{"_id":"641b507b158c60776b0fa607","slug":"in-chandpur-the-idol-of-mother-made-of-ashtadhatu-comes-out-during-navratri-bijnor-news-c-14-1-163831-2023-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: चांदपुर में नवरात्र में बाहर आती है अष्टधातु से बनी माता की प्रतिमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: चांदपुर में नवरात्र में बाहर आती है अष्टधातु से बनी माता की प्रतिमा
Thu, 23 Mar 2023 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 23 Mar 2023 12:31 AM IST
विज्ञापन
चांदपुर में महाभारतकालीन देवी मंदिर पर नवरात्र में स्थापित माता की अष्टधातु की प्रतिमा।
चांदपुर/बिजनौर। नवरात्र शुरू हो चुके हैं। ऐसे में लोग मंदिरों पर माता के दर्शन के लिए जा रहे हैं। चांदपुर में महाभारतकालीन देवी मंदिर कुछ मायनों में अलग है। क्योंकि यहां पर प्राचीन मंदिर तो है ही, साथ ही अष्टधातु की माता की प्रतिमा भी लोगों की आस्था का केंद्र रहती है। नवरात्रों में ही माता की यह मूर्ति बैंक लॉकर से बाहर आती है और इसकी सुरक्षा में पुलिस की पूरी गार्द रहती है।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कीर्ति प्रकाश के पिता लाला हरस्वरूप अग्रवाल मंदिर पर नवरात्र में मेले की व्यवस्था बनाए हुए थे। उनके शरीर पूर्ण करने के बाद कीर्ति प्रकाश इस परंपरा को कायम रखे हुए हैं। करीब बीस साल पहले मंदिर पर मां की सेवा करते रहे रामस्वरूप माली के मोहल्ला पतियापाड़ा स्थित आवास पर माता रानी की अष्ट धातु की प्रतिमा रखी जाती थी। उनके निधन के बाद व सुरक्षा की दृष्टि से माता रानी की अष्ट धातु की प्रतिमा को बैंक लॉकर में रखा जाता है। जिसे नवरात्र के शुरू होने से पूर्व नगर में बैंडबाजे व सुंदर झांकियों के साथ शोभायात्रा निकालकर मंदिर में स्थापित किया जाता है।
नवरात्र के समापन पर माता रानी की प्रतिमा को बैंड बाजे के साथ रामस्वरूप माली के पुत्र लक्ष्मण सिंह के आवास पर ले जाकर पूजा अर्चना के बाद नवरात्र महोत्सव का समापन किया जाता है। उसके बाद प्रतिमा का को बैंक लॉकर में रख दिया जाता है। नवरात्रों के दौरान माता की इस प्रतिमा की सुरक्षा में पुलिस की पूरी गार्द रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कीर्ति प्रकाश के पिता लाला हरस्वरूप अग्रवाल मंदिर पर नवरात्र में मेले की व्यवस्था बनाए हुए थे। उनके शरीर पूर्ण करने के बाद कीर्ति प्रकाश इस परंपरा को कायम रखे हुए हैं। करीब बीस साल पहले मंदिर पर मां की सेवा करते रहे रामस्वरूप माली के मोहल्ला पतियापाड़ा स्थित आवास पर माता रानी की अष्ट धातु की प्रतिमा रखी जाती थी। उनके निधन के बाद व सुरक्षा की दृष्टि से माता रानी की अष्ट धातु की प्रतिमा को बैंक लॉकर में रखा जाता है। जिसे नवरात्र के शुरू होने से पूर्व नगर में बैंडबाजे व सुंदर झांकियों के साथ शोभायात्रा निकालकर मंदिर में स्थापित किया जाता है।
विज्ञापन
नवरात्र के समापन पर माता रानी की प्रतिमा को बैंड बाजे के साथ रामस्वरूप माली के पुत्र लक्ष्मण सिंह के आवास पर ले जाकर पूजा अर्चना के बाद नवरात्र महोत्सव का समापन किया जाता है। उसके बाद प्रतिमा का को बैंक लॉकर में रख दिया जाता है। नवरात्रों के दौरान माता की इस प्रतिमा की सुरक्षा में पुलिस की पूरी गार्द रहती है।
विज्ञापन