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बरसात से ढहा मकान, चार बच्चे मलबे में दबे
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सुआवाला में बारिश से गिरे मकान के मलबे के नीचे हुए नुकसान को दिखाता गृहस्वामी।
- फोटो : DHAMPUR
बरसात से ढहा मकान, चार बच्चे मलबे में दबे
अफजलगढ। गांव सुआवाला में बृहस्पतिवार देर रात से लगातार हो रही बारिश के चलते शुक्रवार सवेरे करीब नौ बजे एक मकान गिर गया। मलबे के नीचे दबने से परिवार के चार बच्चे घायल हो गए। शोर मचाने पर ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाल और निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। एक बच्चे की गंभीर हालत बनी है। घटना की सूचना तहसीलदार और एसडीएम को दे दी गई है। आरोप है कि शाम तक गांव में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
गांव सुआवाला निवासी मोहम्मद यामीन पुत्र छुटटू खां ने बताया कि वह मजदूरी करता है और गांव के पश्चिम दिशा में तालाब के किनारे पर कच्चे मकान में उसका परिवार रहता है। परिवार में उसकी पत्नी शाहजहां खातून व पांच बच्चे है। शुक्रवार सुबह जब उसके बच्चे घर पर थे। अचानक भरभराकर मकान गिर गया। मलबे में यामीन का बेटा मोहम्मद तालिब (6 वर्ष), मोहम्मद सुहेल (10 वर्ष), मोहम्मद अनस (16 वर्ष) और पुत्री सानिया (12 वर्ष) दब गए। चीख पुकार सुन मां शाहजहां खातून व पड़ोसी एकत्र हुए। बच्चों को मलबे से निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीण सरताज अहमद, मोहम्मद रहीस, मोहम्मद शहजाद, मोहम्मद इसरार, मोहम्मद सादाब, मोहम्मद युसुफ, मोहम्मद यूनुस व मतलूब ने इस बारे में एसडीएम और तहसीलदार को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि वह जल्द टीम गांव में भेजकर मुआयना कराएंगे और पीड़ित की हरसंभव मदद होगी, लेकिन शाम तक टीम गांव में नहीं पहुंची।
- विकास विभाग ने मांग के बाद भी नहीं बनवाया मकान
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विकास विभाग के अधिकारियों से पीड़ित यामीन का पक्का मकान बनवाने की मांग की। लेकिन भरोसा देते रहे, मकान नहीं बनवाया। ग्राम विकास अधिकारी करुणा चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास आवंटन नहीं हुए है। अभी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ही आवंटन हुआ है।
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- रिपोर्ट आने के बाद होगी मदद : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि टीम को गांव में भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार की मदद होगी। राजस्व टीम के गांव में नहीं पहुंचने की जांच कराएंगे। यदि टीम ने हीलाहवाली की तो कार्रवाई होगी।
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अफजलगढ। गांव सुआवाला में बृहस्पतिवार देर रात से लगातार हो रही बारिश के चलते शुक्रवार सवेरे करीब नौ बजे एक मकान गिर गया। मलबे के नीचे दबने से परिवार के चार बच्चे घायल हो गए। शोर मचाने पर ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाल और निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया गया। एक बच्चे की गंभीर हालत बनी है। घटना की सूचना तहसीलदार और एसडीएम को दे दी गई है। आरोप है कि शाम तक गांव में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
गांव सुआवाला निवासी मोहम्मद यामीन पुत्र छुटटू खां ने बताया कि वह मजदूरी करता है और गांव के पश्चिम दिशा में तालाब के किनारे पर कच्चे मकान में उसका परिवार रहता है। परिवार में उसकी पत्नी शाहजहां खातून व पांच बच्चे है। शुक्रवार सुबह जब उसके बच्चे घर पर थे। अचानक भरभराकर मकान गिर गया। मलबे में यामीन का बेटा मोहम्मद तालिब (6 वर्ष), मोहम्मद सुहेल (10 वर्ष), मोहम्मद अनस (16 वर्ष) और पुत्री सानिया (12 वर्ष) दब गए। चीख पुकार सुन मां शाहजहां खातून व पड़ोसी एकत्र हुए। बच्चों को मलबे से निकाला और निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीण सरताज अहमद, मोहम्मद रहीस, मोहम्मद शहजाद, मोहम्मद इसरार, मोहम्मद सादाब, मोहम्मद युसुफ, मोहम्मद यूनुस व मतलूब ने इस बारे में एसडीएम और तहसीलदार को अवगत कराया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि वह जल्द टीम गांव में भेजकर मुआयना कराएंगे और पीड़ित की हरसंभव मदद होगी, लेकिन शाम तक टीम गांव में नहीं पहुंची।
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- विकास विभाग ने मांग के बाद भी नहीं बनवाया मकान
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विकास विभाग के अधिकारियों से पीड़ित यामीन का पक्का मकान बनवाने की मांग की। लेकिन भरोसा देते रहे, मकान नहीं बनवाया। ग्राम विकास अधिकारी करुणा चौहान का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास आवंटन नहीं हुए है। अभी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ही आवंटन हुआ है।
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- रिपोर्ट आने के बाद होगी मदद : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि टीम को गांव में भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार की मदद होगी। राजस्व टीम के गांव में नहीं पहुंचने की जांच कराएंगे। यदि टीम ने हीलाहवाली की तो कार्रवाई होगी।