ्ती मो.अरशद, मुफ्ती उवैस अकरम, मो.अरशद महमूद, सरदार भगीरथ सिंह, सुधीर पाराशर, हाफिज रईस सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया। सम्मेलन आयोजन में मदरसा अनवारूल उलूम और शम्सुल उलूम के स्काउट ने सहयोग किया।
राष्ट्र की एकता-अखंडता का दिया पैगाम
नजीबाबाद। अमन-एकता सम्मेलन के मंच से राष्ट्रीय ध्वज और जमीयत उलमा-ए-हिंद के झंडे लहराते रहे। सम्मेलन ने समाज को इंसानियत, प्यार-मोहब्बत और भाईचारे के साथ अपने-अपने धर्मों में समाने, दूसरे धर्मों की भावनाओं को सम्मान देने, अमन तोड़ने वाली साजिशों को नाकाम करने, राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित रहने का पैगाम दिया।
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मौलाना असलम कासमी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में कारी शम्सुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने कहा कि सभी धर्मों से इंसानियत और एकता का पैगाम मिलता है। हमें नफरत की जगह मोहब्बत के फूल बरसाने हैं। इसी से हिंदुस्तान की तरक्की और सर्वधर्म एकता का पैगाम मिलता है।
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ईसाई धर्म प्रतिनिधि फादर शिबू थॉमस ने अमन और एकता के लिए असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश, मृत्यु से जीवन की ओर सकारात्मक सोच से बढ़ने का पैगाम दिया। ज्ञानी शमशेर सिंह ने कहा कि सभी धर्मों ने गंगा-जमुनी रिवायत बनाने, भाईचारे और एकता के सूत्र में बंधने का संदेश दिया। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना ईसा ने कहा कि इस्लाम ने इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम दिया है।
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सतपाल सिंह भगत ने कहा कि नफरत, घृणा और हिंसा देश और देशवासियों के लिए नुकसान देती है। उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ अनेकता में एकता की नीव मजबूत रखने की सलाह दी। सम्मेलन आयोजक जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना असलम कासमी ने कहा कि अमन एकता सम्मेलन के जरिए देशवासियों को यह पैगाम पहुंचाना है कि हम सब अपने-अपने मजहबों को मामने के बावजूद एक माला के मोती हैं। स्टेशन वाली मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती असरार और मुफ्ती मो. कलीम ने हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी रिवायत बनाने और देश को आजाद कराने में सभी धर्मों के लोगों की कुर्बानी का जिक्र करते हुए देश को तोड़ने वाली साजिशों से सतर्क रहने का आह्वान किया।
मुफ्ती असरार के संचालन में आयोजित सम्मेलन में प्रधानाचार्य डॉ.भूपेंद्र सिंह, कारी शुएब, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार बलवीर सिंह, सेक्रेट्री जितेंद्र कक्कड़, मुफ्ती मो.अरशद, मुफ्ती उवैस अकरम, मो.अरशद महमूद, सरदार भगीरथ सिंह, सुधीर पाराशर, हाफिज रईस सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया। सम्मेलन आयोजन में मदरसा अनवारूल उलूम और शम्सुल उलूम के स्काउट ने सहयोग किया।
राष्ट्र की एकता-अखंडता का दिया पैगाम
नजीबाबाद। अमन-एकता सम्मेलन के मंच से राष्ट्रीय ध्वज और जमीयत उलमा-ए-हिंद के झंडे लहराते रहे। सम्मेलन ने समाज को इंसानियत, प्यार-मोहब्बत और भाईचारे के साथ अपने-अपने धर्मों में समाने, दूसरे धर्मों की भावनाओं को सम्मान देने, अमन तोड़ने वाली साजिशों को नाकाम करने, राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित रहने का पैगाम दिया।