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Bijnor News: लेखपाल को तत्काल निलंबित करने के निर्देश
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लेखपाल को तत्काल निलंबित करने के निर्देश
छाछरी मोड़। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मंगलवार को गांव छाछरी टीप स्थित गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोशाला पर सभी व्यवस्थाएं सही पाई र्गइं। खंड विकास अधिकारी हल्दौर ने डीएम को बताया कि गोशाला के समीप चरागाह की भूमि है, जिस पर कब्जा कर खेती की जा रही है। डीएम ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि चरागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराएं। जमीन में खड़ी फसल को अधिकृत कर उसकी नीलामी कराते हुए उपलब्ध धनराशि गो आश्रय स्थल की व्यवस्था में खर्च करें। निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने बताया कि गोवंश के चारे की व्यवस्था के लिए प्रतिदिन 30 से 40 क्विंटल अगोला खरीदा जाता है। गोवंश को चारे एवं पानी की उचित व्यवस्था नियमित रूप से की जाती है। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सभी गोवंश का नियमित रूप से मुआयना करते रहें। यदि कोई पशु बीमार अथवा सुस्त दिखाई दें, तो तत्काल उसका परीक्षण कर समुचित उपचार करना सुनिश्चित करें। वर्तमान में गो आश्रय स्थल में 300 के सापेक्ष 346 गोवंश मौजूद हैं।
निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, टीन शेड में सर्दी से बचाने के लिए जमीन पर बिछी हुई पराली तथा अन्य व्यवस्थाएं ठीक पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। गो आश्रय स्थल पर कुल 09 कर्मचारी पाए गए। डीएम द्वारा उनसे वेतन प्राप्त होने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि हम सभी को नियमित रूप से वेतन मिलता है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी हल्दौर वीरेंद्र यादव, आपदा प्रबंधक प्रशांत कुमार सहित मौजूद रहे।
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छाछरी मोड़। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मंगलवार को गांव छाछरी टीप स्थित गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोशाला पर सभी व्यवस्थाएं सही पाई र्गइं। खंड विकास अधिकारी हल्दौर ने डीएम को बताया कि गोशाला के समीप चरागाह की भूमि है, जिस पर कब्जा कर खेती की जा रही है। डीएम ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने एसडीएम को निर्देश दिए कि चरागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराएं। जमीन में खड़ी फसल को अधिकृत कर उसकी नीलामी कराते हुए उपलब्ध धनराशि गो आश्रय स्थल की व्यवस्था में खर्च करें। निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने बताया कि गोवंश के चारे की व्यवस्था के लिए प्रतिदिन 30 से 40 क्विंटल अगोला खरीदा जाता है। गोवंश को चारे एवं पानी की उचित व्यवस्था नियमित रूप से की जाती है। पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि सभी गोवंश का नियमित रूप से मुआयना करते रहें। यदि कोई पशु बीमार अथवा सुस्त दिखाई दें, तो तत्काल उसका परीक्षण कर समुचित उपचार करना सुनिश्चित करें। वर्तमान में गो आश्रय स्थल में 300 के सापेक्ष 346 गोवंश मौजूद हैं।
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निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, टीन शेड में सर्दी से बचाने के लिए जमीन पर बिछी हुई पराली तथा अन्य व्यवस्थाएं ठीक पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया। गो आश्रय स्थल पर कुल 09 कर्मचारी पाए गए। डीएम द्वारा उनसे वेतन प्राप्त होने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि हम सभी को नियमित रूप से वेतन मिलता है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी हल्दौर वीरेंद्र यादव, आपदा प्रबंधक प्रशांत कुमार सहित मौजूद रहे।
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