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अमन का पैगाम देने वाला मजहब इस्लाम
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:09 AM IST
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बिजनौर के जलालाबाद। में हजरत इमाम हुसैन (अलै.) के चेहल्लुम पर अंजुमन फैज ए कायम की ओर से मजलिस आयोजित की गई। मजलिस में मौलाना निसार हैदर ने कहा कि इस्लाम अमन का पैगाम देने वाला मजहब है। मौजूदा माहौल में बच्चों को दीनी तालीम देने की जरूरत है।
मंगलवार को गांव हुसैनपुर के मोहल्ला सादात पटवारियान में इमाम बारगाह में आयोजित मजलिस में सैय्यद जीशान हैद, सैय्यद बाकर व अली अब्बास ने सोजख्वानी की। अंजुमन फरोगे अजा के जाकिर हुसैन ने मरसिया ख्वानी की। मौलाना निसार हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इस्लाम मजलूमियत का नाम है। इस्लाम में इंसानियत का खून नहीं बहाया जाता। इस्लाम शांति का मजहब है। करबला हकीकत में कयामत तक आतंकवाद के खिलाफ जंग का पैगाम है। जेहाद इस्लाम में हक का परचम बुलंद करता है। जेहाद को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इस्लाम अमनो-अमान और मुहब्बत का पैगाम देता है। आज के समय में भी कौम की खुशहाली के लिए अमन चैन के साथ सभी को रहने की जरूरत है। शांति के बल पर हम विकास की हर बुलंदियों को छू सकते हैं। आज लोगों को अल्लाह के बताए नेक रास्ते पर चलने की जरूरत है। मौलाना ने कहा कि कौम के लोगों को समाज की भलाई के लिए काम करने की जरूरत है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना एक सबसे बड़ा पुण्य काम है। इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए ही इमाम हुसैन ने अपनी कुर्बानी दी। इस मौके पर जमील रजा, सैय्यद मो.जाफर, अहमद अब्बास, अंजार हैदर, अबुजर अब्बास, जीशान हैदर, हैदर अब्बास, एजाज मैहदी, अहमद रजा आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को गांव हुसैनपुर के मोहल्ला सादात पटवारियान में इमाम बारगाह में आयोजित मजलिस में सैय्यद जीशान हैद, सैय्यद बाकर व अली अब्बास ने सोजख्वानी की। अंजुमन फरोगे अजा के जाकिर हुसैन ने मरसिया ख्वानी की। मौलाना निसार हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इस्लाम मजलूमियत का नाम है। इस्लाम में इंसानियत का खून नहीं बहाया जाता। इस्लाम शांति का मजहब है। करबला हकीकत में कयामत तक आतंकवाद के खिलाफ जंग का पैगाम है। जेहाद इस्लाम में हक का परचम बुलंद करता है। जेहाद को आतंकवाद से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इस्लाम अमनो-अमान और मुहब्बत का पैगाम देता है। आज के समय में भी कौम की खुशहाली के लिए अमन चैन के साथ सभी को रहने की जरूरत है। शांति के बल पर हम विकास की हर बुलंदियों को छू सकते हैं। आज लोगों को अल्लाह के बताए नेक रास्ते पर चलने की जरूरत है। मौलाना ने कहा कि कौम के लोगों को समाज की भलाई के लिए काम करने की जरूरत है। जरूरतमंद लोगों की मदद करना एक सबसे बड़ा पुण्य काम है। इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए ही इमाम हुसैन ने अपनी कुर्बानी दी। इस मौके पर जमील रजा, सैय्यद मो.जाफर, अहमद अब्बास, अंजार हैदर, अबुजर अब्बास, जीशान हैदर, हैदर अब्बास, एजाज मैहदी, अहमद रजा आदि मौजूद रहे।
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