फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   It is acceptable to live in the rising waves, will not leave the ground

उफनती लहरों में रहना मंजूर, जमीन छोड़कर नहीं जाएंगे

Sun, 20 Jun 2021 11:43 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:43 PM IST
विज्ञापन
It is acceptable to live in the rising waves, will not leave the ground
बिजनौर के ग्राम रावली क्षेत्र में गंगा की धारा में टापू पर रहने वाले परिवार ने जमीन छोड़कर टीम के ? - फोटो : BIJNOR
उफनती लहरों में रहना मंजूर, जमीन छोड़कर नहीं जाएंगे
विज्ञापन

रजनीश त्यागी
बिजनौर। पहाड़ों और जिले में हो रही बारिश के कारण गंगा में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन एनडीआरएफ और पीएसी की टीम के साथ गंगा में बने टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटा है। इस दौरान टीम को कुछ ऐसे परिवार भी टापू पर रहते मिले, जिन्होंने उफनती लहरों के बीच अपनी जमीन को छोड़कर जाने से इनकार कर दिया। टीम के लाख समझाने पर भी उन्होंने कह दिया कि उन्हें उफनती लहरों में रहना मंजूर है, लेकिन जमीन छोड़कर किसी भी कीमत पर नहीं जाएंगे।
गंगा के उफान के बीच हर कोई सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ परिवार ऐसे भी हैं जो दो धाराओं के बीच फंसे तो हैं, लेकिन वहां बनी अपनी अस्थायी झोपड़ी को छोड़कर आने को तैयार नहीं हैं। शनिवार को जब गंगा में लोगों के फंसने का पता चला तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में टीमें भेजी गईं। जब टीमों ने वहां मिले लोगों के न आने का कारण और उनसे बातचीत का वीडियो दिखाया तो प्रशासनिक अधिकारी भी चौंक गए। सुरक्षा की दृष्टि से उनके नाम तो नहीं खोले गए, लेकिन उनसे हुई बातचीत स्थिति समझाने के लिए काफी है।
विज्ञापन

टापू पर एक परिवार को देखा तो टीम वहां पहुंच गई। वहां दो साल के बच्चे से लेकर 10 साल तक की बच्ची, महिलाएं भी थीं। टीम ने जब परिवार के मुखिया से सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए उनके साथ बैठने को कहा तो उसने साफ इनकार कर दिया। बोला कि चला गया तो यहां जो जमीन है, वह फिर नहीं मिलेगी। यहां कुछ पशु भी हैं। हमारा परिवार तो सुरक्षित है, दूसरे लोगों को साथ ले जाओ। टीम ने कहा कि यदि कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। जिंदा ही नहीं रहे तो जमीन का क्या करोगे। पानी और बढ़ सकता है। तमाम तर्क के बावजूद यह परिवार नहीं माना और टीम के साथ नहीं आया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरों को ले जाओ, हमें यहीं रहने दो
एक दूसरी टीम ने जब टापू पर झोपड़ी को ठीक कर रहे कुछ लोगों को देखा तो उनसे साथ चलने को कहा। जवाब सुनकर टीम यहां भी दंग रह गई। परिवार के मुखिया ने जवाब दिया कि आप दूसरों को लेकर जाओ, हमें यहीं रहने दो। यहां पानी नहीं आएगा। टीम ने समझाया, लेकिन उसने साथ चलने से ही इनकार कर दिया। उसके साथ भी तीन से चार परिवार के सदस्य थे।

गंगा में फंसे लोगों को चिह्नित कर बाहर निकाला जा रहा है। अब तक 50 से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर लाए जा चुके हैं। यह आश्चर्य की बात है कि लोग गंगा में जलस्तर बढ़ने के बाद टापू पर परिवार के साथ फंसे हैं और टीम के साथ नहीं आ रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके - उमेश मिश्रा, डीएम

बिजनौर के ग्राम रावली क्षेत्र में गंगा की धारा में टापू पर रहने वाले परिवार ने जमीन छोड़कर टीम के ?

बिजनौर के ग्राम रावली क्षेत्र में गंगा की धारा में टापू पर रहने वाले परिवार ने जमीन छोड़कर टीम के ?- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed