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बिजनौर : ईंटों का जीएसटी जमा नहीं किया तो बैठ जाएगा भट्ठा

Fri, 20 Jan 2023 11:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 20 Jan 2023 11:42 PM IST
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If GST of bricks is not deposited then the kiln will sit
- जिले के भट्ठा स्वामियों को 15 दिन में कर जमा करने की दी गई है चेतावनी
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- जीएसटी जमा नहीं की तो खाते होंगे सीज , 5.5 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया है ईंट भट्ठों पर
फोटो समाचार
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जीएसटी टीम की कार्रवाई से व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है। इसी बीच जीएसटी विभाग ने ईंट भट्ठा मालिकों को कम जीएसटी जमा करने पर चेतावनी जारी कर दी है। जिले के ईंट भट्ठा मालिकों ने दिसंबर तक साढ़े पांच करोड़ कम जीएसटी जमा किया है। इसके लिए ईंट भट्ठा मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया है। तय समय में जीएसटी जमा न करने वाले भट्ठा स्वामियों के खाते सीज कर दिए जाएंगे।
जिले में 294 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। जिनमें से कुछ ईंट भट्ठा संचालकों ने कर जमा नहीं किया है। जिसको लेकर शुक्रवार को जीएसटी विभाग ने ईंट भट्ठा एसोसिएशन की बैठक बुलाई थी। बैठक में जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने पूरी जीएसटी जमा करने के निर्देश दिए। जीएसटी विभाग बनने से पहले करोड़ों रुपये का वस्तु-सेवा कर भी जमा नहीं किया गया है। उन्हें बकाया कर जमा करने के लिए भी कहा गया है। सत्र 2021-22 में 228 ईंट भट्ठे समाधान योजना में शामिल थे। जिन पर एक प्रतिशत का कर लगता था। शेष 66 ईंट भट्ठे सामान्य डीलर की श्रेणी में थे। जिन पर कर देय पांच प्रतिशत था। सत्र 2021-22 में दो करोड़ कर जमा किया गया, लेकिन 2022-23 में शासन की ओर से नई व्यवस्था की गई। जिसके तहत समाधान योजना को समाप्त कर दिया गया।
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अब सभी ईंट भट्ठा संचालक सामान्य डीलर घोषित
समाधान योजना समाप्त होने की वजह से सभी ईंट भट्ठा संचालकों को सामान्य डीलर घोषित किया गया। इसके बाद ईंट भट्ठा संचालकों को दो विकल्प दिए गए। जो ईंट भट्ठे वाले आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का प्रयोग करना चाहते हैं, उन पर कर देय 12 प्रतिशत निर्धारित किया गया। जो ईंट भट्ठा संचालक आईटीसी का प्रयोग नहीं करना चाहते हैं, उन पर कर देय पांच प्रतिशत निर्धारित किया गया। जिसके चलते जिले के सभी ईंट भट्ठा संचालकों ने आईटीसी नहीं लेने का विकल्प चुना।
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ईंट भट्ठा संचालकों को अब देना होगा छह प्रतिशत कर
आईटीसी का विकल्प नहीं चुनने पर अब ईंट भट्ठा संचालकों को छह प्रतिशत कर देना है। पहले समाधान योजना में एक प्रतिशत कर देय था। इस परिवर्तन के बाद जिले के ईंट भट्ठा संचालकों को 31 दिसंबर तक करीब नौ करोड़ की जीएसटी जमा करना था। मगर अभी केवल साढ़े तीन करोड़ जीएसटी ही जमा किया गया है। इसलिए ही ईंट भट्ठा संचालकों को 15 दिन में साढ़े पांच करोड़ जीएसटी जमा करने की चेतावनी दी है। 15 दिन में कर जमा कराने पर ईंट भट्ठा संचालकों का सर्वे किया जाएगा। इसके बाद उनकी एसआईबी टीम जांच करेगी।
----------- कोट
ईंट भट्ठा एसोसिएशन की बैठक में पदाधिकारियों से कर जमा कराने के लिए कहा गया है। इसके लिए व्यापार कर बकाया ईंट भट्ठा संचालकों की सूची बनाकर एसोसिएशन को दी जाएगी। दिए समय के अनुसार कर जमा नहीं करने पर संचालकों के खाते सीज और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, जीएसटी

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जो ईंट भट्ठा संचालक कर जाम नहीं कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्यादातर ईंट भट्ठा संचालक कर जमा कर रहे हैं। सभी से कर जमा करने के लिए कहा जा रहा है - रविंद्र कुमार चौहान, जिला सचिव, ईंट भट्ठा एसोसिएशन
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