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गाय के गोबर और गोमूत्र का बताया महत्व
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बिजनौर। भारतीय गो रक्षक गोवंश संरक्षण संवर्धन परिषद, विश्व हिंदू परिषद बिजनौर की ओर से लोगों को गाय के गोबर और गोमूत्र के महत्व पर जानकारी दी गई। वक्ताओं ने इसके आर्थिक पक्ष को समझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया।
बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए श्रीकृष्ण गोशाला नगीना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉ. मंजू चौधरी उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि गोरक्षा इस क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। बताया कि विहिप गोरक्षा के सभी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर गोबर के महत्व को समझाकर गाय किसान के खूंटे पर ही रहे, बेसहारा न घूमें, इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है।
डा. मंजू चौधरी ने बताया कि गोकाष्ठ बनाने से हमें दोहरे फायदे होंगे। एक तो गाय के गोबर से हमारी आमदनी बढ़ेगी और दूसरी तरफ दाह संस्कार के लिए लकड़ी के स्थान पर गोकाष्ठ के उपयोग होने से पेड़ कटने से बचेंगे। सीवीओ डॉ. बिजेंदर बालियान ने बताया कि किस तरह से किसान और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिना दूध देने वाली गायों का पालन करके अपनी आए बढ़ा सकते है। कार्यशाला में ज्ञानेश्वर सिंह, विमल चौधरी, सुभाष सिंह, मधु भूषण, मीना त्यागी, ज्ञानदेवी, विशाल आदि प्रशिक्षण लिया।
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बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए श्रीकृष्ण गोशाला नगीना में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉ. मंजू चौधरी उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि गोरक्षा इस क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। बताया कि विहिप गोरक्षा के सभी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर गोबर के महत्व को समझाकर गाय किसान के खूंटे पर ही रहे, बेसहारा न घूमें, इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रयासरत है।
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डा. मंजू चौधरी ने बताया कि गोकाष्ठ बनाने से हमें दोहरे फायदे होंगे। एक तो गाय के गोबर से हमारी आमदनी बढ़ेगी और दूसरी तरफ दाह संस्कार के लिए लकड़ी के स्थान पर गोकाष्ठ के उपयोग होने से पेड़ कटने से बचेंगे। सीवीओ डॉ. बिजेंदर बालियान ने बताया कि किस तरह से किसान और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिना दूध देने वाली गायों का पालन करके अपनी आए बढ़ा सकते है। कार्यशाला में ज्ञानेश्वर सिंह, विमल चौधरी, सुभाष सिंह, मधु भूषण, मीना त्यागी, ज्ञानदेवी, विशाल आदि प्रशिक्षण लिया।
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