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Bijnor News: मंडावली - मालन नदी के पानी से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न
Thu, 20 Jul 2023 12:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 20 Jul 2023 12:12 AM IST
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मंडावली के शेखुपुरा आलम में मालन नदी के पानी से जलमग्न फसल।
- खेतों में जलभराव होने से सुख गई गन्ने और चारे की फसल
फोटो-19एनजेडबी08ए और 08बी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावली/नांगलसोती। मालन नदी के पानी से क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। लंबे समय से पानी भरा होने से किसानों की गन्ने और चारे की फसलें सूख गई। ग्रामीणों को पशुओं के चारे के लिए भटकना पड़ रहा है।
मंडावली क्षेत्र के गांव शेखुपुरा आलम, लाहककला, मुस्सेपुर, आलोपुर, धनसीनी की कृषि भूमि मालन नदी से जलमग्न हो गई। कई दिनों से पानी भरा होने के कारण किसानों की चारे और गन्ने की फसलें सूख गई हैं। ग्रामीण चमन सिंह, कुलदीप सिंह, सतीश प्रजापति, शिवकुमार, अनुज कुमार का कहना है कि नदी के दोनों ओर करीब एक हजार बीघा फसलों में कई दिन से पानी भरा हुआ है। जिस कारण पशुओं के चारे की फसल नष्ट हो गई। किसानों को मालन नदी क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगलों में पशुओं के लिए चारा लेने जाना पड़ रहा है। उधर, नांगलसोती क्षेत्र के जालपुर, नांगल, कोटसराय, करौली में भी वर्षा के पानी से फसलें जलमग्न हैं।
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फोटो-19एनजेडबी08ए और 08बी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडावली/नांगलसोती। मालन नदी के पानी से क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। लंबे समय से पानी भरा होने से किसानों की गन्ने और चारे की फसलें सूख गई। ग्रामीणों को पशुओं के चारे के लिए भटकना पड़ रहा है।
मंडावली क्षेत्र के गांव शेखुपुरा आलम, लाहककला, मुस्सेपुर, आलोपुर, धनसीनी की कृषि भूमि मालन नदी से जलमग्न हो गई। कई दिनों से पानी भरा होने के कारण किसानों की चारे और गन्ने की फसलें सूख गई हैं। ग्रामीण चमन सिंह, कुलदीप सिंह, सतीश प्रजापति, शिवकुमार, अनुज कुमार का कहना है कि नदी के दोनों ओर करीब एक हजार बीघा फसलों में कई दिन से पानी भरा हुआ है। जिस कारण पशुओं के चारे की फसल नष्ट हो गई। किसानों को मालन नदी क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगलों में पशुओं के लिए चारा लेने जाना पड़ रहा है। उधर, नांगलसोती क्षेत्र के जालपुर, नांगल, कोटसराय, करौली में भी वर्षा के पानी से फसलें जलमग्न हैं।
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