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बिजनौर: धार्मिक स्थलों पर मनोरोग चिकित्सक दूर करेंगे मन का वहम

Sun, 12 Feb 2023 11:32 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sun, 12 Feb 2023 11:32 PM IST
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International Epilepsy Day Special: Psychiatrists will remove the illusion of the mind at religious places
अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस विशेष
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- दवा से दुआ कार्यक्रम के तहत लोगों की सुनेंगे परेशानी
- सप्ताह में एक धार्मिक स्थल पर लगेगा स्वास्थ्य शिविर
- पागलपन के दोरेे ऊपरी असर नहीं, मनोरोग की समस्या
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। आज अंतरराष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जा रहा है। मानसिक स्थिति बिगड़ने पर मरीज को दौरे पड़ते हैं। मगर लोग ऊपरी असर समझ मानसिक रोगियों का इलाज मजारों, मंदिरों में ही कराते हैं। इसी को लेकर अब लोगों के मन का वहम दूर करने के लिए धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। मनोरोग चिकित्सक मरीजों से बातचीत कर दवा देंगे।
मानसिक रोग को ऊपरी साया समझ बैठे लोगों को जागरूक करने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। जब से जिला अस्पताल में मनकक्ष की शुरूआत हुई है, तब से मानसिक रोग पर काम किया जा रहा है। जिससे लोगों की मानसिक स्थिति को सुधारा जा सके। इसी क्रम में जिलेभर में ऐसे मंदिरों, आश्रम, मजारों पर ''दवा से दुआ'' कार्यक्रम आयोजित होंगे, जहां भूत-प्रेत के साये को भगाया जाता है। पहले चरण में इन धार्मिक स्थलों के प्रभारियों को जागरूक कर उन्हें इस कार्यक्रम के बारे में बताया जाएगा। जो उन्हें धार्मिक क्रिया करनी है, वह करें, लेकिन मरीजों को जिला अस्पताल भी रेफर करना होगा।
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मनोदशा को देख मरीजों को दी जाएगी दवा
धार्मिक स्थलों पर आने वाले मरीजों की मनोदशा को देखते हुए मनोरोग चिकित्सक दवा देंगे। कार्यक्रम में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट आयुषी दीक्षित मरीजों को परामर्श देंगी। इसके बाद लक्षणों के आधार पर मरीजों का इलाज किया जाएगा। चिकित्सक उनसे रोजमर्रा के सवाल भी पूछेंगे।
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इन सवालों से मरीजों की स्थिति का पता लगाएंगे चिकित्सक
कार्यक्रम में मरीजों को एक प्रपत्र दिया जाएगा। जिसमें 20 सवाल होंगे, उनके जवाब हां या नहीं देने होंगे। इसके बाद सवालों के जवाब के आधार पर मरीज की स्थिति का पता चलेगा। इस प्रपत्र में सिर दर्द, भूख नहीं लगना, नींद नहीं आना, जल्द डरना, हाथ कांपना, घबराहट होना, अपने आप को खत्म करने का विचार आना सहित 20 सवाल पूछे जाएंगे।
जिला अस्पताल में भी हो रहा मिर्गी के रोगियों का इलाज
जिला अस्पताल में हर महीने मिर्गी के 10 मरीज तक पहुंच रहे हैं। उनके इलाज के लिए अस्पताल में दवा उपलब्ध है। वैसे तो मिर्गी का उपचार न्यूरोलॉजिस्ट करते हैं, लेकिन इसका उपचार मनोरोग चिकित्सक भी कर सकते हैं। जिला अस्पताल में मनोरोग चिकित्सक मिर्गी के मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं।

वर्जन::
धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित कर आने वाले मरीजों की जांच की जाएगी। क्योंकि ज्यादातर लोगों की मानसिक स्थिति बिगड़ रहती है। समय से सही इलाज नहीं मिलने पर व्यक्ति की हालत पहले से भी गंभीर हो जाती है। अस्पताल में भी मिर्गी के मरीजों को दवा दी जा रही है।.....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग चिकित्सक, जिला अस्पताल
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