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पुलिस सतर्कता बरतती तो नहीं होती वारदात

Wed, 18 Dec 2019 11:45 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 11:45 PM IST
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History Sheeter Shahnawaz massacre Bijnor
पुलिस सतर्कता बरतती तो नहीं होती वारदात
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बिजनौर। जजी परिसर में सीजेएम कोर्ट के भीतर हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज की हत्या के पीछे पुलिस की घोर लापरवाही वजह बनी। क्योंकि न्यायालय परिसर में सुरक्षा और चेकिंग के लिए अधिकारियों ने जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई, वह अपनी जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभा सके। वारदात के बाद सीओ सिटी अरुण कुमार ने उच्चाधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।
दरअसल, एडीजी जोन बरेली ने भी नवंबर माह में ही पत्र भेजकर न्यायालय परिसर में सुरक्षा और चेकिंग व्यवस्था पुख्ता करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गत पांच दिसंबर को ही पुलिस अधीक्षक ने न्यायालय परिसर में लगाई गई पुलिसकर्मियों की ड्यूटी का आदेश जारी किया था। उसके तहत इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह को न्यायालय सुरक्षा व्यवस्था के प्रभारी, इंस्पेक्टर रमेशचंद शर्मा को कानून व्यवस्था प्रभारी और जयपाल सिंह जजी चौकी प्रभारी के रूप में तैनात थे। उधर, जजी परिसर में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी संचालन हेतु कांस्टेबल दीपक कुमार, सतेंद्र शर्मा, अंकुर यादव और रिंकू की ड्यूटी लगी थी। डीएफएफएमडी/एचएचएमडी संचालन हेतु 11 कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई थी। लगेज स्केनर (एक्सरे) संचालन हेतु दो कांस्टेबल की तैनाती थी। इसके अलावा जीडी लेखन कार्य हेतु दो कांस्टेबल तैनात किए गए थे। अब वारदात के बाद सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा और चेकिंग को लगाए गए पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी में गंभीरता नहीं बरती। यदि गंभीरता बरतते, तो चेकिंग में हथियार पकड़े जा सकते थे।
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जजी के एक गेट पर चेकिंग का वकीलों ने किया था विरोध
बिजनौर। पुलिस ने एक माह पूर्व मंडावर रोड स्थित जजी के गेट को बंद करने का प्लान बनाया था। इसी के तहत जजी में चेकिंग अभियान शुरू किया गया। इसका अधिवक्ताओं ने विरोध किया और पुलिस के साथ मारपीट भी की। इस मामले में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस मान रही है कि अगर अधिवक्ता उस गेट को बंद होने देते और चेकिंग का विरोध नहीं करते तो यह दिक्कत नहीं होती।
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