बिजनौर: एक्शन में स्वास्थ्य विभाग, दो दिन में 30 अस्पतालों पर लगाई सील, डॉक्टरों में मचा हड़कंप
Bijnor News : बिजनौर जनपद में स्वास्थ्य विभाग एक्शन में आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में 30 अस्पतालों पर कार्रवाई कर सील किया है।
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बिजनौर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अपंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध अभियान छेड़ रखा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 18 अस्पतालों पर कार्रवाई की। इनमें 13 अस्पतालों की केवल ओटी और पांच अस्पतालों को पूरी तरह सील कर दिया गया। इन अस्पतालों में बिना चिकित्सक प्रसव और अन्य सर्जरी के काम किए जा रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले दो दिनों में 30 अस्पतालों पर कार्रवाई कर सील किया है। सोमवार को चांदपुर में 10 अस्पताल की ओटी और नजीबाबाद क्षेत्र में दो अस्पताल सील किए गए थे। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। हल्दौर क्षेत्र में डिप्टी सीएमओ डॉ. अनिल कुमार सिंह ने रिटायर्ड एएनएम उषा क्लीनिक, राणा नर्सिंग होम, फैमिली हेल्थ केयर, संवेदना नर्सिंग होम, हर्षित नर्सिंग होम, चौधरी नर्सिंग होम, डॉ. अरशद की ओटी सील की गई है। जबकि जिया हेल्थ केयर का पूरी तरह से सील किया गया। अस्पताल संचालक न तो क्लीनिक का कोई कागज दिखा पाया।
धामपुर क्षेत्र में डिप्टी सीएमओ डॉ. देवीदास ने दो अस्पतालों और पांच अस्पतालों की ओटी सील की। साईं हेल्थ केयर, बीना गुप्ता दुर्गा विहार कॉलोनी, रिजवाना यासीन क्लीनिक धामपुर, कृष्णा क्लीनिक और अमृतधारा अस्पताल फुलसंदा की ओटी को सील किया गया। वसीम अहमद हेल्थ केयर एंड पैथोलॉजी लैब, सिमरा हेल्थ केयर धामपुर को सील लगाई गई। नूरपुर क्षेत्र के गांव भवानीपुर में एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा ने एजाज हेल्थ केयर सेंटर को सील किया। अस्पताल में छह मरीजों को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही थी। इसके अलावा बिजनौर में डॉ. देवेंद्र कुमार ने चांदपुर की चुंगी स्थित क्लीनिक और गांव गैवलीपुर में क्लीनिक सील किया।
अगले सप्ताह अप्रशिक्षितों के खिलाफ चलेगा अभियान
जिले में अपंजीकृत अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक अप्रशिक्षित चिकित्सकों और अपंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों को चिह्नित किया जा रहा है।
कमिश्नर ने दिए आदेश तो जागा विभाग
जिले में पिछले एक माह में प्रसव के दौरान कई मौत हो चुकी है। लगातार हंगामे हुए तो कुछ में फैसला हो गया। अधिकांश में या तो अस्पताल अपंजीकृत थे या फिर कई में ओटी तो चल रही थी, लेकिन पंजीकृत चिकित्सक नहीं थे। इसकी खबर मंडल तक पहुंची तो कमिश्नर ने कार्रवाई के आदेश दे दिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार अब तक यह किसकी मिलीभगत से चल रहे थे।
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जिले की सभी तहसीलों में बिना पंजीकरण और अप्रशिक्षित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। ये लोग मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। अस्पतालों में सुविधा नहीं होने के बावजूद प्रसव कराया जा रहा है। - डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ, बिजनौर
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